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न किसान, न जमीन, फिर भी पा गए पीएम किसान सम्मान निधि!
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राजस्थान में एक हजार करोड़ रुपए का घोटाला सामने आने के बाद सरकार ने करीब छह लाख लोगों की किस्त रोकी

दुनिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट लगना था ओडिशा में, चला गया आंध्र प्रदेश! आखिर क्यों?
आर्सेलर मित्तल-निप्पॉन स्टील इंडिया1.24 लाख करोड़ रुपए की लागत से ओडिशा में एक स्टील प्लांट लगाने वाली थी लेकिन कई कारोबारी अड़चनों की वजह से उसने अपना फैसला बदल लिया

केरल चुनाव के नतीजे सभी दलों के लिए चौंकाने वाले क्यों हो सकते हैं?
केरल विधानसभा चुनाव में एक ओर जहां कांग्रेस सत्ता विरोधी लहर के भरोसे जीत का दावा कर रही है. वहीं, BJP भी कम-से-कम 8 सीटों को जीतने की कोशिश में है

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजस्थान में क्यों गरमाया धर्मांतरण का मुद्दा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई बन गया है तो वो अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के तहत मामला दर्ज नहीं करवा सकता

जीवित बेटी का मृत्यु भोज! यह मामला राजस्थान में जाति व्यवस्था के बारे में क्या बताता है?
राजस्थान जैसे परंपराओं से बंधे समाज में प्यार और शादी सिर्फ दिल का मामला नहीं है, इसे जाति की कसौटी पर भी खरा उतरना पड़ता है

बच्चे, तीन अच्छे! क्या है मोहन भागवत के बयान के सियासी मायने?
तीन बच्चों की वकालत के जरिए मोहन भागवत ने जनसंख्या, घुसपैठ और पहचान की बहस को आपस में जोड़ दिया है

ओडिशा में माइनिंग से कैसे तबाह हुआ हजारों एकड़ का ग्रीन कवर?
ओडिशा में बीते दस सालों के दौरान करीब 35 हजार एकड़ जंगल की जमीन माइनिंग के लिए दी गई और 17 लाख से ज्यादा पेड़ काटे गए

कैंपस में मजारों पर तने तेवर
राजधानी लखनऊ और सीमावर्ती बहराइच के शिक्षा संस्थानों में धार्मिक ढांचों पर कार्रवाई से विवाद तेज. छात्र संगठनों, प्रशासन और धार्मिक प्रतिनिधियों के आमने-सामने आने से परिसर अब कानूनी और सामाजिक बहस का केंद्र बने

पिएंगे पर चुनिंदा लोग
गिफ्ट सिटी को प्रयोग के तौर पर थोड़ी ढील मिली, लेकिन शराबबंदी को लेकर राज्य में अलग-अलग तरह की मांगों को साधना सरकार के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है

BJP किस ताकत के दम पर पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का मन बना रही?
BJP पंजाब में शिरोमणी अकाली दल (SAD) की अगुवाई में चुनाव लड़ती रही है लेकिन अब अमित शाह ने संकेत दिया है कि पार्टी अगला चुनाव अकेले लड़ेगी

दक्षिण में दांवपेच शुरु
खास चेहरे गायब, रूठे हुए दिग्गज और नए वारिसों का जत्था केरल के चुनावी मोर्चे पर बढ़ा रहा गरमी

आप को नई सियासी संजीवनी
दिल्ली की एक अदालत ने कथित शराब घोटाले पर सीबीआइ के आरोपों को सिरे से खारिज किया. आप और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल को मिला मतदाताओं का भरोसा फिर से हासिल करने का नैतिक बल मिला है

मायने नीतीश की विदाई के
जद (यू) के महारथी के राज्यसभा की राह पकड़ने के साथ ही बिहार ऐतिहासिक सियासी हस्तांतरण का साक्षी बनता दिख रहा. इसे मंडल युग पर गिरते पर्दे के साथ भगवा युग की शुरुआत मानी जा रही है

अपने बुझ रहे दीये का इल्जाम किस पर डालना चाह रही है बिहार कांग्रेस?
कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के सामने बाहरी विरोध से ज्यादा अपनों को एकजुट रखने की चुनौती

छत्तीसगढ़ के नए धर्मांतरण विरोधी कानून में कौन-कौन से प्रावधान हैं?
छत्तीसगढ़ ने धार्मिक धर्मांतरण को रोकने के लिए दूसरी बार कानून बनाया है. 2026 का यह कानून पहले से ज्यादा कठोर है, जिसमें धोखाधड़ी से धर्मांतरण गैर-जमानती अपराध है

जब्त पैसे में हेराफेरी को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस पर क्यों उठ रहे सवाल?
सिवनी के बाद अब गुना में मध्य प्रदेश पुलिस को जांच के दौरान एक गाड़ी में 1 करोड़ रुपए मिले, जिसमें से 20 लाख रुपए अपने पास रखकर पुलिस ने गाड़ी को जाने की इजाजत दे दी

छोटी कंपनी, बड़ा MoU पर कैसे घिर गई योगी सरकार
एक छोटे से स्टार्टअप के साथ 25,000 करोड़ के MoU पर सवाल, सोशल मीडिया पर मुद्दा उछलने के बाद सरकार की किरकिरी, निवेश दावों और प्रक्रियाओं पर खड़े हुए बड़े सवाल

TMC के 'वेलफेयर' प्रयोग कैसे ममता सरकार की कामयाब नीतियां बनकर उभरे?
'दुआरे चिकित्सा' (घर-घर स्वास्थ्य) जैसे चुनावी वादे दिखाते हैं कि ममता बनर्जी की रणनीति ऐसी गवर्नेंस देने की है जो लोगों तक पहुंच, डिलीवरी और विजिबिलिटी पर टिकी हो

ओडिशा होगा सबसे पहले माओवाद मुक्त! 15 नक्सलवादी, 7 दिन की डेडलाइन
देशभर से माओवाद के खात्मे की डेडलाइन 31 मार्च तय की गई है. छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुकाबले ओडिशा के लिए एक हफ्ते में यह लक्ष्य हासिल करना ज्यादा आसान लग रहा है

रेवंत रेड्डी की अनोखी 'लाइफ कवर' स्कीम क्या उनकी लोकप्रियता का बीमा कर पाएगी?
तेलंगाना के 2026-27 के बजट में और ज्यादा 'फ्रीबीज' दी गई हैं. इसका मकसद लोकलुभावन कदमों के जरिए हालिया चुनावी जीतों को और मजबूत करना है. कांग्रेस इन्हीं वादों के दम पर सत्ता में आई थी
