हर रोज जब शाहिद बलवा तिहाड़ जेल की 10 फुट चौड़ी और 15 फुट लंबी कोठरी से निकलकर पटियाला हाउस की अदालत में आते हैं तो अपने साथ 2जी घोटाले में सीबीआइ आरोप पत्र (चार्जशीट) के 80,000 पन्नों में से चुनिंदा कागजों का पुलिंदा लिए होते हैं.
इन पन्नों के कुछ अंश को रंगीन कलम से रंग दिया गया होता है तो कुछ अंशों को रेखांकित. फिर डाइनेमिक्स बलवास के 39 वर्षीय एमडी बलवा अपने वकील विजय अग्रवाल के साथ मुकदमे पर चर्चा करते हैं. अग्रवाल कहते हैं, ''हमें फुसफुसाकर बात करनी पड़ती है, क्योंकि कांस्टेबल हमें गिद्ध के समान तेज निगाहों से घूरता रहता है.''
बलवा सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीबीआइ के आरोपपत्र पर सुनवाई के दौरान पूरी तरह व्यस्त रहते हैं. इस बीच वे लॉकअप में जाने के लिए करीब 15 मिनट का विराम लेते हैं और अपना लंच करते हैं. लंच में उन्हें तिहाड़ जेल की कैंटीन से मिले कूपन से खरीदे हुए स्नैक्स खाने होते हैं.
बलवा, जो कभी फोर्ब्स पत्रिका की सूची में भारत के 100 सबसे अमीर लोगों में शामिल थे, आज जेल नंबर 1 में हैं. वे दिल्ली में 400 एकड़ में बनी तिहाड़ जेल की जिंदगी के साथ तालमेल बैठाने वाले अमीरों में अकेले नहीं हैं. दरअसल, इस समय इस जेल में रहने वाली सबसे मशहूर हस्ती हैं 48 वर्षीय पूर्व दूरसंचार मंत्री अंदीमुथु राजा, जो लगता है, तमिल पुस्तकें पढ़ते हुए, हफ्ते में दो बार घर का बना भोजन करते हुए और टीवी देखते हुए खुद को जेल की जिंदगी में ढाल चुके हैं.
उनकी कोठरी में एक शौचालय है जिसमें एक नल लगा है. उनके पूर्व निजी सचिव आर.के. चंदोलिया और पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा भी हैं, जिन सभी को फरवरी में 2जी घोटाले में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जेल अधिकारियों की मानें तो इन्हें सुरक्षा कारणों से उसी वार्ड में भेज दिया गया है, वरना उन्हें घोर अपराधियों के साथ रहना पड़ता.
तिहाड़ जेल के महानिदेशक नीरज कुमार के कमरे में रखा तिहाड़ में कैदियों की संख्या का चार्ट बताता है कि यहां फिलहाल 11,832 कैदी रह रहे हैं. वे उम्मीद कर रहे हैं कि 11,833वें कैदी भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख 67 वर्षीय सुरेश कलमाडी हो सकते हैं, जो पिछले आठ दिन से सीबीआइ की हिरासत में हैं.
नीरज कुमार कहते हैं, ''हमें उनके लिए जगह देखनी होगी.'' कलमाडी सीडब्लूजी की आयोजन समिति के दूसरे सहकर्मियों ललित भनोट और वी.के. वर्मा के साथ शामिल हो सकते हैं, जो जेल नंबर 3 में रह रहे हैं. यह सबसे भीड़भाड़ वाली जेल है, जहां इस समय 2,011 कैदी बंद हैं. उन्हें दिन में 12 बजे लंच और शाम 7 बजे डिनर करना होगा. खाने में रोटी या चावल के साथ दाल और सब्जी होगी.
सुबह 8 बजे नाश्ते में वे चाय और दो ब्रेड स्लाइस ले सकते हैं और शाम 5 बजे नींबू पानी. अगर वे ज्यादा भूखे हैं तो हफ्ते में अधिकतम 3,000 रु. के कूपन से जेल की कैंटीन से सेब, समोसे या भुजिया खरीद सकते हैं. मनोरंजन के लिए वे अपनी कोठरी में टीवी देख सकते हैं. तिहाड़ की कोठरियों और वार्ड में करीब 1,000 टीवी सेट लगे हैं. वे पुस्तकालय से किताबें भी पढ़ने के लिए ले सकते हैं.
लेकिन यह दोस्तों से मिलने में भी मददगार है. बलवा उसी वार्ड में हैं जहां उनके भाई आसिफ, जिन्हें द्रमुक के कलैनार टीवी चैनल को पैसा हस्तांतरित करने में हाथ होने के आरोप में मार्च में राजीव अग्रवाल के साथ गिरफ्तार किया गया था, रखे गए हैं.
वे सभी एक साथ भोजन करते हैं जो घर से आता है (हर कैदी को हफ्ते में दो बार घर का बना खाना खाने की इजाजत है और वे बारीबारी से इसका फायदा उठाते हैं). इसके अलावा हर कैदी को जेल में अपने वकील से दिन में एक बार मिलने की छूट है, लेकिन बलवा और डीबी रियल्टी के प्रबंध निदेशक 52 वर्षीय विनोद गोयनका, जो फोर्ब्स के अनुसार2010 में 1.18 अरब डॉलर के मालिक थे, इन दिनों अपने वकीलों से अदालत के कमरे में ही मिलना पसंद करते हैं.
यूनीटेक के 37 वर्षीय प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, जिन्हें 20 अप्रैल को गोयनका और रिलायंस एडीए समूह के तीन बड़े अधिकारियों गौतम दोषी, हरि नायर और सुरेंद्र पिपारा के साथ गिरफ्तार किया गया था, भी जेल नंबर 3 में खुद को ढालने की कोशिश कर रहे हैं. दिल्ली के उच्च वर्ग में रहने वाले चंद्रा पटियाला हाउस कोर्ट में हर रोज सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच अपने परिवार से मिलते हैं. वे अपना समय चटाई पर सोकर मच्छरों से लड़ते हुए गुजारते हैं.
ऐसा लग रहा है जैसे तिहाड़ जेल अचानक देश की बड़ी हस्तियों और कुछ बड़े अधिकारियों व पेशेवरों की रिहाइश की जगह बनती जा रही है. इससे बैरकों, जहां एक कोठरी में 30 कैदी रहते हैं, में बंद दूसरे कैदियों की दशा से ध्यान हट जाता है. तिहाड़ की आधिकारिक क्षमता 6,250 है, लेकिन इसमें लगभग दो गुना कैदी रहते हैं. यह संख्या 2जी और सीडब्लूजी के घोटालों के चलते और बढ़ सकती है.

