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हथियार उठाने वाले हाथों ने थामे कॉफ़ी के कप, ऐसे बदल रहा माओवाद में जकड़ा बस्तर
छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी और इससे प्रभावित लोग बस्तर में शुरू हुए पंडुम कैफे को चलाते हैं जो अपने छत्तीसगढ़ी खानपान के साथ इटैलियन और चाइनीज डिशेज के लिए भी चर्चा में है

बुजुर्ग माता-पिता के पास रहना है, लेकिन साथ नहीं! अब यह भी आसानी से मुमकिन होगा
भारत के शहरी इलाकों में, खास बुजुर्गों के लिए बनी रिहाइशी सोसाइटियों में एक नई मांग देखने को मिल रही है. यहां के बुजुर्ग अब हर आयु-वर्ग के पड़ोसियों से घिरे रहना चाहते हैं. वजह, वे बाहरी दुनिया के अनुभवों से खुद को कटा हुआ महसूस नहीं करना चाहते.

इंडिया टुडे आर्काइव | नेताजी सुभाषचंद्र बोस : एक शाश्वत सेनानी
आज यानी 23 जनवरी को नेताजी सुभाषचंद्र बोस का 129वां जन्मदिन है. उनके ऊपर यह आलेक इंडिया टुडे मैगजीन के 27 सितंबर 2017 के अंक में प्रकाशित हुआ था

छोड़ गए जो एक विरासत
पिछले साल कुछ ऐसी हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कहा, जिन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए याद किया जाएगा

धुरंधरों का पूरा धमाल
मन और मोह की वर्जनाओं से गुजरते हुए सिनेमा ने ग्रेसफुल तरीके से ललकारने का अपना काम तो किया ही, गांव-खेड़े की उस जमीन को भी तर किया जहां से कहानियां उपजती रही हैं

अपनी ही जन्मभूमि पर फिरंगी होने की सजा भुगतते जॉर्ज ऑरवेल!
अंग्रेजी के मशहूर उपन्यासकार जॉर्ज ऑरवेल का जन्म बिहार के मोतिहारी में हुआ था. यहां उनके जन्मस्थल पर एक स्मारक बना है लेकिन आजकल उसकी हालत उन्हीं के चर्चित उपन्यास ‘एनीमल फार्म’ जैसी हो चुकी है

सेक्स और रिलेशनशिप : क्या है सहमति की ताकत, अब एक स्टडी से पता चला
‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित एक स्टडी बताती है कि दुनिया का कोई भी हिस्सा क्यों न हो, सेक्स और रिश्तों की मजबूती के लिए सहमति सबसे ज्यादा मायने रखती है

वीर दास की 'हैप्पी पटेल' चले या न चले, लेकिन आमिर खान की प्रमोशन स्ट्रैटजी कैसे कमाल कर गई!
आमिर खान ने अपनी फिल्मों के प्रमोशन के लिए कभी भी कोई अनोखा तरीका नहीं अपनाया, लेकिन इस बार 'हैप्पी पटेल' के प्रमोशन से उन्होंने लोगों का खूब ध्यान खींचा

AI करेगा बीमारी से पहले इलाज! 2026 में हेल्थकेयर को लेकर ये होंगे नए ट्रेंड
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में AI-आधारित निगरानी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल में इस साल कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं

क्यों सनी देओल की Border 2 के बॉक्स ऑफिस पर छाने के पूरे आसार हैं?
सनी देओल की Border 2 भी गदर की तर्ज का ही फॉर्मूला अपनाती है : देशभक्ति के नाम पर उग्र राष्ट्रवाद जो आजकल खूब बिक रहा है

इंडिया टुडे आर्काइव : पं. शिवकुमार शर्मा ने संतूर को कैसे दिलाया था एक शास्त्रीय वाद्य का दर्जा
पं. शिवकुमार शर्मा की 13 दिसंबर को पुण्यतिथि है. पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने उनको याद करते हुए इंडिया टुडे मैगजीन के 25 मई 2022 के अंक में यह आलेख लिखा था

कौन थीं रानी काम सुंदरी देवी जिन्होंने मिथिला की विरासत सहेजने में अपनी पूरी संपत्ति लगा दी?
राज दरभंगा की आखिरी रानी काम सुंदरी उर्फ कल्याणी का 12 जनवरी को तड़के तीन बजे निधन हो गया. उन्होंने कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की थी जो राज दरभंगा पर रिसर्च करने वालों के लिए जन्नत सरीखी जगह है

पाकिस्तान की दुश्मनी देख ऊबे दर्शक, अब बॉलीवुड फिल्मों में चीन बन रहा नया विलेन
बॉलीवुड में पाकिस्तान पर निशाना साधना लंबे समय से पसंदीदा शगल रहा है. लेकिन अब हिंदी सिनेमा में ये बदलाव आया है कि ये प्रेरणा के लिए भारत-चीन टकराव का लंबा इतिहास खंगालना शुरू कर चुके हैं

कोरोना ने हमारे दिमागों पर क्या असर डाला? सरकार के इस सर्वे से पता चलेगा
मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NMHS) का नया चरण सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कवर करेगा, ताकि कोविड के लंबे मनोवैज्ञानिक प्रभावों के बीच नीति और सेवाओं को दिशा दी जा सके

कैसा था वह पटना शहर जहां गुरु गोबिंद सिंह ने कृष्ण की तरह बाल लीलाएं की थीं?
गुरु गोबिंद सिंह की पहचान धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष करने और खालसा पंथ की स्थापना करने वाले के तौर है, मगर अपने जन्मस्थल पटना साहिब में वे अपनी बाल लीलाओं के लिए भी याद किए जाते हैं

हमने अपने सुख-दुख को एआइ के पिंजरे में कैद कर लिया है : विनोद कुमार शुक्ल
साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का 88 वर्ष की आयु में एम्स, रायपुर में निधन हो गया है. उनका यह आखिरी इंटरव्यू इंडिया टुडे साहित्य वार्षिकी-2025 में प्रकाशित हुआ था

नौ साहित्य अकादमी विजेता और 200 से ज्यादा किताबों की प्रकाशक मैथिली अकादमी बंद!
बिहार की राजधानी पटना में बनी मैथिली अकादमी से चार साल से कोई किताब नहीं छपी और यहां कोई स्टाफ भी नहीं है जो पुरानी बेस्ट सेलर किताबें बेच सके. इन हालात में मैथिली विषय पढ़ने वाले हजारों छात्र परेशान हैं

'होमबाउंड' किन वजहों से ऑस्कर की सबसे बड़ी दावेदारों में से एक मानी जा रही है?
ये बात जगजाहिर है कि ऑस्कर के लिए सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं, लेकिन इस बार 'होमबाउंड' प्रमोशन और स्क्रीनिंग की पिच पर भी डटी हुई है.

बॉलीवुड में 6 दशकों तक राज करने वाले ही-मैन धर्मेंद्र की कहानी
धर्मेंद्र के सिर्फ अच्छे चेहरे-मोहरे ने ही नहीं बल्कि छह दशकों तक बतौर कलाकार हर किरदार में ढल जाने की उनकी खूबी ने भी उनको बॉलीवुड लेजेंड अभिनेता के तौर पर स्थापित किया है

टीनएज में भी हाइपरटेंशन! क्या भारत एक गंभीर महामारी की तरफ बढ़ रहा है?
किशोरों यानी टीनएजर्स में बढ़ती हाइपरटेंशन की समस्या जीवनशैली में बड़े बदलाव का असर दिखाती है
