स्पेशल

विंध्य पार से आकर छा गईं | रश्मिका मंदाना, 30 वर्ष | अभिनेत्री, हैदराबाद
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : पिछले साल उन्होंने संभाजी के जीवन पर बनी फिल्म छावा से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया और द गर्लफ्रेंड जैसी कम बजट की फिल्म में संवेदनशील मुख्य भूमिका निभाकर फिल्म जगत में अपना दबदबा कायम किया

मधुर स्वर की मलिका | मधुवंती बागची, 34 वर्ष | गायिका, मुंबई
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : धुरंधर और आजाद सरीखी फिल्मों के मधुर गानों और हाल ही ओ रोमियो के साथ 2025 और 2026 में अपने हिट गानों के जरिए वे बॉलीवुड के लोकप्रिय गानों की रैंकिंग में शिखर पर अडिग बनी हुईं.

शोहरत की दहलीज पर | कल्याणी प्रियदर्शन, 33 वर्ष | अभिनेत्री, चेन्नै
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : मलयाली सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई (300 करोड़ रुपए) बटोरने वाली फिल्म लोका चैप्टर 1 : चंद्रा को अपने दम पर कामयाबी दिलाना, यह साबित करना कि महिला-केंद्रित फिल्में भी देश भर में कामयाबी हासिल कर सकती हैं.

अपने गांव के फ्रेम | रीमा दास, 45 वर्ष | फिल्मकार, कलार्दिया गांव, असम
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : उनकी छोटे पैमाने वाली फिल्मों ने टोरंटो से बर्लिन और भारत तक फिल्म फेस्टिवलों में वाहवाही लूटी. पिछले साल की एक और उपलब्धि थी फिल्म नॉट ए हीरो, जो गांव के जीवन में ढलते शहरी लड़के की कहानी है

हाशिए से विहंगम दृश्य | त्रिवेणी राई, 35 वर्ष | फिल्ममेकर, सिक्किम
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : पिछले साल अपनी पहली फीचर फिल्म शेप ऑफ मोमो के साथ वैश्विक मंच पर दमदार मौजूदगी दर्ज कराई. यह एक महिला की अपने पितृसत्तात्मक गांव में वापसी की कहानी है. इसकी स्क्रिप्ट पूर्वी हिमालय में जेंडर, परिवार और अपनेपन पर एक थीसिस जैसी भी है.

निरंतरता का नृत्य | कपिला वेणु, 44 वर्ष | कुडियाट्टम कलाकार, इरिंजलकुडा, केरल
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : कुडियाट्टम की प्रमुख साधिका, जो केरल की सबसे पुरानी जीवित नाट्य परंपराओं में से एक है. 2025 में अकरम खान के डांस-थिएटर पीस जिजेनिस में अपने काम के लिए उन्हें वैश्विक पहचान मिली

मेघालय मकसद वाली रेबल | दैयाफी लामारे उर्फ रेबल, 24 वर्ष | हिप-हॉप आर्टिस्ट
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : धुरंधर जैसे बड़े फिल्मी साउंडट्रैक पर ताजा काम के साथ रेबल मेघालय के स्वतंत्र हिप-हॉप सीन से निकल राष्ट्रीय लोकप्रिय संस्कृति तक पहुंचीं

सम्मानजनक भूमिका | यामी गौतम धर, 37 वर्ष | अभिनेत्री, मुंबई
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : लंबे करिअर के बाद आखिरकार उन्हें उनका हक मिला. पिछले साल हक में उन्होंने एक ऐसी महिला की असरदार भूमिका निभाई, जो अपने और अपने बच्चों के अधिकारों के लिए लड़ती है. साथ ही, आर्टिकल 370 के लिए उन्होंने नेशनल अवॉर्ड भी जीता.

कुचिपुड़ी साधिका | यामिनी रेड्डी, 43 वर्ष | कुचिपुड़ी नृत्यांगना | कोरियोग्राफर और एजुकेटर, हैदराबाद
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : यामिनी रेड्डी ने कुचिपुड़ी में आधुनिकता का पुट देते हुए अपने डांस स्कूल नाट्य तरंगिणी का दायरा बढ़ाया और 2026 का वर्ल्ड डांस डे अवॉर्ड जीता.

