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2012 है सपने साकार करने का साल

अर्थव्यवस्था में सुस्ती है. इस वक्त बाजार में घर ज्‍यादा हैं और खरीदार कम. कुल मिलाकर खरीदारी का समय है. जानिए खरीदारी के कुछ खास टिप्स.

प्रॉपर्टी मंत्रा
प्रॉपर्टी मंत्रा
अपडेटेड 6 जनवरी , 2012

आप घर खरीदने का फैसला बार-बार नहीं करते, इसलिए अच्छे मोल-भाव से बेहतर और कोई बात नहीं हो सकती. वैसे भी 2012 का आगाज हो गया है, ऐसे में अगर आपने नई प्रॉपर्टी या मकान खरीदने का इरादा बना ही लिया है तो मौका एकदम माकूल है.

4 जनवरी 2012: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे

आर्थिक हालात खतरे की घंटी बजा रहे हैं और प्रॉपर्टी की मांग बहुत कम हो गई है. अपने घर का ख्वाब सच करने के इच्छुक लोग इस माहौल का भरपूर फायदा उठा सकते हैं.

28 दिसम्‍बर 2011: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे

अगर समझ्दारी से कदम उठाएं तो आप एक अच्छी डील पा सकते हैं. प्रॉपर्टी एडवाइजरी फर्म जोन्स लैंग लासैले (जेएलएल) इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर (पश्चिम) रमेश नायर कहते हैं, ''डेवलपर्स के पास नकदी की कमी है, वे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. देश के विभिन्न हिस्सों में घरों की खरीद में गिरावट आ रही है, ऐसे में वे कीमत पर मोल-भाव करने को आसानी से तैयार हो जाते हैं.''

21 दिसम्‍बर 2011: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे

नई दिल्ली की रियल एस्टेट ब्रोक्रेज फर्म अग्नि प्रॉपर्टी के डायरेक्टर समरजीत सिंह कहते हैं, ''मौजूदा बाजार में ग्राहकों की अपेक्षा नई प्रॉपर्टी की तादाद ज्‍यादा है. घर ज्‍यादा हैं और खरीदार कम. ऐसे में डेवलपर्स के साथ नए ढंग की सौदेबाजी करने के कई मौके हैं. डेवलपर के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह अपने सामान को किसी-न-किसी तरह बेच डाले.''

14 दिसंबर 2011: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे

अच्छे से जानें रुझान
डेवलपर के साथ बातचीत से पहले आपको स्थानीय प्रॉपर्टी बाजार की अच्छी जानकारी होनी चाहिए. आपको इलाके में मिलती-जुलती प्रॉपर्टी की कीमतें पता होनी चाहिए. आपको यह भी पता होना चाहिए कि प्रॉपर्टी कितने समय से बेचने के लिए पड़ी है. अगर रेजीडेंशियल प्रोजेक्ट में मकान लंबे समय तक बिना बिके रहता है तो डेवलपर इसको बेचने के लिए बेताब होगा.

07 दिसंबर 2011: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे

कीमतों का विश्लेषण भी बेहद जरूरी है. लांच के समय की कीमत जानें और इसकी तुलना मौजूदा कीमत से करें. स्थानीय ब्रोकरों से कीमत का रुझान जानें. इनसे अंदाज लग सकेगा कि बताई गई कीमत पर आपको कितनी छूट मिल सकेगी. जिस शख्स ने इस प्रोजेक्ट में मकान खरीदा है, वह भी डेवलपर से मिलने वाली छूट की सही तस्वीर आपके सामने पेश कर सकता है.

30 नवंबर 2011: तस्‍वीरों में देखें इंडिया टुडे

नई दिल्ली के बिल्डर ब्रिस्क इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐंड डेवलपर्स के कैलाश गहलोत कहते हैं, ''मोल-भाव में दो बातें मुख्य रहती हैं: डेवलपर के नकदी संबंधी हालात और उसे कितने मकान बेचने की जरूरत है. नकदी को लेकर डेवलपर का हाथ तंग है और उसके पास बेचने के लिए कई मकान पड़े हैं, ऐसे में वह ज्‍यादा मकान बेचकर नकदी जुटाना चाहेगा. हर डेवलपर के मामले में स्थितियां अलग रहेंगी. ग्राहक को इन्हें आंकने की जरूरत है.''

