महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटील 21 को अपनी रणनीति की घोषणा करेंगे. वह सार्वजनिक रूप से यह भी घोषणा करने वाले हैं कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जानेवाले हैं या नहीं.
गौरतलब है कि विखे पाटील के पुत्र डॉ. सुजय विखे पाटील भाजपा के टिकट पर अहमदनगर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं. इस वजह से यह चर्चा है कि विखे पाटील भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जा सकते हैं. इस बारे में उनसे मीडिया ने कई बार संपर्क किया तो उन्होंने चुप्पी साध ली. इधर विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में वे 21अप्रैल को खुलासा करेंगे. जबकि अहमदनगर में 23 अप्रैल को चुनाव है.
विखे पाटील ने अहमदनगर सीट अपने बेटे के लिए मांगी थी. लेकिन यह सीट एनसीपी के खाते में है और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने यह सीट कांग्रेस को देने से साफ इनकार कर दिया. इस बीच भाजपा ने विखे पाटील के पुत्र सुजय को टिकट देने का प्रस्ताव रखा. विखे पाटील ने भाजपा का टिकट मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र भेजकर फैसला लेने को कहा. मगर राहुल ने कोई फैसला नहीं लिया. पिछले दिनों अहमदनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के दौरान भी विखे पाटील के भाजपा में शामिल होने की चर्चा थी. मगर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी मल्लिकार्जुन खंड़गे ने मीडिया को बताया था कि फिलहाल विखे पाटील कांग्रेस में हैं.
इधर कांग्रेस में रहते हुए विखे पाटील अपने पुत्र के लिए खुलकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं. 17 अप्रैल को भी वे अपने बेटे के चुनाव प्रचार कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार का दिशा निर्देशन करते हुए देखे गए. वैसे, उनका कहना है कि वे अपने पुत्र के लिए पिता की भूमिका निभा रहे हैं और उन्होंने विश्वास जताया कि उनका पुत्र भारी मतों से जीत रहा है. जबकि उनके पुत्र के सामने एनसीपी ने संग्राम जगताप को चुनाव मैदान में उतारा है.

