अभिनेत्री यामी गौतम की आने वाली फिल्म में उनके किरदार को लेकर बातचीत की इंडिया टुडे के संवाददाता नवीन कुमार ने. पेश हैं बातचीत के खास अंशः
बत्ती गुल मीटर चालू में आप वकील की भूमिका में हैं. यह किरदार रियल लाइफ के किसी वकील से मिलता जुलता है?
मेरे कैरेक्टर में रियल लाइफ के वकील की झलक नहीं मिलेगी. निर्देशक ने जो कैरेक्टर तैयार किया है, ऑनस्क्रीन वही दिखेगा.
फिल्म बिजली संकट पर है. इसके बारे में आप क्या कहेंगी?
गांवों और छोटे शहरों में बिजली की समस्या है. फिल्म में बिजली बिल की समस्या से जूझ रहे आम आदमी की आवाज को एक बड़ा प्लेटफॉर्म देने का काम किया जा रहा है.
इन दिनों आप हिंदी साहित्य पढ़ रही हैं. कोई लेखक जिनसे आप प्रभावित हों?
फिल्म की पृष्ठभूमि उत्तराखंड है. महाभारत और अन्य किताबें पढ़ रही हूं. मैं किसी लेखक से प्रभावित नहीं हूं. स्कूली दिनों की कविता खिड़कियां याद है पर कवि का नाम याद नहीं.
समाज में महिलाओं का सम्मान किस तरह से बढ़ सकता है?
देखिए, सिर्फ औरतों के बारे में बार-बार बात करने से गलत धारणा बनती है. छोटे शहरों में जागरूकता लाने की जरूरत है. शिक्षा और घरेलू हिंसा पर गंभीरता से बात होनी चाहिए.
आइएएस अफसर नहीं बनने का अफसोस है आपको?
पापा ने कहा कि अब इस पर बोलना बंद कर दो. सच है कि अब मुझे अफसोस नहीं है. मैं पढ़ाई में अच्छी थी. स्कूल में मिमिक्री करती थी. ऐक्ट्रेस बनने के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ी.
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