तिमाही नतीजों का मौसम शेयर बाजार में ट्रेड करने वाले ट्रेडर्स और मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए मुनाफावसूली का अच्छा मौका माना जाता है. इसकी वजह नतीजों के बाद प्रतिक्रिया में शेयरों में आने वाला उतार-चढ़ाव है. सोमवार को केंद्रीय सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी अनुमान में अर्थव्यवस्था में सुधार का अनुमान लगाया गया है. सीएसओ के मुताबिक वित्त वर्ष 2019 में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी रहने के अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2018 के 6.7 फीसदी से ज्यादा है. हालांकि यह अनुमान रिजर्व बैंक की ओर से तय अनुमान 7.4 से कम है. जीडीपी ग्रोथ के अनुमान के बीच अलग अलग सेक्टर की कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहेगा यह बड़ा सवाल है.
पहले बाजार की बात
निष्ठा कंसल्टेंसी के प्रमुख राजेश शर्मा कहते हैं, ‘’ बाजार अभी एक दायरे में बना हुआ है और अहम स्तर के आस पास ही ट्रेड कर रहा है. राजेश कहते हैं 10870 के बाद ही बाजार में किसी नई देती की उम्मीद करना सही होगा. इससे पहले बाजार एक दायरे में कारोबार करेगा. बाजार के इतर शेयरों की बात करें तो खरीदारी के अच्छे मौके मिल सकते हैं, जिसकी एक वजह तिमाही नतीजों के सीजन का आगाज है.
कहां कैसे नतीजों की उम्मीद?
एस्कॉर्ट सिक्योरिटीज के हेड (रिसर्च) आसिफ इकबाल के मुताबिक इस तिमाही के नतीजों में सरकारी बैंक, फॉर्मा, मीडिया, सीमेंट और एफएमसीजी कंपनियों के नतीजे बेहतर रह सकते हैं. इस तिमाही में गिरीं बॉण्ड यील्ड का फायदा सरकारी बैंकों को मिलेगा, जिसके असर से मुनाफा बढ़ने की उम्मीद है.
वहीं मॉनसून के खत्म होने से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की एक्टिविटी में सुधार की उम्मीद है. साथ ही रुपए में सुधार और कोयले के सस्ते होने का फायदा सीमेंट सेक्टर को मिलेगा, जिससे यहां भी नतीजे बेहतर देखने को मिल सकत हैं.
फार्मा सेक्टर की कंपनियों को इस तिमाही में कई नए दवाओं के अप्रूवल मिले हैं, जिससे इस सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में तेजी दिख सकती है और इस तेजी का फायदा अन्य कंपनियों को भी मिलेगा.
स्टील सेक्टर में कीमतें घटने से मार्जिन पर असर पड़ सकता है, ऐसे में सीमेंट कंपनियों के नतीजे मिलेजुले रह सकते हैं.
बिक्री के आंकड़ों को देखते हुए ऑटो कंपनियों की ओर से भी बहुत अच्छे नतीजों की उम्मीद नहीं है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नतीजों कमजोर रहने की आशंका है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इन कंपनियों को पुरानी इन्वेंट्री पर नुकसान होगा, जिसका असर तिमाही नतीजों में भी देखने को मिलेगा.
सेक्टर्स से जुड़ी खबरों और संकेतों के आधार पर निवेशक ट्रेड या छोटी अवधि के निवेश की रणनीति बना सकते हैं.
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