पुणे ग्रामीण पुलिस ने चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़ आने के बाद सह-आरोपी चेतन चौधरी के एक दोस्त को साजिश में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन को 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले से उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन ने कथित तौर पर धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया था.
पुलिस के मुताबिक, सिया (20) और केतन (25) उस सुबह किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे. दोनों की शादी 25 नवंबर को होनी थी. लेकिन शादी की ये योजनाएं तब त्रासदी में बदल गईं, जब केतन को कथित तौर पर किले से करीब 400 फीट गहरी खाई में धकेल दिया गया.
चेतन वहां से तुरंत निकल गया. इसके बाद सिया ने शोर मचाकर दावा किया कि केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गया. बचाव दल ने केतन का शव बरामद किया और पहले आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया. बाद में साजिश का खुलासा हुआ और सिया और चेतन को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि चेतन के दोस्त रितेश हांगे (23) को साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. हांगे इस मामले में गिरफ्तार होने वाला तीसरा व्यक्ति है. उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
पुलिस के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने हांगे की भूमिका से जुड़े ‘ठोस सबूत’ जुटाने और कड़ियों को जोड़ने का इंतजार किया. इनमें चैट और इलेक्ट्रॉनिक सबूत शामिल थे. इसके बाद ही उसे गिरफ्तार किया गया.
मराठवाड़ा क्षेत्र का रहने वाला हांगे पुणे के पास बालेवाड़ी में एक निजी कंपनी में काम करता है. जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि हांगे हत्या की जगह पर मौजूद नहीं था लेकिन साजिश रचने में उसकी भूमिका थी. सिया और चेतन ने उसे अपने साथ किले पर चलने के लिए कहा था लेकिन उसने जाने से मना कर दिया.
परिवार पहले से परिचित
केतन, विशाल अग्रवाल के बेटा था, जबकि सिया पुणे के बाजार यार्ड में सूखे मेवे और मसालों के थोक कारोबारी प्रवीण गोयल की बेटी है. गोयल और अग्रवाल परिवार एक-दूसरे को 1980 के दशक से जानते थे. उस समय अग्रवाल परिवार धाराशिव जिले के तुलजापुर तीर्थस्थल पर किराना और सूखे मेवों का थोक कारोबार करता था.
केतन के परदादा किसानलाल जब गोयल परिवार से सामान खरीदने पुणे आते थे तो उनके यहां ठहरते थे. अग्रवाल परिवार करीब दो दशक पहले पुणे चला गया. बाद में उन्होंने गोदाम के कारोबार के जरिए रियल एस्टेट के क्षेत्र में कदम रखा.
अमेरिका से मास्टर डिग्री पूरी करने वाले केतन परिवार की रियल एस्टेट कंपनी सक्सेस ग्रुप में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के तौर पर काम करते थे. विशाल और उनका संयुक्त परिवार मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से सटे गहुंजे में 45 एकड़ में फैली चारदीवारी वाली सोसायटी में रहता था.
कोंढवा के एक प्रतिष्ठित स्कूल से पढ़ाई करने वाली सिया के बारे में कहा जाता है कि उसने 12वीं के बाद शहर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी थी. सिया ने केतन की प्रोफाइल ऑनलाइन देखी और उससे मिलने का फैसला किया.
सिया के एक रिश्तेदार के मुताबिक, दोनों ने शादी करने का फैसला किया और 11 फरवरी को सगाई की एक छोटी रस्म भी हुई. इसके बाद 19 फरवरी को पुणे के एक पांच सितारा होटल में भव्य सगाई हुई. दोनों की शादी राजस्थान के उदयपुर के एक रिसॉर्ट में भव्य समारोह में होनी थी.
चेतन का एंगल
2025 के आखिर में सिया की मुलाकात चेतन से एक स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट में हुई थी. चेतन का परिवार राजस्थान का रहने वाला है और किराने का थोक कारोबार करता है. चेतन भी सिया के बड़े भाई साहिल (25) की तरह क्रिकेटर था और दोनों एक-दूसरे को जानते थे.
एक रिश्तेदार ने बताया कि जब साहिल ने दोनों के रिश्ते को लेकर उनसे सवाल किया तो उसने इससे इनकार कर दिया था. सिया अपनी होने वाली शादी को लेकर सहज नहीं हो पा रही थी.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिया ने हत्या से करीब डेढ़ महीने पहले केतन के चाचा से पूछा था कि क्या शादी एक साल के लिए टाली जा सकती है. 25 मई को स्नैपचैट बातचीत का एक कथित स्क्रीनशॉट भी सामने आया है. इसमें सिया अपनी दोस्त से शादी के लिए फ्लाइट टिकट बुक करने के लिए आधार कार्ड भेजने को कह रही है. साथ ही वह कहती है कि यह शादी "जो कभी होने वाली ही नहीं थी".
गिल के मुताबिक, जनवरी से जून के बीच सिया और चेतन के बीच फोन पर 2,004 बार बातचीत हुई. दोनों ने करीब 238 घंटे तक बात की.
