राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी NCP (SCP) के BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ जाने की खबर सामने आ रही है. इन खबरों के बीच, महाराष्ट्र के विधायक रोहित पवार ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक का विरोध जताकर अलग रुख अपनाया है. रोहित, पार्टी अध्यक्ष और पवार परिवार के मुखिया शरद पवार के बड़े भाई के पोते हैं.
NCP (SCP) की कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने संकेत दिया था कि अगर परिसीमन विधेयक में सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में 50 फीसद बढ़ोतरी का प्रावधान किया जाता है, तो उनकी पार्टी इसका समर्थन कर सकती है. इसे दोनों दलों के बीच बढ़ती नजदीकी का संकेत माना गया. हालांकि, बाद में सुले ने अपनी टिप्पणी को हल्का बताते हुए उसका महत्व कम कर दिया.
लोकसभा में NCP (SCP) के आठ सांसद हैं और राज्यसभा में पार्टी प्रमुख शरद पवार अकेले सांसद हैं. महाराष्ट्र विधानसभा में पार्टी के 10 विधायक हैं. कहा जा रहा है कि इनमें से दो को छोड़कर लगभग सभी विधायक NDA के साथ जाने के इच्छुक हो सकते हैं. BJP और NDA की ओर बढ़ते कदमों का मकसद पार्टी में टूट को रोकना भी हो सकता है.
NCP (SCP) के कुछ नेता कांग्रेस में विलय के प्रस्ताव को आगे बढ़ा रहे हैं और इसे दोनों दलों के लिए फायदे का सौदा बता रहे हैं. हालांकि, नेताओं का कहना है कि उन निर्वाचित प्रतिनिधियों को रोकना मुश्किल हो सकता है जो सत्ता के करीब रहना या सरकार का हिस्सा बनना चाहते हैं. कांग्रेस में विलय से दोनों दल अपनी ताकत एकजुट कर सकते हैं और महाराष्ट्र में कांग्रेस को मजबूत नेतृत्व मिल सकता है.
ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नौ में से छह लोकसभा सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो चुके हैं. इसे नरेंद्र मोदी सरकार की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाकर परिसीमन विधेयक पारित कराया जा सके.
अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) जिले की कर्जत-जामखेड सीट से दो बार विधायक रहे रोहित पवार ने आशंका जताई है कि BJP परिसीमन के जरिए निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में अपने फायदे के लिए बदलाव करना चाहती है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन "भौगोलिक सीमाओं या संवैधानिक मानकों को ध्यान में रखे बिना, सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए किया जाएगा." उन्होंने आरोप लगाया कि असम में भी ऐसा ही किया गया था.
रोहित ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि सभी राज्यों की सीटों में 50 फीसद बढ़ोतरी का लालच देकर सरकार इस विधेयक को पारित कराना चाहती है. हालांकि, विपक्ष को भरोसा दिलाने की कोशिश करने के बावजूद, बिल पास होते ही सरकार अपना रुख बदल सकती है.
उन्होंने लिखा, "संविधान बदलने के लिए एक तरफ परिसीमन और दूसरी तरफ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की पूरी तैयारी की जा रही है." रोहित ने आरोप लगाया कि BJP ने पूर्व नौकरशाहों को इस बात की योजना बनाने के लिए लगाया है कि किस निर्वाचन क्षेत्र का किस तरह विभाजन किया जाए. उन्होंने इस कदम का मुकाबला करने के लिए विपक्षी एकजुटता की अपील की.
इस बीच, NCP (SCP) के एनडीए के करीब आने के संकेत देते हुए शरद पवार ने हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. इसके बाद विधानसभा में NCP (SCP) के नेता और पूर्व वित्त मंत्री जयंत पाटिल ने मुंबई स्थित मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास पर उनसे मुलाकात की. वहां NCP के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के भी मौजूद होने की बात कही गई. हालांकि तटकरे ने पाटिल से मुलाकात की बात से इनकार किया.
सूत्रों का कहना है कि रोहित पवार राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 40 वर्षीय रोहित विपक्ष में बन रही खाली जगह को भरने का अवसर देख रहे हैं. सूत्रों का यह भी कहना है कि सुप्रिया सुले और रोहित पवार के अलग-अलग संकेत NCP (SCP) की उस रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं, जिसके तहत पार्टी अपने सभी विकल्प खुले रखना चाहती है.
व्यापार और सहकारी क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले रोहित पवार ने BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राम शिंदे को दो मुश्किल चुनावों में हराया है. राम शिंदे फिलहाल महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति हैं. यह भी कहा जा रहा है कि जनवरी में विमान दुर्घटना में अपने चाचा और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत के बाद रोहित की नजर पुणे जिले की बारामती सीट पर हो सकती है. रोहित ने अजीत पवार की मौत को लेकर कई सवाल भी उठाए थे.
फिलहाल बारामती का प्रतिनिधित्व अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार कर रही हैं. उन्होंने अजीत की जगह उपमुख्यमंत्री और उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला है. ऐसी अटकलें हैं कि सुनेत्रा के छोटे बेटे जय 2029 के विधानसभा चुनाव में बारामती से चुनाव लड़ सकते हैं. उनके बड़े बेटे पार्थ राज्यसभा सांसद हैं.
हालांकि, संकेत मिल रहे हैं कि NCP (SCP) अपने अलग अस्तित्व के साथ NDA में शामिल हो सकती है लेकिन बताया जा रहा है कि BJP चाहती है कि पार्टी का विलय सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली NCP में हो. दोनों दलों के विलय का प्रस्ताव अजीत पवार के जीवनकाल में भी आया था लेकिन उनकी मौत के बाद यह बातचीत फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है.
रोहित पवार, शरद पवार के बड़े भाई दिनकरराव उर्फ अप्पासाहेब के पोते हैं. अप्पासाहेब अपने भाई शरद पवार के मार्गदर्शक और निर्वाचन क्षेत्र के प्रबंधक माने जाते थे. वहीं अजीत पवार, शरद पवार के एक अन्य बड़े भाई अनंतराव उर्फ तात्यासाहेब के बेटे थे.

