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जट्ट बनाम जत्थेदार
धार्मिक सत्ता और राज्य प्रशासन के बीच वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मुख्यमंत्री मान ने भले ही थोड़ा सतर्क रुख अपना लिया हो मगर गरगज के साथ उनका टकराव अब भी जारी

सर्पदंश से मौतों में कर्नाटक क्यों आगे
सांप काटने को दर्ज किए जाने योग्य बीमारी घोषित करने वाला पहला राज्य कर्नाटक अब तकरीबन 100 फीसद मामलों को रिपोर्ट कर रहा

वायनाड में लापरवाही का मलबा
भयंकर आपदाओं के बाद भी राज्य ने नहीं लिया उनसे कोई सबक

सियासी सबक सीखते निशांत
लगातार हो रही पीआर फजीहत के बीच जद (यू) के युवराज निशांत कुमार की नई छवि गढ़ने की जिम्मेदारी अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संभाली

विरासत का विस्तार
विरासत, शोध और पहचान के नए दौर की ओर भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान

कैसे भटका राजस्थान क्रिकेट का रास्ता
आरसीए की अस्थायी समिति को भंग करने का हाइकोर्ट का फैसला उस व्यवस्था पर करारा प्रहार जिसने देश के सबसे प्रभावशाली राज्य क्रिकेट संघों में से एक को सियासी वर्चस्व, अंतहीन मुकदमेबाजी और प्रशासनिक नाकामियों के दलदल में धकेल दिया

पूरी तरह समान नहीं यह संहिता
उत्तराखंड और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश ने भी बनाया समान नागरिक संहिता का कानून. मगर राज्य के आदिवासी समुदायों को रखा गया इसके दायरे से बाहर

ताकत दिखाने को तैयार पवार
क्या एनसीपी (एससीपी) भाजपा से हाथ मिलाने जा रही? सियासी हवा और पर्दे के पीछे जारी बातचीत में तो ऐसा ही इशारा है. शिंदे इसके लिए तैयार कर रहे जमीन

धनगर आरक्षण पर रार
गोवा में एसटी आरक्षण को लेकर चुनौतियों से घिरी भाजपा सरकार

SC कोटे में सब-कोटे पर फडणवीस सरकार कैसे साध रही संतुलन?
SC कोटे में सब-कोटे की मांग को लेकर मातंग और बौद्ध दलित समूहों के बीच खींचतान बढ़ी है. महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि सभी पक्षों को सुनने के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा.

तालीम पर बुलडोजर या सियासत का वार?
रामपुर में जौहर विवि के 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश, छात्रों का आंदोलन, इसे चलाने वाले ट्रस्ट पर जांच एजेंसियों का शिकंजा और सिर पर आ पहुंचा 2027 का विधानसभा चुनाव. आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट और सियासत सब संकट में

जयपुर मार्च के लिए करणी सेना ने टकराव की जगह शांत पदयात्रा क्यों चुनी?
UGC के नए नियमों के विरोध में निकली करणी सेना की पदयात्रा पुलिस कार्रवाई के बावजूद शांतिपूर्ण रही. इस बदले हुए तेवर को संगठन की नई राजनीतिक रणनीति और व्यापक जनसमर्थन जुटाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है

सिर्फ तीन साल में कैसे बिखर गया अतीक अहमद का कुनबा?
अतीक-अशरफ की हत्या से शुरू हुआ परिवार के बिखरने का सिलसिला अब आबान की मौत तक पहुंच चुका है. तीन साल में एक बेटा एनकाउंटर में मारा गया, दो जेल में हैं, एक की सड़क हादसे में मौत हो गई और परिवार की कई महिलाएं अब भी फरार हैं

JPSC विवाद कैसे बन गया झारखंड का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन?
JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब झारखंड का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन बन चुका है और सरकार दबाव में दिख रही है

ग्लास्गो में मिली सफलता के बीच यूपी के खेल मॉडल पर उठे सवाल
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व सिर्फ दो खेलों तक सिमट गया. गुलवीर सिंह और अस्मिता डे ने पदकों से प्रदेश का मान बढ़ाया लेकिन अधिकांश खेलों से खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी ने खेल तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए

संभल हिंसा पर आयोग की रिपोर्ट कैसे बदलेगी पश्चिमी यूपी का चुनावी समीकरण?
संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट अब सिर्फ एक जांच दस्तावेज नहीं रह गई बल्कि इसके निष्कर्ष विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ध्रुवीकरण, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही की बहस को नई धार दे सकते हैं

अपने देसी आमों की विरासत कैसे बचा रहा गोवा?
अल्फांसो जैसी व्यावसायिक किस्मों के बढ़ते वर्चस्व के बीच कई देशी आम विलुप्ति की कगार पर पहुंच गए हैं. गोवा सरकार अब उनके जर्मप्लाज्म के संरक्षण और बड़े पैमाने पर खेती की तैयारी में जुटी है

शुभेंदु अधिकारी के बयान से TMC में एक और टूट की अटकलें
पूर्व TMC सांसदों से मुलाकात के बाद शुभेंदु अधिकारी के रहस्यमयी बयान ने पश्चिम बंगाल में दल-बदल और नए सियासी समीकरणों को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं

गुजरात के मांजलपुर में BJP की जीत हुई लेकिन वोट शेयर दे रहे अलग संकेत!
सीधे मुकाबले में BJP का वोट शेयर 2022 के मुकाबले 8.5 प्रतिशत अंक घटा जबकि कांग्रेस का 18 प्रतिशत अंक बढ़ा. इससे मतदाताओं के रुझान का संकेत मिलता है

सम्राट चौधरी और BJP के लिए किस खतरे की चेतावनी है बांकीपुर की हार?
प्रशांत किशोर ने दिखा दिया है कि बिहार में BJP विरोधी मतदाताओं और NDA से नाराज समर्थकों का गठजोड़ चुनावी तौर पर बनाया जा सकता है
