टीवी की चर्चित बहू अक्षरा यानी हिना खान अब सिनेमा में अपना जादू बिखेरने को तैयार हैं. उनकी पहली फिल्म हैक्ड रिलीज होने जा रही है जिसको लेकर वो काफी कांफिडेंट हैं. मुंबई में हिना खान ने हैक्ड के अलावा कश्मीर और राजनीति पर भी नवीन कुमार के साथ खुलकर बात की.
हैक्ड आपके सिनेमा करियर की पहली फिल्म है?
सिनेमा करियर में तो मेरी पहली फिल्म लाइंस है जो वर्ल्ड फिल्म फेस्टिवल में वाह-वाही बटोर रही है. इसके लिए मैं कान गई थी और वर्ल्ड सिनेमा से रू-ब-रू हुई थी. यह संयोग है कि सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली मेरी पहली फिल्म हैक्ड है जिसे विक्रम भट्ट ने डाइरेक्ट किया है.
हैक्ड किस तरह की फिल्म है. इसमें आपकी क्या भूमिका है?
यह साइबर क्राइम पर आधारित फिल्म है. इसमें मैंने एक फैशन मैगजीन की चीफ एडिटर की भूमिका की है. 19 साल का एक लड़का मेरी जिंदगी को तबाह करने की कोशिश करता है जो एक हैकर है और वो मेरे फोन को हैक कर लेता है और उसके डाटा से मुझे परेशान करता है.
आपको लगता है कि आज साइबर क्राइम सबसे बड़ा क्राइम है?
बड़ा क्राइम तो नहीं है. लेकिन बहुत बड़ा मुद्दा है. इस पर कोई बात नहीं करता है. बंद दरवाजे के पीछे एक अपराधी है और एक पीड़ित है. पीड़ित किसी को कुछ बताना नहीं चाहता है और जो अपराधी है उसके तो मजे हैं. सोसायटी में रहते हैं और कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं. ब्लैकमेल होने के लिए तैयार रहते हैं.
आपके मुताबिक लोग क्यों डरते हैं?
हमारी सोसायटी का यही बड़ा मुद्दा है. लोग डरते हैं कि बात बाहर आ गई तो दूसरे लोग क्या सोचेंगे. मैं तो कहती हूं कि उसको यानी हैकर को जीतने मत दो. पता नहीं आपसे क्या क्या करवाएगा उस चक्कर में. ऐसे मुद्दे पर फिल्म बननी चाहिए ताकि लोगों में कांफिडेंस आए, खासकर महिलाओँ में. मेरा यह फिल्म करने का यही मकसद था कि मैं खड़ी होकर लोगों में कांफिडेंस पैदा कर सकूं. और इस फिल्म से कांफिडेंस पैदा होगा.
आप अभी भी अक्षरा वाली इमेज में हैं. बावजूद इसके इस फिल्म में आप बोल्ड सीन देने के लिए कैसे तैयार हुईं?
अक्षरा वाली इमेज तो जाएगी नहीं न. मैंने जब फैसला किया कि मुझे फिल्म करनी है तो मुझे पता था कि ऐसा करना होगा. आज कल यह बहुत कॉमन है. मैं तैयार थी इसके लिए. लेकिन हर ऐक्टर का अपना एक दायरा होता है. मुझे पता है कि मेरी बाउंड्री कहां तक है. जो लोग करते हैं मैं उनको गलत नहीं बोलती हूं. रियलिस्टिक करना है तो ओके. पर फिल्म में जैसा दिखता है वैसा होता नहीं है.
आपको ऐसा नहीं लगा कि लाइंस पहले रिलीज होती तो आपके करियर को ज्यादा फायदा मिलता?
मैं ऐसा नहीं सोचती. मैंने जो भी फिल्में की है वो सभी बेहतरीन हैं. जो पहले आ जाए वो सही है. मैं कांफिडेंट हूं.
आप कश्मीर की हैं और लाइंस आपके दिल के करीब है. इसमें कश्मीर घाटी की कहानी है. कश्मीर के हालात को लेकर आप किस तरह से चिंतित होती हैं?
ऐसा नहीं है कि मैं कश्मीर से हूं तो लाइंस मेरे दिल के करीब है. मेरी सारी फिल्में दिल के करीब है. जब मैंने लाइंस की शूटिंग की थी तब वहां हालात बहुत अच्छे थे. टूरिज्म डिपार्टमेंट ने बहुत सपोर्ट किया था. तब प्रॉबल्म नहीं थे. लेकिन आज हालात बिगड़े हुए हैं. इससे मैं क्या, देश का हर नागरिक चिंतित है.
विक्रम भट्ट ने आपके बारे में कहा है कि आपमें सैंसुअलिटी और क्लास का मिश्रण है?
यह उनका बड़प्पन है.
फिल्मों में आने का फैसला आपने देर से लिया?
हर चीज का अपना टाइम होता है. हर चीज सोचनी पड़ती है. मुझे लगा कि मैं फाइनेंशियली मजबूत हूं और अब फैसला ले सकती हूं. तब मैंने फिल्मों में काम करना शुरू किया. सही फैसला लेना भी जरूरी है न.
टीवी की एक बहू स्मृति ईरानी राजनीति में छा गईं और मंत्री भी बन गईं तो दूसरी बहू अक्षरा यानी आप भी राजनीति में कदम रखेंगी?
मेरे लिए पॉलिटिक्स में जाना ठीक नहीं है. अगर मैं वहां चली गई तो फिर फैशनिस्टा कैसे बनूंगी.
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