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स्पेशल

"दुनिया भर के आर्टिस्ट्स को सुनते हैं, लेकिन अपनी जड़ें कभी नहीं भूलते"

3 अप्रैल 2026

अरुणाचल प्रदेश की ऑल गर्ल पॉप बैंड की मेंबर्स ने इंडिया टुडे से बात की. उन्होंने कहा, "नॉर्थईस्ट में बहुत सारी विविध संस्कृतियाँ हैं. हमें उम्मीद है कि संगीत और कला के जरिए इस विविधता के प्रति लोगों की उत्सुकता बढ़ेगी."

यह दौर है व्यक्ति केंद्रित तंत्र का

3 अप्रैल 2026

इंडिया टुडे समूह की वाइस चेयरपर्सन और कार्यकारी प्रधान संपादक कली पुरी, ने कहा कि लोकतंत्र और न्यूजरूम तब मजबूत होते हैं, जब वे विवादित व्यक्तियों के सामने चुप्पी साध लेने के बजाय उनसे सवाल करते हैं और उन्हें चुनौती देते हैं

जोड़ी नंबर 1

3 अप्रैल 2026

संजू सैमसन को झटके और जरा पहले लगे. जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब सीरीज के बाद भारत के विश्व कप एकादश में उनकी जगह संदेहों से घिर गई.

सदाबहार हीरो

3 अप्रैल 2026

अक्षय कुमार ने कहा, "मैं साल में चार फिल्में कर पाता हूं. मैं रविवार की छुट्टी लेता हूं और हर तीन महीने में एक हफ्ते की लंबी छुट्टी भी.’’

हर मौसम में फबता सूबेदार

3 अप्रैल 2026

अनिल कपूर ने कहा, "नया जानने की चाहत बनाए रखें. मैं अच्छा श्रोता हूं और उन लोगों को ध्यान से सुनता हूं जो कहीं ज्यादा समझदार, कहीं ज्यादा अक्लमंद हैं.’’

ये रहे सूत्र आपकी उम्दा सेहत के

3 अप्रैल 2026

भारत में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. डायबिटीज पहले ही काफी फैल चुकी है और दिल से जुड़े खतरे भी चिंता का विषय हैं

आप मानवता एआइ को आउटसोर्स नहीं कर सकते

3 अप्रैल 2026

एकांत और नीरवता थोपे जाने पर भी त्रासद नहीं लगते. हमारी कितनी ही महान किताबें तब लिखी गईं जब उनके लेखक कैद में थे, वे नेहरू की हों या मंडेला की

अरबपति बेटे की परवरिश का फॉर्मूला

3 अप्रैल 2026

कई लोग मतलबी होते हैं, आप उन्हें नहीं बदल सकते. आप कितने ही विनम्र रहें, वे वैसे ही संवेदनहीन रहेंगे. उन्हें अपनी जिंदगी से निकाल दीजिए

आया रोबोटिक चेला डॉक्टर का

3 अप्रैल 2026

भारत दुनिया की डायबिटीज राजधानी है. उसे उचित नीतिगत दिशा-निर्देशों की जरूरत है. वे बताते हैं, ''मैं अपने मरीजों को ज्यादा से ज्यादा सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करता हूं.

ऐ! जरा होश में

3 अप्रैल 2026

मेरिडिथ व्हिटेकर प्रेसिडेंट, सिग्नल फाउंडेशन कहती हैं कि सिग्नल उन गिने-चुने मैसेजिंग ऐप्स में है, जो यूजर्स का कोई डेटा स्टोर नहीं करता. इसलिए जब कानून लागू करने वाली एजेंसियां भी जानकारी मांगती हैं, तो सिग्नल मदद नहीं कर पाता.

अब जंगजुओं को उतारने की जरूरत ही नहीं

3 अप्रैल 2026

आम राय यह थी कि भारत को एआइ से जोड़ने में तेजी लाने, खरीद में सुधार करने और बड़े पैमाने पर मजबूत रक्षा-टेक इकोसिस्टम बनाने की जरूरत है.

बिजली की सी रफ्तार से

3 अप्रैल 2026

दिल्ली की परिवहन अधिकारी निधि सरोहे ने तीन बड़ी बाधाओं का जिक्र किया: गाड़ियों की कीमत ज्यादा होना, कमजोर चार्जिंग ढांचा और ग्राहकों के भरोसे में कमी.

बदलते काल संग कदमताल

3 अप्रैल 2026

अक्षय ऊर्जा के मामले में एटी कैपिटल के चेयरमैन अरविंद टिक्कू ने कहा कि सोलर और बैटरियों के लिए चीन पर निर्भरता से नई तरह की कमजोरी पैदा होती है.

यह तो चमकता ही रहेगा

3 अप्रैल 2026

स्वर्णिम भारत 2047 पहल के तहत यह उद्योग अपनी भूमिका तय कर रहा है, ऐसे में भारत की लगभग एक तिहाई सोने की मांग अगले दशक में अधिक खनन के जरिए देश में ही पूरी की जा सकती है.

बदलाव पलक झपकने की रफ्तार से

3 अप्रैल 2026

कनाडा के बिजनेसमैन सलीम इस्माइल कहते हैं कि किसी कंपनी में कोई क्रांतिकारी विचार तभी पनप सकता है जब उस कंपनी के भीतर मौजूद 'प्रतिरोधी तंत्र’ का मुकाबला किया जा सके.

पूरी रफ्तार से प्रगति

3 अप्रैल 2026

कारोबार में कोई कदम न उठाना गलती करने से अधिक नुक्सानदेह होता है; निर्णायक कदम उठाना, भले ही वह पूरी तरह से ठीक न हो, संगठन के लिए बेहद जरूरी है

अपने संसाधनों की खोज-खबर

3 अप्रैल 2026

अनिल अग्रवाल ने बार-बार उन बातों की ओर इशारा किया जिन्हें वे गहरी जड़ें जमा चुकी ढांचागत कमियों, मंजूरी में देरी, जरूरत से ज्यादा नियम-कायदों और निजी उद्यमों पर संस्थागत भरोसे की कमी मानते हैं.

कांग्रेस की रणनीति का क ख ग

3 अप्रैल 2026

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भगवा पार्टी पर आरोप लगाया कि वह हर संस्था का अपने राजनैतिक विरोधियों के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है, और यह भी कि चुनाव आयोग भी उनके साथ मिला हुआ है.

दक्षिण का महामुकाबला

3 अप्रैल 2026

तमिलाची ने जहां स्टालिन के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर नहीं होने का दावा किया, वहीं तमिलिसाई ने कहा कि एनडीए सत्ता-विरोधी लहर के कारण ही जीत हासिल करेगा.

संपादकों की मास्टरक्लास

3 अप्रैल 2026

हर स्टोरी को तीन कसौटियों पर खरा उतरना होता है: अभी क्यों, इसे पढ़ेगा कौन, और आगे क्या. हमारा काम यह सवाल करना है कि क्या स्टोरी लुटियंस सर्कल से बाहर निकलती है और देशभर के पाठकों के लिए उसका कोई मायने है?

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