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राजकमल चौधरी : लेखक जिसे जीते जी हम पहचान न सके!
मृत्यु के समय राजकमल चौधरी की आयु अड़तीस के करीब थी लेकिन भीतर वही बच्चा था जो प्यार के लिए तड़पता रहा

सेल्फी से सेहत की जांच! कितनी कारगर है यह तकनीक?
फेस स्कैन तकनीक तेजी से हेल्थकेयर और स्किनकेयर का हिस्सा बन रही है लेकिन इसके दावों, सीमाओं और निजता से जुड़े सवालों को समझना भी उतना ही जरूरी है

रजनीशपुरम के खंडहर : ओरेगन के बीहड़ में दफ्न ओशो का यूटोपिया
ओशो के अनुयायियों ने 1981 में अमेरिका के ओरेगन में करीब 64 हजार एकड़ जमीन खरीदकर 'रजनीशपुरम' नाम से एक शहर बसाया था

उसी पुराने अंदाज में अन्नू की मां
तपी-तपाई अभिनेत्री गीतांजलि कुलकर्णी गुल्लक के पांचवें सीजन में एक बार फिर शांति मिश्रा के अपने पुराने दमदार अंदाज में नजर आ रही हैं. इंडिया टुडे हिंदी पर उनसे खास बातचीत पढ़िए.

क्लासिक खेल बिल्लियों का
वेस्ट एंड के बहुचर्चित म्यूजिकल नाटक कैट्स के मंचन के लिए मुंबई का नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर तैयार.

क्या है यूएफओ फाइलों का रहस्य
अपोलो अंतरिक्ष यात्रियों के दिए ब्योरों से लेकर आज की सेनाओं से मिले फुटेज तक, अमेरिका में हाल ही सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों ने फिर से अनआइडेंटिफाइड एरियल घटनाओं पर नए सिरे से छेड़ी बहस

आपकी नींद भी हर रात 3 बजे खुल जाती है! क्या है इसकी वजह?
अगर रात में एक तय समय पर आपकी नींद अक्सर टूटती है तो इसके पीछे तनाव से लेकर कई बीमारियां तक हो सकती हैं

स्मृति, हिंसा और करुणा के बीच हान कांग
हान कांग ने अपनी नई पुस्तक लाइट ऐंड थ्रेड में बताया है कि लेखक वह है जो रोशनी को उन जगहों तक पहुंचाने की कोशिश करता है, जहां उसकी सबसे अधिक जरूरत है.

अष्टविनायक मंदिर में मिले ताम्रपट; गणपति उपासना के इतिहास में खुलेगा नया अध्याय?
तांबे की ये पट्टियां महाराष्ट्र में पुणे के पास मोरगांव स्थित प्रसिद्ध अष्टविनायक तीर्थ मयूरेश्वर मंदिर से मिली हैं

'है जवानी तो इश्क होना है' कॉमेडी है या 90 के दशक का हैंगओवर!
डेविड धवन की कॉमेडी वाली दुनिया ने कम से कम दो पीढ़ियों के दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है लेकिन उनके आजमाए हुए कॉमेडी फॉर्मूलों का असर अब फीका पड़ता दिख रहा है

'मां बहन' में हंसी है, गुस्सा है और औरतों के बारे में गढ़ी गई कहानियों का जवाब भी
यह फिल्म मां-बेटी के उस जटिल रिश्ते में उतरती है जिसे मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा ने लगभग अनछुआ छोड़ दिया है, और ऐसा वह अपने अलग और दिलचस्प अंदाज में करती है

दुनिया को क्लिक करती औरतें
कैमरे वालियां पुस्तक की सबसे खास बात यह है कि पुस्तक प्रत्यक्ष तर्कों से नहीं बल्कि जीवन प्रसंगों के जरिए बताती है कि फोटोग्राफर और फोटो पत्रकार में क्या अंतर है?

अपने समय से बड़ा फिल्मकार
सफदर हाशमी ने अपने विस्तृत लेख में उन्हें भारतीय सिनेमा को अपनी भाषा देने वाला कहा है तो अरुण खोपकर उन्हें बंगाल का शाही बाघ पुकारते है.

जिसने दिल्ली का चराग जलाए रखा
रज़ीउद्दीन अकील की पुस्तक हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया अपने शुरूआती पन्ने से स्मरण कराती है कि भारतीय उपमहाद्वीप की मध्यकालीन सूफी परंपरा की आत्मा ठीक इसके विपरीत थी.

'हॉलिडे इम्यूनिटी डिप' क्या है जिससे छुट्टियों में बढ़ जाती हैं बच्चों की बीमारियां?
कई माता-पिता एक पैटर्न देखते हैं कि छुट्टियों के दौरान या उसके तुरंत बाद बच्चों को ज्यादा खांसी, पेट का संक्रमण, थकान या एलर्जी की समस्या होने लगती है

अंतरिक्ष में जुगलबंदी
स्मृति और कल्पना को मानवता का मूल तत्व बताती यह फिल्म उन साइंस फिक्शन फिल्मों से अलग खड़ी दिखती है, जहां हर बार पृथ्वी या तो परग्रहियों के कब्जे में जा रही होती है या अपने अंत की ओर...

मराठी फिल्मों की बहार
उनके पास न ज्यादा पैसा है और न ही बॉलीवुड सरीखे नामी सितारे. इसके बावजूद अपनी दमदार कहानियों और जानदार किरदारों के बूते मराठी फिल्में कमर्शियली कामयाब हो रहीं. आलोचक भी तारीफ कर रहे

वक्त से पहले आ रहा जिंदगी का अहम पड़ाव
भारत में अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महिलाओं का कम उम्र में ही मेनोपॉज हो जा रहा. इसके साथ वे शारीरिक तकलीफ, भावनात्मक उथल-पुथल और चुपचाप झेली जाने वाली परेशानियों के दौर से गुजर रहीं

शेप ऑफ मोमो : सिक्किम का एक गांव, तीन महिलाएं और बदलती दुनिया के सवाल
सिक्किमी निर्देशक त्रिबेनी राय की ‘शेप ऑफ मोमो’ तीस की उम्र पार कर चुकी एक ऐसी महिला की कहानी है जो सिर्फ महिला होने की वजह से अपनी दुनिया सीमित नहीं करना चाहती

समय की कोख में दबे स्त्री-स्वर
मुकुल कुमार एक प्रशासनिक अधिकारी हैं जो अपनी पुुस्तक 'विमेन इन द वूम्ब ऑफ टाइम' में स्त्री-अस्तित्व, नारीवाद और पितृसत्ता की जटिल परंपराओं की खोज करते हैं
