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गुजरात की शराबबंदी से मध्य प्रदेश में फल-फूल रहा शराब का कारोबार!

गुजरात में शराबबंदी के बावजूद वहां की मांग पूरी करने के लिए मध्य प्रदेश से बड़े पैमाने पर अवैध शराब की तस्करी हो रही है. इसी कारोबार को रोकने की कोशिश में एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान चली गई

illegal liquor trade
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
अपडेटेड 4 नवंबर , 2026

मध्य प्रदेश के देवास जिले में 2 और 3 नवंबर की दरमियानी रात शराब से लदे एक ट्रक ने एक पुलिस इंस्पेक्टर को कुचल दिया. आशंका है कि ट्रक में भरी शराब को शराबबंदी वाले गुजरात ले जाया जा रहा था.

खातेगांव थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिलीप पुरी ने कथित तौर पर ट्रक चालक से गाड़ी की जांच कराने को कहा था. पुलिस के मुताबिक चालक ट्रक लेकर भागने की कोशिश करने लगा और इसी दौरान पुरी उसके नीचे आ गए.

इस घटना ने एक बार फिर इस बात पर ध्यान खींचा है कि मध्य प्रदेश का शराब कारोबार गुजरात में अवैध मांग को कैसे पूरा कर रहा है. गुजरात में 1960 के दशक से ही शराबबंदी लागू है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुरी को सूचना मिली थी कि शराब से भरा एक ट्रक गुजरात की ओर जा रहा है. दिलीप पुरी और उनकी टीम को यह ट्रक एक ढाबे पर खड़ा मिला. पुलिस ने ड्राइवर से नीचे उतरकर माल की जांच कराने को कहा तो उसने कथित तौर पर ट्रक लेकर भागने की कोशिश की.

ट्रक के पास खड़े पुरी उसके पिछले पहियों के नीचे आ गए. उन्हें खातेगांव के अस्पताल ले जाया गया, जहां 3 नवंबर की सुबह करीब 4 बजे उनकी मौत हो गई. उन्हें काफी खून बह गया था और अंदरूनी चोटें भी आई थीं.

खातेगांव थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर दिलीप पुरी
खातेगांव थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर दिलीप पुरी

ट्रक चालक की पहचान अज्जू उर्फ गजेंद्र के रूप में हुई है. वह पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है. भागने के बाद उसने घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर ट्रक छोड़ दिया. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

जांच में पता चला कि शराब हरदा जिले के टिमरनी स्थित एक दुकान से लाई गई थी. पुलिस ने शराब दुकान के एक मालिक राहुल जायसवाल को नई दिल्ली से इंदौर पहुंचने पर एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया.

जायसवाल ने पुलिस को बताया कि उसके कारोबार में तीन और साझेदार हैं. इनमें अहमदाबाद के मोहिन जायसवाल, बड़वानी के पातेंद्र जायसवाल और इंदौर के मनीष जायसवाल शामिल हैं. पुलिस ने इंदौर से विजय राव को भी गिरफ्तार किया है. उस पर गुजरात में शराब की आपूर्ति करने का आरोप है. इसके अलावा केरम सिंह को भी पकड़ा गया है जो कथित तौर पर शराब की खेपों को पहुंचाने का इंतजाम करता था.

बताया जा रहा है कि जायसवाल हरदा में युवा कांग्रेस का पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुका है. उसके अलावा राव और सिंह के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. फरार ट्रक चालक पर हत्या का आरोप है.

मध्य प्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर जिलों से गुजरात की लंबी सीमा लगती है. अंतरराज्यीय सीमा के पास मध्य प्रदेश की शराब दुकानों से गुजरात में शराब की आपूर्ति होना किसी से छिपा नहीं है. इसका एक संकेत यह भी है कि इन सीमावर्ती जिलों से मिलने वाला आबकारी राजस्व मध्य प्रदेश के समान आबादी वाले दूसरे जिलों की तुलना में कहीं ज्यादा है. विडंबना यह है कि राज्य सरकार उस शराब की बिक्री से भी आबकारी राजस्व कमाती है जिसकी बाद में गुजरात में तस्करी कर दी जाती है.

मध्य प्रदेश सरकार ने दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर की पत्नी को अनुकंपा के आधार पर नौकरी और एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है. देवास जिले में कुछ ही हफ्तों के भीतर शराब से जुड़ी यह दूसरी घटना है. पिछले महीने दो गांवों में अवैध शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया गया था.

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