पुलिस के एक अधिकारी ने इससे पहले इंडिया टुडे को बताया था, "सिया रिश्ता स्वीकार करके अपने माता-पिता की नजर में 'अच्छी लड़की' बनना चाहती थी. लेकिन वह शादी से बचना भी चाहती थी. ऐसा लगता है कि वह इन दोनों विकल्पों के बीच उलझी हुई थीं."
6 जून को केतन, उनकी बहन संजना, सिया और साहिल की शादी से पहले फोटोशूट के लिए बाली जाने की योजना थी. मुंबई हवाई अड्डे पर केतन के बैग से उसका पासपोर्ट गायब मिला. आशंका है कि सिया ने उसे कहीं फेंक दिया था.
विशाल ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि घर लौटने के बाद केतन ने बताया था कि सिया छोटी-छोटी बातों पर अक्सर उनसे बहस करती थी. पासपोर्ट गायब होने से मामले में संदेह की एक और कड़ी जुड़ गई.
ऐसे हुई कथित हत्या
सिया और केतन 31 मई को लोहागढ़ किले गए थे. कहा जाता है कि यहीं सिया के मन में हत्या का विचार आया. उन्होंने 4 जून को दोनों के फिर किले पर जाने की जिद की लेकिन केतन की मां ने मना कर दिया. हालांकि दोनों 14 जून को किले पर गए.
केतन की मां और बहन ने जांचकर्ताओं को बताया कि 4 जून को उनकी मांग ठुकराए जाने के बाद सिया ने नाराजगी जताई थी. इसके बाद केतन 14 और 18 जून को किले पर गए.
कहा जाता है कि सिया और चेतन लुल्लानगर के एक कॉफी शॉप में मिले थे. यहीं कथित तौर पर साजिश पर चर्चा हुई. उन्होंने किले के वीडियो भी खोजे. गूगल अर्थ से लोहागढ़ के नक्शे डाउनलोड किए और हत्या का तरीका और सुनसान जगह तय करने के लिए AI का इस्तेमाल किया. पुलिस ने बताया कि उन्होंने तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं और 355 जीबी डेटा का एनालिसिस किया जा रहा है.
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को सिया और केतन किले पर चढ़े. चेतन उनके पीछे-पीछे गया. सिया जमीन पर बैठ गईं. यह चेतन के लिए संकेत था. इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर केतन को धक्का देकर उनकी जान ले ली.
जब पुलिस ने चेतन के एंगल से जांच शुरू की तो उसके मोबाइल नंबर को ट्रैक किया गया. पुलिस को पता चला कि उस दिन सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक उसके मोबाइल का डेटा बंद था और उस नंबर पर केवल इनकमिंग कॉल आई थीं. खुद को घटना के समय घटनास्थल से दूर दिखाने के लिए चेतन ने कथित तौर पर अपना फोन दुकान के एक कर्मचारी के फोन से बदल लिया था.
आरोप है कि चेतन किले पर हुडी पहनकर गया था ताकि केतन उसे पहचान न सके. केतन ने सिया के दोस्त के तौर पर चेतन से वीडियो कॉल पर दो बार बात की थी. जब बचाव दल ने केतन का शव बरामद किया तो एक पुलिस कांस्टेबल ने सिया को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वह जिंदा है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सिया यह सुनकर चौंक गई और डरी हुई नजर आई."
21 जून को किले की सीसीटीवी फुटेज देख रहे एक पुलिस अधिकारी को कुछ असामान्य नजर आया. गर्मी के मौसम में एक व्यक्ति हुड वाली स्वेटशर्ट पहने हुए था. उसने हुड को चेहरे पर घूंघट की तरह डाल रखा था. उसने हुड के ऊपर हेडफोन भी लगाया हुआ था. यह पहचान छिपाने की कोशिश लग रही थी.
वह टिकट काउंटर के पास सिया और केतन के आसपास घूम रहा था. एक अधिकारी के मुताबिक, वह इशारों के जरिए सिया से छिपकर बातचीत करता हुआ भी दिखाई दिया.
संदिग्ध सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की. परिवार ने भी अपना संदेह जताया. विशाल हादसे के तीन दिन बाद अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ घटनास्थल पर गया था. उसके मुताबिक उस जगह से किसी का पैर फिसलकर खाई में गिर जाना आसान नहीं था. विशाल ने कहा कि सिया के बयानों और मौत के बाद उनके संदिग्ध व्यवहार से उसका संदेह और बढ़ गया.
विशाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मामले की सुनवाई जल्द कराने की मांग की थी. अग्रवाल परिवार को एक और त्रासदी का सामना करना पड़ा जब परिवार के मुखिया देवीचंद का 4 जुलाई को निधन हो गया.
हत्या और मीडिया में इसकी खबर आने के बाद किले पर आने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई. स्थानीय स्तर पर इस जगह को धीरे-धीरे 'सिया पॉइंट' कहा जाने लगा. पुलिस को उम्मीद है कि वह इस महीने मामले में आरोपपत्र दाखिल करेगी.