बस चिड़िया की आंख | अंकिता भकत, 28 वर्ष | अंतरराष्ट्रीय रिकर्व तीरअंदाज ओलंपियन, सहायक प्रबंधक (खेल), टाटा स्टील कोलकाता
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : भारत की टॉप रिकर्व तीरअंदाजों में से एक, कई विश्व कप पदक विजेता और एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता, अंकिता भकत आर्थिक तंगी और खेल की चुनौतियों से उबरकर दूसरों के लिए प्रेरणा बनीं. अगला लक्ष्य-ओलंपिक विजय

मशहूर करता मुक्का | जैस्मिन लंबोरिया, 24 वर्ष | मुक्केबाज, भिवानी, हरियाणा
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : मुक्केबाजों के खानदान से आने वाली जैस्मिन लंबोरिया ने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में 57 किलो भार वर्ग में स्वर्ण जीतने के अलावा 2025 की विश्व चैंपियनशिप भी अपने नाम की थी

प्रसिद्धि पर बना ली गहरी पकड़ | अंतिम पंघाल, 21 वर्ष | पहलवान, हिसार, हरियाणा
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : कुश्ती के 53 किग्रा वर्ग में दबदबा कायम किया और विश्व चैंपियनशिप तथा एशियाई चैंपियनशिप में पिछले साल कांस्य पदक जीता. इस तरह से पंघाल हमारे समय की एक और यशस्वी भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट की योग्य उत्तराधिकारी बनीं

गेम चेंजर | शेफाली वर्मा, 22 वर्ष |भारतीय क्रिकेटर रोहतक, हरियाणा
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : आइसीसी महिला टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में फिलहाल सातवें स्थान पर मौजूद शेफाली वर्मा 2025 के वनडे वर्ल्ड कप में चोटिल खिलाड़ी के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में आई थीं. बल्ले और गेंद, दोनों से उनका करिश्माई प्रदर्शन भारत को टूर्नामेंट जिताने में निर्णायक साबित हुआ

मोर्चे पर कप्तान | सलीमा टेटे, 24 वर्ष | कप्तान, भारतीय महिला हॉकी टीम सिमडेगा, झारखंड
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : ठेठ झारखंड के एक गांव से आकर भारतीय टीम की कप्तान बनने तक का उनका सफर बताता है कि प्रतिभा बड़े शहरों या संसाधनों की मोहताज नहीं होती

शूटिंग की सनसनी | सुरूचि सिंह, 20 वर्ष |महिलाओं की 10 मीटर एअर पिस्टल में दुनिया की नंबर वन निशानेबाज (आइएसएसएफ 2025) झज्जर, हरियाणा
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : सालों के कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्होंने आइएसएसएफ विश्व कप 2025 में लगातार एक के बाद एक तीन स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय शोहरत हासिल की

उनकी बाजुओं पर टिकी वेटलिफ्टिंग की विरासत | सैखोम मीराबाई चानू, 32 वर्ष |ओलंपिक पदक विजेता भारोत्तोलक नोंगपोक काकचिंग, मणिपुर
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : ओलंपिक रजत पदक विजेता और विश्व चैंपियन मीराबाई चानू ने करीब एक दशक से भारतीय भारोत्तोलन का मजबूत भार अपने कंधों पर संभाल रखा है. 2026 में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक और साथ में तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड बताते हैं कि वे किस तरह लगातार सफलता के नए मानदंड स्थापित कर रहीं

बिसात पर बेहद शातिर | वैशाली रमेशबाबू, 24 वर्ष | ग्रैंडमास्टर, शतरंज चेन्नै
क्या है जो बनाता है उन्हें सिरमौर : उन्होंने खासा चुनौतीपूर्ण कैंडिडेट्स 2026 जीता, जिससे उन्हें वर्ल्ड चैंपियन ताज के लिए चुनौती देने का अवसर पाया है

रुढ़ियों पर निशाना! | शीतल देवी, 19 वर्ष | विश्व की पहली और इकतौली बिना हाथ वाली महिला वर्ल्ड पैरा-आर्चरी चैंपियन लोइधर, जम्मू-कश्मीर
क्या है जो बनाता है उन्हें सिरमौर : जन्म से ही उन्हें फोकोमेलिया नाम की समस्या थी—यह एक स्थिति, जिसके कारण उनके हाथ नहीं थे. शीतल एक के बाद एक बाधाएं तोड़ते हुए आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने खुद को खेल के क्षेत्र में भारत की सबसे प्रेरणादायी शख्सियतों में शामिल कर लिया है

निडर और नायाब | अनाहत सिंह, 18 वर्ष | स्क्वैश खिलाड़ी और जूनियर विश्व स्क्वैश चैंपियन नई दिल्ली
क्या है जो बनाता है उन्हें सिरमौर : अनाहत सिंह ने पिछले साल किशोरावस्था में ही विश्व स्क्वैश रैंकिंग में टॉप-20 में जगह बना ली. इसी साल जुलाई में उन्होंने विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीती. ऐसा करने वाली वे पहली भारतीय बनीं और इस खिताब पर पिछले 11 वर्षों से चले आ रहे मिस्र के दबदबे को समाप्त कर दिया

पौधों से प्रेरणा | आकांक्षा सिंह, 39 वर्ष | वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीएसआइआर-सीआइएमएपी लखनऊ
क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : भारत की नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज के 2026 के युवा वैज्ञानिक पुरस्कार की विजेता आकांक्षा के पौधों और सूक्ष्मजीवों की अंतर्क्रियाओं पर किए गए काम ने टिकाऊ खेती के नए रास्ते खोले
