देशवासियों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन मिल सके इसके लिए सरकार ने बजट में 35,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते समय कहा कि अगर जरूरत हुई तो सरकार आगे भी धन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. गौरतलब है कि भारत में 16 जनवरी से कोविड-19 के खिलाफ विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है. बड़ा सवाल यह है कि क्या 35,000 करोड़ रुपए की रकम से देशभर में टीकाकरण किया जा सकता है? यह जानने के लिए समझिए वैक्सीन का अर्थशास्त्र...
मान लीजिए अगर देश में 100 करोड़ की आबादी को भी वैक्सीन देनी है तो 35,000 करोड़ रुपए के बजट से हर व्यक्ति के हिस्से में आएंगे 350 रुपए. वैक्सीन की पहली खेप रवाना करते समय सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला कहते हैं, "हम गरीब जनता और स्वास्थ्यकर्मियों की मदद करना चाहते हैं. ऐसे में सरकार के निवेदन पर पहली 10 करोड़ वैक्सीन 200 रुपए के विशेष मूल्य पर मुहैया कराई हैं. इसके बाद हम खुले बाजार में इसे 1,000 रुपए पर बेचेंगे.’’ टीकाकरण में वैक्सीन की दो डोज लेनी हैं यानी प्रति व्यक्ति इसका खर्च करीब 2,000 रुपए बैठेगा.
इस तरह 100 करोड़ लोगों के टीकाकरण का खर्च करीब 2 लाख करोड़ रुपए बैठेगा. इस गणित के हिसाब से 35,000 करोड़ रुपए का रकम एक चौथाई से भी कम है. इस हिसाब से यह माना जा सकता है कि सरकार आवंटित राशि से देश की बड़ी संख्या का टीकाकरण नहीं कर सकती है. विशेष मूल्य पर सभी कंपनियां भी अगर कुछ डोज दे देंगी तब भी नहीं. गौरतलब है कि देश की 135 करोड़ की आबादी में हमने यह हिसाब 100 करोड़ लोगों पर ही लगाया है. ऐसे में खुले बाजार में वैक्सीन की बिक्री शुरू होने के बाद सरकार लोगों को खुद वैक्सीन खरीदकर लगवाने की छूट दे सकती है.
सरकार की ओर से तय कार्यक्रम के मुताबिक सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मियों और फिर 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीके की खुराक दी जाएगी. बाद के चरण में गंभीर रूप से बीमार 50 साल से कम उम्र के लोगों का टीकाकरण होगा.
इतना तो है कुल बजट
टीकाकरण के लिए दो लाख करोड़ रुपए का हिसाब जोड़ चुके हैं तो अब स्वास्थ्य के कुल बजट पर भी नजर डालिए. 2021-22 में स्वास्थ्य का बजट 2,23,846 करोड़ रुपए रखने का प्रावधान हैं. सरकार ने स्वास्थ्य के बजट में 137 फीसद की बढ़ोतरी की है. मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कुल 94,452 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था.
***