यू रखें प्रस्ताव
जब आपको संभावित छूट का अनुमान लग जाए तो फिर प्रस्ताव रखें. डेवलपर की सेल्स टीम से बात करें और उसे बताएं कि आप जल्द से जल्द मकान खरीदना चाहते हैं. डेवलपर के उस समय छूट देने की संभावना ज्‍यादा रहती है, जब उसे लगे कि वाकई आप एक गंभीर खरीदार हैं.

एक या दो दिन अपने लिए रखें. प्रॉपर्टी के लिए कुछ इस तरह खोज करें जिसके कुछ नतीजे निकलें. बढ़िया रणनीति तो यही है कि इलाके में अच्छे से घूमा जाए और विभिन्न डेवलपर्स से बेहतरीन कीमतों की जानकारी ली जाए.

पसंद आने वाली प्रॉपर्टी की लिस्ट बना लें. हर डेवलपर को इस बात का एहसास होने दें कि आप आकर्षक दाम पर सबसे बिढ़या प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं. यह भी कि आप जल्द से जल्द सौदा करने का इरादा रखते हैं. डेवलपर्स से कहें कि आप सभी प्रस्तावों की तुलना करेंगे.

अगर इलाके में बिक्री में गिरावट आ रही है और बड़ी संख्या में बिना बिके हुए मकान पड़े हैं तो डेवलपर का ध्यान इस ओर दिलाएं और इसका अपने लिए लाभ लें. बेशक कम कीमत पर ही सही, जल्द से जल्द बेचना डेवलपर्स के लिए फायदे का सौदा रहता है क्योंकि इससे उनकी फंडिंग कॉस्ट बचती है और नए प्रोजेक्ट के लिए नकदी भी मिलती है.

आपके पास कीमत के ढेर सारे प्रस्ताव आ जाएं तो डेवलपर्स को अपना प्रस्ताव बताएं. जेएलएल के नायर कहते हैं, ''आपका शुरुआती प्रस्ताव बताई गई कीमत से 15 प्रतिशत कम होना चाहिए. लेकिन आपको 7 से 8 फीसदी की छूट पर मानने को तैयार रहना चाहिए. आपको यह भले यह लगे कि डेवलपर इसे मानेगा नहीं, फिर भी मकान खरीदने के लिए प्रस्ताव करें. कई डेवलपर आपके प्रस्ताव न रखने तक सौदेबाजी शुरू नहीं करते.''

कर्ज चुकता होने की जानकारी
डेवलपर्स जल्द से जल्द मकान बेचने को तैयार रहते हैं. अगर आप कुछ पैसा पहले दे देते हैं तो आपको अच्छा सौदा मिल सकता है. इस तरह की स्थितियों के लिए पैसा तैयार रखें.

नायर कहते हैं, ''आपके पास बैंक या फाइनेंस कंपनी से पहले से मंजूर लोन होना चाहिए. खरीदार के पास चेकबुक या ???? होम लोन मंजूरी के सबूत सबसे बड़े हथियार हैं. इससे डेवलपर को संदेश मिलता है कि खरीदार वाकई गंभीर है. वह उसे बातचीत के लिए और अधिक प्रेरित करता है.''

ब्रिस्क इन्फ्रास्ट्रक्चर के गहलोत कहते हैं, ''अगर खरीदार के पास पूंजी है और वह नकद भुगतान करना चाहता है तो वह और अधिक छूट यानी लगभग 9-10 प्रतिशत तक के लिए बात कर सकता है. अगर खरीदार का होम लोन बकाया है तो स्थिति कुछ और ही होगी.''

प्रॉपर्टी डीलर का इस्तेमाल
रियल एस्टेट मार्केट में बिक्री के दो तरह के मॉडल काम करते हैं. कुछ डेवलपर्स की अपनी सेल्स टीम होती हैं जबकि कुछ ब्रोकर का सहारा लेते हैं. अक्सर, वे दोनों का ही इस्तेमाल करते हैं. ब्रोकर आपको तुरंत ही प्रॉपर्टी खोजने में मदद कर सकते हैं क्योंकि उन्हें बाजार और इलाके के प्रोजेक्ट्स की जानकारी रहती है.

