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इंडिया टुडे आर्काइव | मार्क टली भारत में वंशवादी राजनीति को जरूरी बुराई क्यों मानते थे?
कलकत्ता में 1935 में जन्मे वरिष्ठ पत्रकार और लेखक मार्क टली भारत की कई ऐतिहासिक घटनाओं के साक्षी रहे. 25 जनवरी, 2026 को उनका निधन हो गया. उन्होंने यह आलेख इंडिया टुडे के लिए 2012 में लिखा था

नेपाल के चुनाव में बालेन शाह की मैथिली कैसे एक बड़ा मुद्दा बन गई?
Gen-Z के बीच सबसे पापुलर नेता बालेन शाह ने मधेशियों के इलाके जनकपुर में चुनावी अभियान की शुरुआत अपनी मातृभाषा मैथिली में की और अब पूरे नेपाल में इसकी चर्चा है

नितिन नबीन के बाद अब BJP कैसे ‘मिलेनियल लीडरशिप’ को आगे लाने की तैयारी कर रही है?
नितिन नबीन के महज 45 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में अब हर स्तर पर कम उम्र के नेताओं को मौका देने की योजना बन रही है

नीली जर्सी वाली लड़कियों का राज
विश्व चैंपियन बनी टीम की हर महिला क्रिकेटर ने मैदान के भीतर और बाहर कई लड़ाइयां जीती हैं. दूरदराज के इलाकों से आने वाली इन लड़कियों का सफर पूरे देश को अचंभित करने वाला है

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की परिभाषा की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट पैनल बनाने का फैसला क्यों किया?
अरावली की परिभाषा की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रस्तावित पैनल में पर्यावरण, खनन और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे

टाइगर ग्लोबल केस : सुप्रीम कोर्ट के किस फैसले ने मॉरीशस और सिंगापुर के इन्वेस्टर्स को डरा दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने मॉरीशस की कंपनी टाइगर ग्लोबल के खिलाफ एक ऐसा फैसला दिया है जिससे उसे कैपिटल गेन टैक्स के तौर पर भारत सरकार को करीब 1.6 अरब डॉलर देने पड़ सकते हैं

BJP अध्यक्ष नितिन नबीन के शुरुआती कदम पार्टी की किस रणनीति का खुलासा करते हैं?
BJP निगम चुनावों में महाराष्ट्र मॉडल को अन्य राज्यों में दोहराने की तैयारी कर रही है और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की इस पर खास नजर है

नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद BJP के लिए बिहार में क्या बदलेगा?
BJP के लिए बिहार सीटों और गठबंधनों के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य है. इसके बावजूद कभी भी कोई नेता यहां से BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक नहीं पहुंचा. ऐसे में नितिन नबीन की पदोन्नति अब इस अंतर को पाटती है

बाईपास की दबे पांव दस्तक : कैसे बिना कुछ पता चले ही बढ़ रही कोरोनरी ब्लॉकेज की समस्या
नियमित हेल्थ चेकअप, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और समय पर हृदय जांच से coronary disease यानी कोरोनरी धमनियों के ब्लॉक होने का पता लगाने और सर्जरी से बचने में मदद मिलती है.

कमजोर पंख से परवाज का हश्र
एअर इंडिया के भीषण विमान हादसे और दिसंबर में इंडिगो की आपदा से पता चला कि तेज वृद्धि, खराब देखरेख और नियम-कायदे लागू करने में होने वाली देरी ने किस तरह 2025 में विमानन क्षेत्र की कलई खोल दी.

आसमां के पार लगाई छलांग
राकेश शर्मा की राह पर चलते हुए शुभांशु शुक्ला दूसरे ऐसे भारतीय बन गए हैं, जिन्होंने धरती की सीमाओं को लांघकर अंतरिक्ष में कदम रखा

सदन की घटती बैठकें, कमजोर होता लोकतंत्र; 30 बैठकों की न्यूनतम शर्त क्यों बनी जरूरी?
लखनऊ में 86वें पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में विधानसभाओं की सालाना बैठकों की न्यूनतम सीमा तय करने की मांग दरअसल लोकतंत्र में घटती जवाबदेही से उपजी है

विशेष गहन भूमिका में
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के जरिए मतदाता सूचियों की शुचिता सुनिश्चित करने के प्रयासों के कारण मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लगातार राजनैतिक निशाने पर रहे, क्योंकि सुधार का सीधा सामना अविश्वास और विपक्षी प्रतिरोध के साथ था.

इंडिगो कैसे खुद के बनाए जाल में फंसी; DGCA की रिपोर्ट से क्या पता चलता है?
दिसंबर में इंडिगो की उड़ानों में आई अभूतपूर्व अव्यवस्था को लेकर DGCA की जांच रिपोर्ट एक बड़े सबक की तरफ इशारा करती है

NOTA के विरोध में क्यों हैं मोहन भागवत?
RSS का मानना है कि NOTA ‘नव-उदारवादी व्यक्तिवादी’ सोच है, जिसमें लोग सामूहिकता की भावना दरकिनार कर नतीजों की परवाह किए बिना ही असहमति जताते हैं

जिन्ह मोहि मारा ते मैं मारे
ऑपरेशन सिंदूर ने बता दिया कि दुश्मन ने अगर उसकी जमीन पर साजिश रचकर आतंकी हमले करने की हिमाकत की तो भारत अपनी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करने को पूरी तरह से तैयार है

सदियों पुरानी शंकराचार्य गद्दी पर फिर क्यों घिर गए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
माघ मेला नोटिस के बहाने फिर उभरा ज्योतिषपीठ का सदियों पुराना शंकराचार्य विवाद, जिसमें परंपरा, अदालत और सत्ता आमने-सामने हैं

ट्रंप के रूसी तेल पर टैरिफ से भारत के कच्चे तेल आयात पर कितना असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए रूस के बजाय भौगोलिक रूप से अपने करीब बसे तेल उत्पादक देशों से कच्चा तेल खरीदना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा

नक्सलवाद को लगा दिया ठिकाने
राजनीतिक रूप से खासे व्यस्तता वाले साल में भी माओवादी उग्रवाद को निर्णायक रूप से कुचलना केंद्रीय गृह मंत्री की सबसे बड़ी उपलब्धि बना.

क्या भ्रष्टाचार-विरोधी कानून भ्रष्ट लोगों को बचाता है! कानून की धारा 17-A पर सुप्रीम कोर्ट क्यों बंटा?
भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 17-A बिल्कुल शुरुआत से ही नियंत्रण कार्यपालिका के हाथों में सौंप देती है, जिसकी मंजूरी लेना शुरुआती जांच से पहले जरूरी है
