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लॉकडाउन 4.0 पर क्या बोल रही हैं राज्य सरकारें?

जाहिर है कोई भी राज्य पूरी तरह से लॉकडाउन खत्म किए जाने के पक्ष में नहीं है. सभी धीरे-धीरे बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ़ रहे हैं. लॉकडाउन के चौथे भाग में स्कूल, कॉलेज, मॉल और मूवी थियेटर किसी भी इलाके में नहीं खुलेंगे.

लॉकडाउन क्यों नहीं खोलना चाहती सरकार?
लॉकडाउन क्यों नहीं खोलना चाहती सरकार?
अपडेटेड 16 मई , 2020

पूरी दुनिया में दहशत फैलाने के बाद कोरोना वायरस जिस तरह से भारत में पांव पसार रहा था उसे देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन जैसा कदम उठाना जरूरी समझा. लेकिन अब इसे खत्म करना भी जरूरी हो गया है. क्योंकि इससे आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई है. जो रोजगार आदि जैसी समस्या पैदा कर रही है. हालात अगर ऐसे ही रहे तो हमारी अर्थव्यस्था तबाह हो जाएगी. ऐसे में केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के चौथे भाग में कुछ ढील देने की बात कही है. जिससे कि कोरोना महामारी के प्रसार पर भी काबू रहे, साथ ही देश की अर्थव्यस्था भी पटरी पर लौट सके. जानकारी मिली है कि इस लॉकडाउन में भविष्य को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. जिससे कि कोरोना वायरस के साथ-साथ हमारी जिंदगी भी चलती रहे, ऐसे सब कुछ स्थिर ना हो जाए. 

वर्तमान हालात को नया सामान्य स्थिति मानते हुए अब देश आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है. लॉकडाउन-4 में साफ-सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क आदि सुरक्षा का ख्याल रखते हुए कई चीजों में ढील मिलेगी. हालांकि संक्रमित जोन के लिए स्थितियां पहले जैसे ही रहेगी.    

जाहिर है कोई भी राज्य पूरी तरह से लॉकडाउन खत्म किए जाने के पक्ष में नहीं है. सभी धीरे-धीरे बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ़ रहे हैं.  एक अधिकारी ने कहा, 'कोई भी राज्य सरकार लॉकडाउन खत्म नहीं करना चाहती है लेकिन सभी आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के पक्ष में हैं.'

नए लॉकडाउन यानी कि चौथे हिस्से में स्कूल, कॉलेज, मॉल और मूवी थियेटर किसी भी इलाके में नहीं खुलेंगे. वहीं सैलून, नाई की दुकान और स्पा सेंटर को रेड जोन में सावधानी के साथ खोला जा सकता है. हालांकि कैंटोनमेंट इलाके में यह बंद रहेगा. इसके अलावा ग्रीन जोन और ऑरेंज जोन में भी यह खुला रहेगा.  

बता दें, शुक्रवार तक सभी राज्यों को अपने सुझाव केंद्र सरकार के समक्ष सौंपना था. 

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आजतक को जानकारी मिली है कि पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम और तेलंगाना लॉकडाउन को अभी आगे बढ़ाने के पक्ष में थे. पंजाब सरकार ने पहले की तरह ही लॉकडाउन लागू रखने की बात कही थी. इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को छूट देने की मांग की थी. जिससे कि धीरे-धीरे राज्य इस हालत से बाहर निकलने और कोरोना संक्रमण से बचते हुए आर्थिक सुधारों के लिए एग्जिट प्लान की रणनीति पर काम कर सके.  

बीजेपी शासित त्रिपुरा ने भी अन्य सरकारों की तरह ही राज्य को ढील देने की मांग की थी. जिससे कि वो हालात के मुताबिक ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन तय कर सकें. एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात समेत कई अन्य राज्य की बुरी हालत है. 

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सिक्किम जैसा राज्य जहां पर एक भी कोविड-19 का केस नहीं है उन्होंने भी कठोर लॉकडाउन की मांग की है. जबकि इनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पर्यटन पर आधारित है. सिक्किम का मानना है कि अगर कोई संक्रमित व्यक्ति गलती से भी वहां पहुंच जाता है तो फिर पूरे राज्य में इसके फैलने का खतरा रहेगा. 

हालांकि केंद्र सरकार आने वाले कुछ दिनों में सार्वजनिक परिवहन, जैसे कि बस, रेल और घरेलू विमानों की आवाजाही में ढील दे सकती है. हालांकि तमिलनाडु, कर्नाटक और बिहार जैसे राज्य मई के आखिर तक ट्रेन और विमान सेवा शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं. 

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