एक प्रतिष्ठित ब्रोकर आपको अच्छा सौदा दिला सकता है लेकिन आपको उसकी सर्विस के लिए भुगतान करना होगा. प्रॉपर्टी डीलर के बिना सौदा करना आपके लिए सिर्फ तभी फायदे का रहेगा जब आपको बाजार की अच्छी समझ हो.

गहलोत कहते हैं, ''आम तौर पर सीधे डेवलपर से प्रॉपर्टी खरीदना सही रहता है. हालांकि कई मामलों में, अच्छे ब्रोकर अपने ग्राहकों के लिए अच्छे सौदे ला सकते हैं.''

एक बार फिर अग्नि प्रॉपर्टी के समरजीत सिंह की सुनें, ''डेवलपर जहां एक साथ कई घर बेच रहा होता है, वहीं अधिकतर लोग जिंदगी में एक बार ही घर खरीदते हैं. ऐसे में जरूरी है कि ग्राहकों को बेहतर डील दिलाएं.''

अगर आप ब्रोकरकी मदद ले रहे हैं तो भी खुद बाजार को अच्छे से खंगालें और कीमतों का पता लगाएं. ऐसे में आप पक्का कर सकेंगे कि ब्रोकर आपके हितों का ध्यान रख रहा है और बड़े कमीशन के लिए ऊंची कीमत नहीं बता रहा है.

घर खरीदवाने वाली वेबसाइट Groffer.com और SnapGhar.com भी 5-15 प्रतिशत तक छूट दिलवा देती हैं. इस तरह की वेबसाइट के जरिए संपर्क करने पर आपको डेवलपर्स की ओर से पहले से तैयार प्रस्ताव मिल सकते हैं.

साथ ही वेबसाइट के जरिए और अधिक मोल-भाव की गुंजाइश भी नहीं रह जाती है. अगर आप सीधे डेवलपर के पास जा रहे हैं, तब भी आप इन वेबसाइट पर दी गई लिस्टों के जरिए प्रोजेक्ट ढूंढ़ सकते हैं. आप अन्य संभावित खरीदारों के साथ भी टीम बना सकते हैं. गहलोत कहते हैं, ''अगर दो या तीन लोगों का समूह होता है, तो सौदेबाजी आसान हो जाती है.''

यथार्थवादी नजरिया
बेशक आप अकेले जाएं या समूह में, वाजिब कीमत पर मोल-भाव करें. नायर कहते हैं, ''अगर आज के बाजार में डेवलपर्स मोल-भाव करने के लिए तैयार हैं, फिर भी वे एक सीमा के नीचे कीमत लाने को कतई तैयार नहीं होंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि वे इस धारणा को नहीं फैलाना चाहते कि कुछ खरीदार अन्य की अपेक्षा कम पैसे दे रहे हैं.हालांकि यह संभव है कि वे दूसरी सुविधाएं ज्‍यादा देने को तैयार हो सकते हैं.''

नायर कहते हैं, ''अधिकतर डेवपलर्स को झंझटबाजी पसंद नहीं. इसलिए एक ही प्रस्ताव में अपनी सारी बातों को शामिल कर लें और इसे 'हां' या 'न' का मामला बनाएं.''

कई मामलों में ऐसा भी हो सकता है कि कई डेवलपर्स ज्‍यादा लागत के चलते कीमतों को आपके मनमाफिक स्तर पर न लाएं. ऐसे हालात में, डेवलपर को बता दें कि आप किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले प्रस्ताव का आकलन करेंगे.

आपके पास जो प्रस्ताव हैं, उन पर विचार करें. लेकिन उम्दा सौदे के लिए कुछ हफ्ते तक इंतजार करें. क्योंकि ऐसी संभावना हो सकती है कि कुछ डेवलपर आपके भाव के आस-पास मान गए हैं या फिर कम कीमत पर राजी हो गए हैं.

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