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केरल चुनाव के नतीजे से पहले ही कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर मचा घमासान
मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही यह बहस कांग्रेस में फिर से गुटबाजी उभरने का इशारा करती है

VIP कल्चर या नियमों का मखौल! मंत्री के निजी समारोह में गार्ड ऑफ ऑनर पर उठे सवाल
राजस्थान में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा की बेटी की शादी के दौरान सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से लेकर गार्ड ऑफ ऑनर के नियम तोड़े जाने तक के आरोप लग रहे हैं

रिचार्ज के बाद भी अंधेरा कायम! योगी सरकार के लिए सिरदर्द बने प्रीपेड स्मार्ट मीटर
स्मार्ट मीटर पर बढ़ती शिकायतें, जिलों में विरोध और विपक्ष के हमलों ने मुद्दे को सियासी रंग दिया, 2027 चुनाव से पहले योगी सरकार के लिए चुनौती बढ़ती दिख रही है

पश्चिम बंगाल में वोटरों के नाम हटाने पर संदेह क्यों बढ़ता जा रहा है?
SIR में मृत लोगों के नाम नियमित रूप से हटाए जाते हैं, लेकिन बंगाल में जीवित मतदाताओं के नाम असमान्य रूप से बहुत अधिक संख्या में हटाए गए हैं

गुर्दा बाजार के ये बेशर्म गुर्गे
गरीबों और पैसे की चाह वालों को फांस रहा शातिर डॉक्टरों और दल्लों का नेटवर्क. उनके गुर्दे अमीरों को महंगे बेच कर रहा मोटी कमाई. कई अस्पतालों की भूमिका संदेह के घेरे में.

दमदार है इस बार भाजपा का दांव
बूथ स्तरीय समितियां ज्यादा मजबूत हुईं, गुटबाजी घटी और पार्टी संगठन पर भरोसा भी बढ़ा. पर बंगाल में गहरी जड़ें जमाए तृणमूल कांग्रेस को उखाड़ फेंकने के वास्ते क्या इतना ही पर्याप्त होगा भारतीय जनता पार्टी के लिए?

ओडिशा की वोटर लिस्ट पर छिड़ी राजनीतिक लड़ाई के बीच आया चुनाव आयोग!
ओडिशा की वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम कटने को जहां कांग्रेस-BJD साजिश बता रहे हैं तो वहीं BJP कह रही है कि इनमें से ज्यादातर लोग घुसपैठिए थे

गन्ना किसानों के करोड़ों रुपए का भुगतान फिर अटका; हर साल ऐसा क्यों होता है?
इस बार पश्चिमी यूपी के छह सबसे बड़े गन्ना उत्पादक जिलों की चीनी मिलों पर किसानों का लगभग 1878 करोड़ रुपए बकाया है और कमबेश ऐसे हालात हर साल ही बनते हैं

मौत की धूल पर मुनाफे का खेल
राजस्थान में सिलिकोसिस घोटाले ने सरकारी सिस्टम की क्रूरता उजागर की

रील बनाने वालों पर कसी लगाम!
हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया पर निजी वीडियो डालना अब मुश्किल. पहनावा भी अब नियम-कायदे से.

मौत के आगोश में हर तीसरा शिशु
बिहार में संसाधनों और ट्रेनिंग की कमी, बुरा रख-रखाव, और दूर-दराज के इलाकों में चिकित्सा सेवाओं की कमी का खामियाजा नवजात भुगत रहे. पिछले साल गई 1,400 की जान.

महिला आरक्षण : क्या योगी आदित्यनाथ की रणनीति ने सपा-कांग्रेस को फंसा दिया है?
महिला आरक्षण के मुद्दे पर 21 अप्रैल को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निकली जनाक्रोश यात्रा, 30 अप्रैल को यूपी विधानसभा के विशेष सदन और 28 को मोदी की रैली के जरिए भी उठेगा मसला

राजस्थान रिफाइनरी की चमक में दफन 600 साल पुरानी नमक की विरासत
राजस्थान के पचपदरा में जहां रिफाइनरी बनी है, वहां इससे पहले नमक की खदानें हुआ करती थीं और यह नमक अपनी गुणवत्ता की वजह से पूरी दुनिया में पहचाना जाता था

BJP की बंगाल रणनीति : अमित शाह ने हर बूथ के लिए तैयार की 'साइलेंट स्ट्रेटजी'
BJP का चुनाव प्रचार बयानबाजी से ऊपर गणित को प्राथमिकता देता है. पार्टी क्षेत्रवार रणनीति बनाती है और हर बूथ पर मिलने वाले एक-एक अतिरिक्त वोट को बेहद महत्वपूर्ण मानती है

I-PAC मामले में ममता बनर्जी और BJP के बीच छिड़ी नैरेटिव की लड़ाई
I-PAC विवाद की एक व्यापक राजनीतिक पृष्ठभूमि है. यह फर्म TMC की चुनावी रणनीति से गहराई से जुड़ी रही है इसलिए इस पर ED की कार्रवाई भी चुनावी मुद्दा बन रही है

चाय से गरमाई यूपी की राजनीति; फतेहपुर से लखनऊ तक दिख रहा असर
फतेहपुर की एक चाय की गुमटी से उठा विवाद प्रशासनिक कार्रवाई, मारपीट और आरोप-प्रत्यारोप के बीच सपा-BJP की सियासत का नया रण बना, जहां छोटे मुद्दे भी बड़े राजनीतिक संदेश में बदल गए

पीएम मोदी को करना था उद्घाटन, एक दिन पहले धधकी रिफाइनरी! क्या जल्दबाजी पड़ गई भारी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे लेकिन आग लगने के हादसे की वजह से यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है

BJP के लिए गंगा एक्सप्रेसवे बन सकता है राजनीतिक कॉरिडोर!
गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी, निवेश और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा; चुनाव से पहले उद्घाटन के जरिए योगी सरकार विकास को राजनीतिक बढ़त में बदलने की कोशिश में जुटी

तमिलनाडु में BJP ने आक्रामकता छोड़ गठबंधन के गणित से बनाई रणनीति
के. अन्नामलाई को नियंत्रित करके, सहयोगी AIADMK को रियायतें देकर और विजय को चुनावी वोट बांटने का मौका देकर, BJP फिलहाल मामूली फायदा लेकिन दीर्घकालिक भविष्य पर नजर रख रही है

डिजिटल सिस्टम, लेकिन किसान बेदम; यूपी में पिछले साल से आधी हुई गेहूं की खरीद!
यूपी में बोरों की कमी, तकनीकी खामियां और फार्मर रजिस्ट्री के चलते किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच पा रहे
