कवर स्टोरी

एआइ का खतरा
रक्षा से लेकर बुनियादी ढांचे तक हमारी तमाम प्रणालियों में एआइ के शामिल होने के साथ स्वायत्त एजेंट सुरक्षा उपायों के बिना भारी तबाही मचा सकते हैं. इस संभावना से निबटते हुए इसकी क्षमता का फायदा उठाने के लिए भारत को क्या करना होगा

साख पर संकट
देश की शीर्ष निर्वाचन संस्था के भीतर मची खींचतान और न्यायिक समीक्षा के दायरे में आई कार्यप्रणाली ने इसकी निष्पक्षता, ईमानदारी और पारदर्शिता पर उठाए सवाल. आखिर कैसे बहाल हो इसमें आम जन का भरोसा

शिक्षा और रोजगार में नहीं मेल
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था को जिन हुनरमंद कामगारों की जरूरत है, उन्हें तैयार करने में हमारी पुरानी पड़ चुकी उच्च शिक्षा व्यवस्था नाकाम क्यों

नया समीकरण
गलवान घाटी झड़प के बाद रिश्तों में जमी बर्फ के बाद मोदी और शी संबंधों की शर्तें नए सिरे से तय करने की ओर बढ़े लेकिन विवादास्पद सीमा और व्यापार के टकराव डाल सकते हैं खलल

आपके खाने में छिपे खतरे
डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों पर गुमराह करने वाले दावों की अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट ने एफएसएसएआइ को लगाई झाड़. 140 अरब डॉलर वाली भारत की फूड प्रोसेस इंडस्ट्री को उसने साफ कहा कि हर उत्पाद के घटकों का साफ-साफ ब्योरा लिखा जाए

दर्जन भर नए खलनायक
सेहतमंद होने के कंपनियों के बड़े-बड़े दावे वाले जिन फूड प्रोडक्ट्स को हम चाव से खा रहे, उनमें कितने तरह के हानिकारक एडिटिव और प्रिजर्वेटिव भरे पड़े

ग्लेशियरों से उपजी बाढ़ : भारत पर खतरा क्यों
नेपाल में आई तबाही ने स्पष्ट कर दिया कि हिमालय की तलहटी वाले भारत के नाजुक प्रदेश भी ऐसी त्रासदियों की दहलीज पर खड़े. उस जोखिम से निबटने के क्या हैं उपाय

क्या वे बदलाव ला सकते हैं?
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने एजेंडे को विस्तार दिया और पहुंच बढ़ा रही लेकिन एक बड़ी सियासी ताकत के रूप में उभर पाने से पूर्व वह कई अहम चुनौतियों से दो-चार

सबल, सफल और शक्ति स्वरूपा
दमखम वाली ऐसी 50 महिलाओं का पूरा एक दल जो अपनी जिद और हौसले के बूते अगुआ बनकर उभरीं. ये वे चेहरे हैं जिनकी उपलब्धियां पूरे भारत की महिलाओं के लिए मानक बन सकती हैं और देश के लिए उम्मीद की किरण भी

अंडे पर खींचतान
सोलह राज्यों ने मिड-डे मील में अंडा परोसने से इनकार किया. ऐसे में दुनिया की इस तरह की सबसे बड़ी योजना बच्चों के पोषण को मानकों के अनुरूप न रखने को लेकर आलोचनाओं के घेरे में है

आगे बड़ी चुनौतियां
नीट विवाद के अलावा राजनीति, अर्थव्यवस्था और राजकाज से जुड़े छह और मुद्दे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व की परीक्षा लेने जा रहे

उठी एक बड़ी लहर
दिल्ली के जंतर-मंतर से उठती आवाजें, वहां की गंध और माहौल पर जमीनी रपट

नई पीढ़ी का मन खट्टा क्यों
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के विफल होते संस्थानों से मोहभंग ने जेन ज़ी को सड़कों पर उतरने को बाध्य कर दिया.

जेन ज़ी का आक्रोश
परीक्षाओं के पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ था एक विरोध प्रदर्शन. धीरे-धीरे बढ़ते हुए वह किस तरह से बन गया उसके लिए मोदी सरकार से जवाब मांगने वाला युवाओं का पूरा एक आंदोलन.

सियासी घमासान
फिल्म सतलज ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पंजाब के विवादित अतीत को चुनावी मुद्दा बना दिया.

पंजाब का वह अंधकार भरा दशक
जून 1984 में ऑपरेशन ब्लूस्टार, उसी साल 31 अक्तूबर को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और उसके बाद सिख-विरोधी कत्लेआम ने उग्रवादियों को नए रंगरूट भर्ती करने के लिए जरूरी ताकतवर हथियार दे दिया

सतलज : क्या है पूरा सच
प्रतिबंधित फिल्म ने पंजाब में ऑपरेशन ब्लूस्टार के बाद न्यायेतर ढंग से मारे गए लोगों के प्रकरण से परदा उठाया.

भारत में अब सहमति का एक चार्टर क्यों है जरूरी
इंडिया टुडे-रेकिट का सर्वे दिखाता है कि परस्पर सम्मान की संस्कृति गढ़ने के लिए सहमति, गरिमा और आपसी समझ का एक साझा राष्ट्रीय ढांचा क्यों है आवश्यक

अभी चाहिए और अधिकार
महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है लेकिन सार्वजनिक जगहों, कार्यस्थलों और डिजिटल स्पेस में गैर-सहमति वाले यौन व्यवहार को खत्म करने के लिए हमें सुरक्षा का बोझ महिलाओं के शरीर से हटाकर पितृसत्ता की संस्थाओं पर डालना होगा.

हर कदम पर डोलता खतरा
सार्वजनिक जगहों, कार्यस्थलों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का दायरा लांघने में कसर नहीं छोड़ी जाती. ऊपर से उत्पीड़न, सत्ता की ताकत का डर, निजता हनन और जबरन थोपी चुप्पी का अटूट सिलसिला.
