राजस्थान के कोटा में हिमाचल प्रदेश से कोचिंग के लिए गए बच्चों को वापस लाने के लिए अभिभावक चिंतित हैं. लॉकडाउन को एक महीना बीत जाने और प्रदेश में कर्फ्यू के क्रम को देखते हुए शिमला में अभिभावकों ने राज्य सरकार से इसकी गुहार लगाई है. खासकर 11वीं और 12वीं के लिए चलने वाले करीब 6 इंस्टीट्यूट में हिमाचल के बच्चे हैं. राजस्थान सरकार ने इन्हें लॉकडाउन से जाने की अनुमति तो दी है परंतु बच्चे-बच्चियां आएंगी कैसे. प्रदेश में उन्हें विभिन्न जगहों पर अपने-अपने घरों में जाना है. लेकिन राज्य सरकार ने इसके लिए गाड़ियों को यहां से भेजे जाने की अनुमति ही नहीं दी है.
हिमाचल प्रदेश में विपक्ष के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस बारे में कदम उठाने को कहा है. अग्निहोत्री ने ऐतराज भी जताया है कि बच्चों को अगर राज्य के बार्डर पर क्वारंटीन किया जाता है तो उन्हें बेहतर स्थिति में रखा जाए. पर्यटन निगम के होटल या अन्य होटलों में उन्हें रखा जा सकता है. लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यही वक्तव्य दिया है कि अभी सीधे प्रदेश में उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा. दूसरी ओर अभी राजस्थान से उन्हें लाने की कोई व्यवस्था नहीं हुई. वहीं यूपी सरकार ने कोटा से राज्य के बच्चों को निकालने के लिए खास तौर पर बसें भेजी हैं. लेकिन हिमाचल के बच्चों को लाने के लिए उपायुक्तों ने कोई परमिट भी जारी नहीं किया है.
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि बच्चों के संदर्भ में यह बयान सही नहीं है कि ‘जो जहां है वहीं रहे’. जाहिर है, कोटा में बढ़ते कोरोना मामलों के कारण हिमाचल के अभिभावक चिंतित है.

