डेविस कप में जीत के बाद तरोताजा सुमित नागल को उम्मीद है कि अगले साल वे शीर्ष 100 टेनिस खिलाड़ियों में जगह बना लेंगे, पर 2019 उन्हें हमेशा याद रहेगा. इसी साल उन्होंने यूएस ओपन में रोजर फेडरर से एक सेट जीता
जब आपको पता चला कि यूएस ओपन के पहले राउंड में रोजर फेडरर से आपका मुकाबला है, उस वक्त आप कहां थे? और आपको उस मैच की कौन सी बात सबसे ज्यादा याद है?
मैं मालिश करवा रहा था तभी मुझे अपने फिटनेस ट्रेनर मिलोस (गैलेसिच) का एसएमएस मिला. मुझे तो इस पर भरोसा ही नहीं हुआ, मैं बेहद खुश था. मुझे इतना याद है कि आर्थर ऐश स्टेडियम का माहौल उन कोर्टों से काफी अलग था, जिन पर मै अमूमन खेलता आया था. उसे मैंने महसूस किया.
डेविस कप में भारत कभी पाकिस्तान से हारा नहीं है. पर इससे पहले आप भी डेविस कप का कोई मुकाबला नहीं जीते थे. पिछले महीने दोनों मैचों से पहले आप पर कितना दबाव था?
मुझ पर बस पहले गेम के दौरान दबाव था. उसे जीतने के बाद मैं सहज हो गया था और मैंने इस बारे में ज्यादा कुछ सोचा नहीं. बस आगे बढ़ता गया. हां, हमारे बीच कुछ अंक खासे मशक्कत भरे रहे. उसके बाद मुझे नहीं लगता कि ज्यादा दबाव था.
अभी तक आप पर जो भी बीता, उन सबके बावजूद सच यही है कि आपको पेशेवर सर्किट में आए महज चार साल हुए हैं. उतार-चढ़ावों ने आपके भीतर के इनसान को कैसे ढाला है?
यह जिंदगी का हिस्सा है. आम तौर पर आपको अकेले ही चलना होता है क्योंकि टेनिस एकल खेल है. आपके साथ टीम होती है, पर मैदान में उतरने के बाद अकेले आप ही होते हैं. वहां जो कुछ भी होता है उसके लिए अकेले आप जिम्मेदार होते हैं. यह जीवन का हिस्सा है और इस बात को कम उम्र में ही सीख लेना अच्छा है.
आजकल आप जर्मनी में अपने प्रशिक्षणस्थल पर कुछ समय बिताते हैं, इस लिहाज से देखें तो आपको उस मुल्क की क्या चीज पसंद आई?
मुझे वहां का श्नीट्जेल पसंद आने लगा है. यह ब्रेड के साथ चिकन और मशरूम सॉस का बना होता है. मैं इसका आनंद लेता हूं.
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