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असम में विधायक के विवाह ने मचाई हलचल

अपने फेसबुक मित्र के साथ कांग्रेस नेता के दूसरे विवाह पर दो वरिष्ठ मंत्रियों के बीच आरोपों-प्रत्यारोपों की झड़ी. विधायक रूमी नाथ ने जैकी जाकिर के साथ विवाह रचाया जबकि वे अभी अपने पहले पति से कानूनी तौर पर अलग नहीं हुई हैं.

अपडेटेड 16 जून , 2012

इन दिनों फेसबुक मित्र जैकी जाकिर के साथ कांग्रेस विधायक रूमी नाथ का दूसरा विवाह असम के दो मंत्रियों के बीच गर्मागर्म बहस का विषय बन गया है. सरहदी विकास राज्‍यमंत्री सिद्दीक अहमद और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री गौतम राय ने एक-दूसरे पर जाकिर के साथ शादी करने में रूमी की मदद करने का आरोप लगाया है जबकि वे कानूनी तौर पर अपने पहले पति से अभी अलग भी नहीं हुई हैं.

यह कोई पहला मौका नहीं है जब बराक घाटी के ये दो दिग्गज सार्वजनिक रूप से टकराए हैं. दरअसल, दोनों के बीच क्षेत्र का निर्विवाद नेता बनने की होड़ लगी है. जनवरी में अहमद के गृह जनपद करीमगंज के इनतपुर में आकाशवाणी के एफएम स्टेशन के शिलान्यास समारोह में अहमद और राय झगड़ चुके हैं.

पहले से ही शादीशुदा और दो साल की एक बच्ची की मां 33 वर्षीया रूमी और करीमगंज जिले के भांगा के समाज कल्याण विभाग में लोअर डिविजन असिस्टेंट 29 वर्षीय जाकिर 22 मई को सिलचर से गायब हो गए, और उसके बाद 4 जून को गुवाहाटी स्थित रूमी के सरकारी आवास में ही नजर आए. रूमी ने दूसरी शादी करने की बात तो स्वीकार की लेकिन उन खबरों का खंडन किया कि वे मुसलमान हो गई हैं. उन्होंने इंडिया टुडे को बताया, ''मैंने इस्लाम में धर्मांतरण नहीं किया है. मैंने इसे केवल शादी करने के लिए अपनाया है. अहमद ने ही जाकिर के साथ शादी करने में मेरी मदद की और अब वे ही मेरे धर्मांतरण की खबर फैला रहे हैं.''

रूमी डॉक्टर हैं और उन्होंने अभी तक अपने पहले पति डॉ. राकेश कुमार सिंह को तलाक नहीं दिया है. उत्तर प्रदेश के मूल निवासी डॉ. राकेश कुमार सिंह अब अपना कारोबार करते हैं.

जाकिर के साथ रूमी के विवाह की बात पहली बार अप्रैल के दूसरे सप्ताह में प्रकाश में आई थी जब उनके फेसबुक प्रोफाइल स्टेटस को 'मैरीड टू जैकी जाकिर' लिखकर अपडेट किया गया था. उस समय उन्होंने इस खबर को यह कहकर खारिज कर दिया था कि उनकी प्रोफाइल हैक कर ली गई थी.

अहमद ने यह कहते हुए शादी में अपनी भूमिका से इनकार किया है कि 13 अप्रैल को शादी के बाद जाकिर ने राय को फोन किया था. अहमद कहते हैं, ''उस समय मैं, एक अन्य मंत्री के साथ राय के ही साथ था. जब जाकिर ने फोन किया तो राय ने हमें सुनाने के लिए फोन का लाउडस्पीकर ऑन कर दिया.'' राय ने अहमद के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इनकार कर दिया. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा, ''वे जो कहना चाहें, कहें. मुझे परवाह नहीं है.''

इस मुद्दे ने सांप्रदायिक रंग ले लिया है. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की स्थानीय इकाइयों को लगता है कि रूमी ने अपने संप्रदाय को कलंकित किया है. बारखोला की एक मंदिर समिति नृमाता भैरब सेवा समिति ने जून में कछार के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष उन पर यह आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है कि उन्होंने एक मुसलमान से शादी करने के बाद और अंततः जाकिर के साथ भाग जाने के पहले तक अपने पहले पति के साथ अपने निर्वाचन क्षेत्र में मंदिरों के दर्शन करके धार्मिक भावनाओं को आहत किया है.

रूमी के पहले पति ने चोरी और गैरकानूनी शादी का इल्जाम लगाते हुए उन पर सिलचर सत्र न्यायालय में एक मुकदमा दायर किया है तो रूमी ने दिसपुर पुलिस स्टेशन में यह कहते हुए एक जवाबी अर्जी दाखिल की है कि डॉ. राकेश कुमार सिंह ने उन्हें शारीरिक और मानसिक तौर पर परेशान किया था.

रूमी ने 2004 में सिलचर जिले की बारखोला सीट से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था. लेकिन 2010 में राज्‍यसभा चुनाव में कांग्रेस को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से क्रॉस-वोटिंग करने के चलते वे भाजपा से निष्कासित कर दी गई थीं.

2011 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने उन्हें टिकट देकर पुरस्कृत किया और वे दोबारा जीत गईं. अब सिलचर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भुवनेश्वर कलिता को रूमी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है. रूमी कहती हैं, ''मेरी शादी में दिलचस्पी लेने की बजाए पार्टी के लोगों के पास करने के लिए और भी बेहतर काम हैं.''

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