फीचर

एक शर्मीला बैकबेंचर कैसे बना 'जन नायक' : थलपति विजय के थल से शिखर तक का सफर
सिनेमाई पर्दे से असलियत के 'नायक' बनने तक एक्टर विजय की जिंदगी किसी सुपरहिट फिल्म से कम नहीं है

बौद्धिक अतीत के अनचीन्हे गलियारे
ऐतरेय महीदास, वात्स्यायन, भर्तृहरि, शंकराचार्य ले लेकर गोपीनाथ कविराज और रेवाप्रसाद द्विवेदी जैसे ज्ञानियों के माध्यम से महादेश की महाचेतना को जानने की कोशिश.

न आवाज सुनी, न दुनिया देखी; हौसले के दम पर सारा मोइन बन गईं दुनिया के लिए मिसाल
लखनऊ की छात्रा सारा मोइन ने तीन दिव्यांगताओं के बावजूद आईएससी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में 98.7% अंक हासिल कर रिकार्ड कायम किया

हल्की-फुल्की लू भी पड़ सकती है जान पर भारी! क्या है डॉक्टरों की सलाह
लू के लक्षणों के साथ गंभीर मामले अब अस्पतालों में बढ़ने लगे हैं हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक कुछ मामूली-सी सावधानियां बरतकर लोग गर्मी के खतरों से बच सकते हैं

जवान और फिट होना भी दिल की बीमारी कार्डियोमायोपैथी से बचने की गारंटी नहीं!
हार्ट का तंदुरुस्त होना सभी बीमारियों को नहीं रोकता, खासकर वे जो उसकी बनावट या जेनेटिक्स से जुड़ी होती हैं

मुंबई के एलीफेंटा से 1500 साल पहले चलता था अंतर्राष्ट्रीय कारोबार!
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) मुंबई के पास एलीफेंटा द्वीप की खुदाई कर रहा है और इस दौरान यहां उसे कई आयातित वस्तुओं के अवशेष मिले हैं

इंटरनेट के तीन दशक
द डिजिटल डेकेड्स पुस्तक के लेखक का मानना है कि भारत की इंटरनेट यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है. भारत का ध्यान डिजिटल पब्लिक गुड्स और समावेशी विकास पर है. 5 जी से आगे बढ़ने के लिए देश तैयार है.

गली के बहाने मुल्क की पड़ताल
अवसरवादी राजनीति का नंगा भौंडा प्रदर्शन है. उसके प्रतीक बने 'वीर हनुमान दल’ के युवा नेता बमबम भैया हैं. धार्मिक उन्माद अपने चरम पर है. नव-हिंदुत्ववाद का उभार सामाजिक समरसता को नष्ट करने पर आमादा है.

क्या मिथिला फिर देख पाएगा अपनी 700 साल पुरानी विरासत?
बिहार में 16 मार्च से दुर्लभ पांडुलिपियों के सर्वेक्षण का काम जारी है. इस बीच 2003 में चोरी हुई महाकवि विद्यापति की दुर्लभ पांडुलिपि को लेकर राजभवन ने सक्रियता दिखाई है

'अब लौटकर नहीं आऊंगा, मेरे दोस्त...’ बिहारी मजदूरों की बेबसी के इस बयान की कहानी
गुजरात के उधना रेलवे स्टेशन से ट्रेनों में भर-भरकर मजदूर बिहार लौट रहे हैं. इनका कहना है कि गैस की किल्लत से वहां कई फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं और उनके लिए भी खाने-बनाने की बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है

पेट में जमी चर्बी ज्यादा खतरनाक क्यों होती है?
पेट का उभार शरीर के दिखावे के लिए एक बाधा लग सकता है. लेकिन असल में यह शरीर के भीतर गहराई में मौजूद उस फैट का संकेत है, जो स्वास्थ्य प्रक्रियाओं पर बुरा असर डाल सकता है

आम बॉलीवुड थ्रिलर से कैसे अलग है रघुबीर यादव और IPS सिमाला प्रसाद की 'द नर्मदा स्टोरी’
पुलिस अधिकारी सिमाला प्रसाद इससे पहले 'नक्काश' और 'अलिफ़' में भी नजर आ चुकी हैं

अस्पतालों में बड़े बदलाव का दौर; अब AI नया जूनियर डॉक्टर बनेगा?
भारत की अस्पतालों में मरीजों का बोझ लगातार बढ़ रहा है ऐसे में AI काफी मददगार साबित हो रहा है, लेकिन इससे जूनियर डॉक्टरों की ट्रेनिंग पर भी असर पड़ सकता है

आयुष शेट्टी : भारतीय बैडमिंटन का अगला बड़ा सितारा
20 वर्षीय शटलर आयुष शेट्टी के बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के बाद यह माना जा रहा है कि वे आने वाले समय में इस खेल के बड़े सितारे बन सकते हैं

विहंगम बलिदान
गुप्तचरी की दुनिया के अपेक्षाकृत कम खंगाले गए किरदारों-घटनाओं को ताजा नैरेटिव में ढालती यह फिल्म 'घुसकर’ मारने वाले नए हिंदुस्तान की वकालत करती है. कल्पनाशील संगीत और अभिनय के उम्दा नमूनों ने भी डाली जान.

स्मृति, शहर और आत्मसंवाद
अनन्या वाजपेयी की पुस्तक प्लेस: इंटिमेट एनकाउंटर विद सिटीज किसी स्थान को केवल भौगोलिक परिभाषा से मुक्त कर एक जीवित, अनुभवात्मक और वैचारिक संरचना के रूप में सामने रखती है.

कालिदास के संग-संग हिमालय तक
रामटेक से रामगिरि तक, अंबिकापुर से उज्जयिनी तक, कनखल से गंगोत्री और गोमुख तक और अंतत: तिब्बत के रास्ते कैलास तक की इस यात्रा में साहित्य, प्रकृति, इतिहास, मिथक, धार्मिक विश्वास- सब एकाकार हो उठते हैं.

भारत और पाकिस्तान के पक्षी प्रेमियों ने मिलकर कैसे एक घायल गिद्ध को बचाया
भोपाल के पास छोड़ी गई दो साल की मादा सिनेरियस वल्चर उड़कर पाकिस्तान के खानेवाल जिले तक पहुंच गई और वहां डॉक्टरों की देखरेख में ठीक हो रही है

आशा भोसले : भारतीय स्त्री अनुभव की बहुरंगी आवाज
जब अधिकांश कलाकार उम्र के साथ स्मृति बन जाते हैं, आशा भोसले ने फिर से खुद को वर्तमान बना लिया था

ओपिनियन: ये कहां आ गए हम...सोशल मीडिया के साथ चलते-चलते!
फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर के लिए आपका गुस्सा पैसा है. जितना विवाद, उतनी ज्यादा इंगेजमेंट, और उतना ही ज्यादा विज्ञापन का मुनाफा. बैठकर बात करने से इन कंपनियों की तिजोरी नहीं भरती, इसलिए 'जहरीली पोस्ट' को एल्गोरिदम खुद धक्का मारता है
