लॉकडाउन लागू होने के बाद दस लाख से अधिक प्रवासी मजदूर यूपी के गांवों में पहुंचे हैं. इन्हें तुरंत रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट –मनरेगा का सहारा लिया लेकिन इन मजदूरों को लंबे समय तक ग्रामीण इलाकों में रोके रखने के लिए सरकार खेलों का सहारा भी लेने जा रही है.
यूपी की योगी आदित्यनाथ की सरकार चार स्तरों की खेल प्रोत्साहन समितियां बनाने की तैयारी कर रही है. राज्य में पहले ही जिला स्तरीय खेल प्रोत्साहन समितियां हैं पर ज्यादतर निष्क्रिय हैं. ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि तहसील, जिला, मण्डल और राज्य स्तर पर खेल प्रोत्साहन समितियां बनाई जाएं.
प्रमुख सचिव खेल, कल्पना अवस्थी के निर्देशन में खेल निदेशालय ने प्रोत्साहन समिति का प्रस्ताव तैयार किया है. इसके अनुसार तहसील स्तर की खेल प्रोत्साहन समिति के अध्यक्ष एसडीएम और सचिव उप क्रीड़ाधिकारी या सहायक प्रशिक्षक होंगे. जिला समिति के अध्यक्ष डीएम, सचिव क्रीड़ाधिकारी होंगे. मण्डलीय समित के अध्यक्ष मण्डलायुक्त व सचिव क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी होंगे.
राज्य समित के अध्यक्ष मुख्यमंत्री और सचिव खेल निदेशक होंगे.
ये समितियां तहसील, जिला, मंडल स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं को चिन्हित करेंगे. इन प्रतिभाओं को खेल की सुविधाएं उपलब्ध कराना. उन्हें अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में भेजने के साथ इन्हें रोजगार के अवसरों की जानकारी देकर उसके लिए तैयार करना भी इन खेल प्रोत्साहन समितियों के जिम्मे होगा.
सबसे बड़ी चुनौती इन खेल प्रोत्साहन समितियों के लिए बजट का इंतजाम करना है. इसके लिए भी खेल विभाग ने एक योजना बनाई है. खेल विभाग के राज्य भर के जिमनेजियम और स्विमिंग पूल का प्रयोग करने वाले सदस्यों से वार्षिक पंजीकरण शुल्क के रूप में पांच हजार रुपये लिए जाएंगे. साथ ही प्रतिभागी एक हजार रुपये लिये जाएंगे.
वहीं स्टेडियमों में आने वाले व्यक्तियों को आजीवन सदस्य बनाकर उनसे शुल्क लिया जाए. इसके लिए आयु के हिसाब से 30 से 50 हजार रुपये आजीवन शुल्क लेने का विचार किया जा रहा है. 75 वर्ष से ऊपर वाले व्यक्ति नि:शुल्क स्टेडियमों का उपयोग कर सकेंगे.
पेशेवर खिलाड़ियों पंजीरण के शुल्क के अलावा 100 रुपये प्रतिवर्ष खेल प्रोत्साहन समिति में जमा कराए जाएंगे. खेल मैदानों के आरक्षण में 1000 रुपये प्रोत्साहन समिति में जाएंगे. वहीं बैडमिंटन हॉल में भी प्रतिव्यक्ति 1000 रुपये का अंशदान खेल प्रोत्साहन समिति में जाएगा.
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