
वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी और वाई.एस. शर्मिला के बीच पारिवारिक संपत्तियों और उनके पिता वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की राजनीतिक विरासत को लेकर लंबे समय से चली आ रही तनातनी अब परिवार की एक भव्य हवेली में शादी करने को लेकर कड़वे विवाद में बदल गई है.
आंध्र प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिला की बेटी वाई.एस. अंजिलि रेड्डी की शादी अमेरिका में रहने वाले सोमाला रघुराम रेड्डी से 25 नवंबर को होनी है. शर्मिला ने शादी के लिए बेंगलुरु के येलहंका में स्थित परिवार की विशाल, महल जैसी संपत्ति को चुना है. इससे उनके बड़े भाई और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन रेड्डी के साथ नया विवाद शुरू हो गया है. जगन रेड्डी युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रमुख हैं.
जगन रेड्डी ने वहां शादी करने के फैसले पर आपत्ति जताई है. विवाद तेजी से बढ़ने के बीच उनके कार्यालय ने 24 अक्टूबर को मीडिया को एक पत्र जारी किया. यह पत्र कथित तौर पर जगन ने 9 अक्टूबर को शर्मिला को लिखा था और इसमें उन्होंने अपनी आपत्तियां जाहिर की थीं. इंडिया टुडे ने यह पत्र देखा है. इसमें जगन रेड्डी ने कहा कि जिस परिसर में वे रहते हैं वहां भव्य शादी होने से "सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं" पैदा होंगी.
सूत्रों के मुताबिक संबंधित संपत्ति करीब 20 एकड़ में फैली है. वहां जगन रेड्डी और शर्मिला के लिए अलग-अलग आवासीय बंगले हैं. दोनों भाई-बहन अक्सर वहां रहते हैं. अपनी बहन को ‘प्रिय शर्मी’ कहकर संबोधित करते हुए जगन पत्र की शुरुआत में लिखते हैं, "पिछले सात साल में जो कुछ भी हुआ है, उसके बावजूद मैं दिल से कामना करता हूं कि अंजिलि का जीवन खुशियों और प्यार से भरा रहे."
उन्होंने आगे लिखा, "इसके बावजूद मुझे पता चला है कि मेरी चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए तुम मेरे बेंगलुरु स्थित आवास पर शादी करने का इरादा रखती हो. जिस परिसर में मैं रहता हूं, वहां शादी कराने से सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा होंगी. इस बारे में कई लोगों के जरिए तुम्हें बताया भी गया है."
जगन आगे समझाते हैं कि शादी में "बड़ी संख्या में लोग परिसर के भीतर आएंगे. इनमें अलग-अलग सेवाएं देने वाले लोग, खानपान का इंतजाम करने वाले कर्मचारी, फूलों की सजावट करने वाली टीमें, कार्यक्रम प्रबंधन से जुड़े लोग, वीडियो बनाने वाले, फोटोग्राफर और मेहमान शामिल होंगे."

उन्होंने लिखा, "इतने सारे लोगों का आना-जाना होगा, जिनमें से ज्यादातर को हम जानते तक नहीं. साथ ही परिसर और आसपास के इलाकों के वीडियो और तस्वीरें भी प्रसारित होंगी. इससे सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा होंगी."
जगन का कहना है कि यह फैसला लेना "आसान नहीं था", क्योंकि उन्होंने अंजिलि को बड़ा होते देखा है और वे "उसके लिए सिर्फ अच्छा ही चाहते हैं". लेकिन उन्होंने आगे कहा कि "सुरक्षा और निजता से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता". उन्होंने लिखा, "अगर यह शादी हर्षा या वर्षा (जगन रेड्डी की बेटियों) की भी होती तो मैं यही फैसला लेता."
शर्मिला के इस फैसले से आहत होने की बात कहते हुए जगन रेड्डी ने अपनी बहन से दोबारा विचार करने की अपील की. इसके बजाय उन्होंने शर्मिला को हैदराबाद स्थित अपना लोटस पॉन्ड आवास इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि अगर वे "राजा की शादी की तरह किसी कन्वेंशन सेंटर या डेस्टिनेशन वेडिंग स्थल का इस्तेमाल नहीं करना चाहतीं" तो वहां शादी कर सकती हैं. राजा शर्मिला के बेटे हैं. उनकी शादी 2024 में जोधपुर में हुई थी.
वाई.एस. परिवार के पास हैदराबाद, बेंगलुरु और इडुपुलापाया (कडप्पा में पारिवारिक संपत्ति) समेत कई जगहों पर भव्य और एक जैसी बनावट वाले दो-दो बंगले हैं. शर्मिला के पक्ष का कहना है कि ये संपत्तियां राजशेखर रेड्डी के जीवित रहते खरीदी गई थीं. उनका इरादा था कि इनका बराबर हिस्सा जगन रेड्डी और शर्मिला को मिले.
