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केरल में LDF के लिए अपने ही नेता बने मुसीबत

कांग्रेस चुनाव में उतरे CPI(M) के बागी उम्मीदवारों का समर्थन कर रही है और उसका कहना है कि वह उनके निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी

केरल के सीएम पिनाराई विजयन (फाइल फोटो)
केरल के सीएम पिनाराई विजयन (फाइल फोटो)
अपडेटेड 18 मार्च , 2026

चुनाव से पहले केरल में कम्युनिस्ट पार्टी और सीएम पिनाराई विजयन के सामने एक बड़ी चुनौती आन खड़ी हुई है. यह चुनौती उन्हें केरल में विपक्षी पार्टी कांग्रेस से नहीं बल्कि अपने नाराज हुए नेताओं से ही मिल रही है. पार्टी के खिलाफ विद्रोह की आवाज अब कन्नूर से भी उठ रही है, जिसे पार्टी का गढ़ माना जाता है.

बताया जा रहा है कि पार्टी के पुराने नेता और केरल की हैंडलूम डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के हेड टी.के. गोविंदन विधानसभा सीट तालीपरंबा से पीके श्यामला को टिकट दिए जाने से नाराज हैं. इसके चलते उन्होंने 16 मार्च को पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया. वहीं, न सिर्फ टी.के. गोविंदन बल्कि उनकी पत्नी श्यामला भी राज्य में पार्टी की सचिव हैं. उन्होंने तालीपरंबा से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. इसमें उन्हें कांग्रेस का साथ भी मिल रहा है.

टी.के. गोविदंन के इस्तीफे से CPI को चुनाव में खामियाजा उठाना पड़ सकता है क्योंकि वे 25 साल से क्षेत्र में पार्टी के अहम नेता रहे हैं. उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इंडिया टुडे को बताया,  "CPI अब अपने उसूलों से भटक चुकी है. वंशवाद और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया जा रहा है. मैंने इस मुद्दे को पार्टी के नेतृत्व के सामने रखा, लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई. मैं यह बर्दाश्त नहीं कर सकता. मैंने पार्टी के लिए 60 साल से ज्यादा काम किया है."

दूसरी तरफ कम्यूनिस्ट पार्टी ने टी.के. गोविंदन को गद्दार बताया.पार्टी उनके खिलाफ कन्नूर में बड़ा कैंपेन लॉन्च करेगी. कन्नूर में पार्टी के जिला सचिव के. के. रागेश ने कहा, "गोविंदन ने चुनाव के वक्त पार्टी का साथ छोड़ दिया, लेकिन कोई विद्रोही हमें नुकसान नहीं पहुंचा सकता. हमें पूरा विश्वास है कि हम लगातार तीसरी बार राज्य में सरकार बनाने जा रहे हैं."

वहीं CPI में नेताओं के विद्रोही होने का सिलसिला काफी समय से जारी है. टी.के. गोविंदन से पहले कन्नूर से ही पार्टी के नेता कुन्नीकृष्णन ने पयान्नुर से अपनी ही पार्टी के विधायक टी. आई. मधुसूदनन पर फंड्स की हेराफेरी के आरोप लगाए थे. कुन्नीकृष्णन अब पयान्नुर की सीट से कांग्रेस की मदद से चुनाव लड़ेंगे. 2021 में उन्होंने यह सीट 42 हजार वोटों के मार्जिन से जीती थी.

विद्रोहियों में केरल टूरिज्म डेवलपमेंट के चेयरमैन रह चुके पीके सासी भी शामिल हैं. 2018 में पार्टी ने यौन शोषण के आरोपों के चलते उन्हें बर्खास्त कर दिया था. अब वे ओत्तापलम से  कांग्रेस के समर्थन से चुनाव लड़ेंगे. ओत्तापल्लम केरल के पलक्कड़ जिले में पड़ता है, जो उनके दबदबे वाला इलाका माना जाता है.

साथ ही CPI के बड़े नेता और मंत्री रह चुके जी. सुधाकरन अंबालापुझा सीट से चुनाव लड़ेंगे बाकी विद्रोहियों की तरह इन्हें भी कांग्रेस का समर्थन है. केरल में 9 अप्रैल को चुनाव होगा. कांग्रेस का कहना है कि वह उन सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी जहां CPI के विद्रोहियों को समर्थन का आश्वासन दिया गया है. ऐसे में इस बात की संभावना काफी बढ़ गई है कि इसका खमियाजा सत्ताधारी पार्टी को भुगतना होगा.

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