स्पेशल

"दुनिया भर के आर्टिस्ट्स को सुनते हैं, लेकिन अपनी जड़ें कभी नहीं भूलते"
अरुणाचल प्रदेश की ऑल गर्ल पॉप बैंड की मेंबर्स ने इंडिया टुडे से बात की. उन्होंने कहा, "नॉर्थईस्ट में बहुत सारी विविध संस्कृतियाँ हैं. हमें उम्मीद है कि संगीत और कला के जरिए इस विविधता के प्रति लोगों की उत्सुकता बढ़ेगी."

यह दौर है व्यक्ति केंद्रित तंत्र का
इंडिया टुडे समूह की वाइस चेयरपर्सन और कार्यकारी प्रधान संपादक कली पुरी, ने कहा कि लोकतंत्र और न्यूजरूम तब मजबूत होते हैं, जब वे विवादित व्यक्तियों के सामने चुप्पी साध लेने के बजाय उनसे सवाल करते हैं और उन्हें चुनौती देते हैं

जोड़ी नंबर 1
संजू सैमसन को झटके और जरा पहले लगे. जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब सीरीज के बाद भारत के विश्व कप एकादश में उनकी जगह संदेहों से घिर गई.

सदाबहार हीरो
अक्षय कुमार ने कहा, "मैं साल में चार फिल्में कर पाता हूं. मैं रविवार की छुट्टी लेता हूं और हर तीन महीने में एक हफ्ते की लंबी छुट्टी भी.’’

हर मौसम में फबता सूबेदार
अनिल कपूर ने कहा, "नया जानने की चाहत बनाए रखें. मैं अच्छा श्रोता हूं और उन लोगों को ध्यान से सुनता हूं जो कहीं ज्यादा समझदार, कहीं ज्यादा अक्लमंद हैं.’’

ये रहे सूत्र आपकी उम्दा सेहत के
भारत में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. डायबिटीज पहले ही काफी फैल चुकी है और दिल से जुड़े खतरे भी चिंता का विषय हैं

आप मानवता एआइ को आउटसोर्स नहीं कर सकते
एकांत और नीरवता थोपे जाने पर भी त्रासद नहीं लगते. हमारी कितनी ही महान किताबें तब लिखी गईं जब उनके लेखक कैद में थे, वे नेहरू की हों या मंडेला की

अरबपति बेटे की परवरिश का फॉर्मूला
कई लोग मतलबी होते हैं, आप उन्हें नहीं बदल सकते. आप कितने ही विनम्र रहें, वे वैसे ही संवेदनहीन रहेंगे. उन्हें अपनी जिंदगी से निकाल दीजिए

आया रोबोटिक चेला डॉक्टर का
भारत दुनिया की डायबिटीज राजधानी है. उसे उचित नीतिगत दिशा-निर्देशों की जरूरत है. वे बताते हैं, ''मैं अपने मरीजों को ज्यादा से ज्यादा सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करता हूं.

ऐ! जरा होश में
मेरिडिथ व्हिटेकर प्रेसिडेंट, सिग्नल फाउंडेशन कहती हैं कि सिग्नल उन गिने-चुने मैसेजिंग ऐप्स में है, जो यूजर्स का कोई डेटा स्टोर नहीं करता. इसलिए जब कानून लागू करने वाली एजेंसियां भी जानकारी मांगती हैं, तो सिग्नल मदद नहीं कर पाता.

अब जंगजुओं को उतारने की जरूरत ही नहीं
आम राय यह थी कि भारत को एआइ से जोड़ने में तेजी लाने, खरीद में सुधार करने और बड़े पैमाने पर मजबूत रक्षा-टेक इकोसिस्टम बनाने की जरूरत है.

बिजली की सी रफ्तार से
दिल्ली की परिवहन अधिकारी निधि सरोहे ने तीन बड़ी बाधाओं का जिक्र किया: गाड़ियों की कीमत ज्यादा होना, कमजोर चार्जिंग ढांचा और ग्राहकों के भरोसे में कमी.

बदलते काल संग कदमताल
अक्षय ऊर्जा के मामले में एटी कैपिटल के चेयरमैन अरविंद टिक्कू ने कहा कि सोलर और बैटरियों के लिए चीन पर निर्भरता से नई तरह की कमजोरी पैदा होती है.

यह तो चमकता ही रहेगा
स्वर्णिम भारत 2047 पहल के तहत यह उद्योग अपनी भूमिका तय कर रहा है, ऐसे में भारत की लगभग एक तिहाई सोने की मांग अगले दशक में अधिक खनन के जरिए देश में ही पूरी की जा सकती है.

बदलाव पलक झपकने की रफ्तार से
कनाडा के बिजनेसमैन सलीम इस्माइल कहते हैं कि किसी कंपनी में कोई क्रांतिकारी विचार तभी पनप सकता है जब उस कंपनी के भीतर मौजूद 'प्रतिरोधी तंत्र’ का मुकाबला किया जा सके.

पूरी रफ्तार से प्रगति
कारोबार में कोई कदम न उठाना गलती करने से अधिक नुक्सानदेह होता है; निर्णायक कदम उठाना, भले ही वह पूरी तरह से ठीक न हो, संगठन के लिए बेहद जरूरी है

अपने संसाधनों की खोज-खबर
अनिल अग्रवाल ने बार-बार उन बातों की ओर इशारा किया जिन्हें वे गहरी जड़ें जमा चुकी ढांचागत कमियों, मंजूरी में देरी, जरूरत से ज्यादा नियम-कायदों और निजी उद्यमों पर संस्थागत भरोसे की कमी मानते हैं.

कांग्रेस की रणनीति का क ख ग
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने भगवा पार्टी पर आरोप लगाया कि वह हर संस्था का अपने राजनैतिक विरोधियों के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है, और यह भी कि चुनाव आयोग भी उनके साथ मिला हुआ है.

दक्षिण का महामुकाबला
तमिलाची ने जहां स्टालिन के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर नहीं होने का दावा किया, वहीं तमिलिसाई ने कहा कि एनडीए सत्ता-विरोधी लहर के कारण ही जीत हासिल करेगा.

संपादकों की मास्टरक्लास
हर स्टोरी को तीन कसौटियों पर खरा उतरना होता है: अभी क्यों, इसे पढ़ेगा कौन, और आगे क्या. हमारा काम यह सवाल करना है कि क्या स्टोरी लुटियंस सर्कल से बाहर निकलती है और देशभर के पाठकों के लिए उसका कोई मायने है?