शर्मिला के एक करीबी सहयोगी ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, "अब जगन येलहंका की पूरी संपत्ति पर अपना हक जता रहे हैं. इसे करीब 20 साल पहले वाईएसआर के जीवित रहते खरीदा गया था. उस समय भी इरादा यही था कि संपत्ति दोनों भाई-बहनों में बराबर बांटी जाए. इसके अलावा शर्मिला भी वहां उतना ही रहती हैं जितना जगन रेड्डी. क्या उन्हें अपने ही घर में बेटी की शादी करने का अधिकार नहीं है?"
इस सहयोगी ने आगे बताया, "अगर 2009 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में वाईएसआर की अचानक मौत नहीं हुई होती तो संपत्तियों का बंटवारा आसानी से हो गया होता." उन्होंने जगन रेड्डी की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि दोनों बंगलों के बीच दीवार है. ऐसे में जगन रेड्डी के हिस्से में घुसना आसान नहीं है.
हालांकि जगन रेड्डी का खेमा सुरक्षा के मुद्दे पर जोर दे रहा है. उसका आरोप है कि शर्मिला बाहरी लोगों को आमंत्रित करके इस संपत्ति को उन्हें दिखाना चाहती हैं. इनमें तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जन सेना और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शामिल हैं जिन्हें शादी में बुलाने की बात कही जा रही है.
जगन के सहयोगियों ने पारिवारिक संपत्तियों में बराबर हक को लेकर शर्मिला के दावों को हल्के में लिया. उनका कहना है कि ज्यादातर संपत्तियां जगन रेड्डी ने अपने निवेश और कारोबारी सूझबूझ से अर्जित की हैं. उनका यह भी दावा है कि जगन अपनी बहन को पहले ही 240 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्तियां दे चुके हैं.
शर्मिला ने इस विवाद पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है. हालांकि उनके सहयोगी का कहना है कि येलहंका पैलेस ही शादी का स्थल रहेगा. सहयोगी के मुताबिक शर्मिला तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से मिलकर उन्हें शादी का निमंत्रण दे चुकी हैं. वे जल्द ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित करेंगी.
इस बीच तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी इस पारिवारिक विवाद में कूद पड़े हैं. उन्होंने संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के बीच जगन रेड्डी पर अपनी बहन के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया. नायडू ने सवाल उठाया कि जगन ने शर्मिला को बेटी की शादी के लिए परिवार के येलहंका पैलेस का इस्तेमाल करने से रोकने का फैसला क्यों किया.
नायडू ने कहा कि निमंत्रण पत्र छप चुके हैं और बांटे भी जा रहे हैं फिर भी जगन की आपत्ति उन्हें ‘कंस’ बना रही है. कंस भगवान कृष्ण का मामा था जिसे हिंदू मान्यताओं में राक्षस के रूप में देखा जाता है.
यह स्पष्ट नहीं है कि शर्मिला शादी का निमंत्रण देने के लिए जगन रेड्डी के पास भी जाएंगी या नहीं. जगन रेड्डी और शर्मिला के बीच दूरियां 2019 में बढ़नी शुरू हुई थीं. इससे एक दशक पहले उनके पिता और कांग्रेस के लोकप्रिय मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी की मौत हुई थी.
जब जगन मई 2012 से सितंबर 2013 तक आय से अधिक संपत्ति के मामलों में गिरफ्तारी के बाद जेल में थे, तब शर्मिला ने ही वाईएसआरसीपी के चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी. 2019 के चुनाव प्रचार में भी उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई. अपनी भीड़ जुटाने की क्षमता, प्रभावशाली भाषणों और रैलियों के जरिए उन्होंने अपने भाई की बड़ी जीत में मदद की.
हालांकि जगन रेड्डी की सरकार में शर्मिला को कोई भूमिका नहीं दी गई. इसके बाद और संपत्ति विवादों के बीच उन्होंने आंध्र प्रदेश की राजनीति से दूरी बना ली और 2021 में वाईएसआर तेलंगाना पार्टी बनाई. लेकिन 2024 के चुनाव से पहले उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया और आंध्र प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष बन गईं. इस भूमिका में उन्होंने जगन रेड्डी सरकार के कार्यकाल की कड़ी आलोचना की है.
दोनों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तब और बढ़ गई जब जगन रेड्डी ने आरोप लगाया कि उनकी बहन परोक्ष रूप से नायडू का साथ दे रही हैं और उनकी मदद कर रही हैं.
इसके बाद जगन रेड्डी ने हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) की पीठ का रुख किया. उन्होंने शर्मिला पर आरोप लगाया कि उन्होंने हैदराबाद स्थित सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज के शेयर अवैध रूप से अपनी मां वाई.एस. विजयम्मा को हस्तांतरित किए और इस तरह उन पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया.
विवाद और मुकदमे अब भी जारी हैं. इसी बीच, आंध्र प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी इस भव्य शादी का आयोजन कहां होगा, इसे लेकर अनिश्चितता भी बनी हुई है.

