प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 8 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपए फ्रीज कर दिए. एजेंसी का आरोप है कि पार्टी से एक एविएशन कंपनी को भेजे गए पैसे का इस्तेमाल एक एयरक्राफ्ट और एक हेलिकॉप्टर खरीदने में किया गया. इसके बाद इन्हें किराये पर फिर अपनी ही पार्टी को दे दिया गया.
ED की यह कार्रवाई केयरवेल समूह की कंपनियों से जुड़े पांच परिसरों पर की गई तलाशी के बाद हुई. यह समूह एविएशन सेक्टर में काम करता है. यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की जा रही है. इसकी शुरुआत बिधाननगर साइबर पुलिस की एफआईआर के आधार पर हुई थी. एफआईआर में गैरकानूनी वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध धनराशि को TMC के बैंक खातों के जरिए भेजने का आरोप लगाया गया है.
ED के मुताबिक जांच में पता चला कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच TMC के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपए केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को भेजे गए. एजेंसी का आरोप है कि इनमें से 82.96 करोड़ रुपए बाद में एक और संबद्ध कंपनी को भेजे गए. इस रकम का इस्तेमाल एम्ब्रेयर लेगेसी-600 एयरक्राफ्ट और अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए किया गया.
इन दोनों की खरीद पर करीब 112 करोड़ रुपए खर्च किए गए. ED का यह भी दावा है कि 2023 में हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए केमैन आइलैंड्स स्थित एक कंपनी से 17 लाख डॉलर का अनसिक्योर्ड लोन भी लिया गया था.
सूत्रों के अनुसार, रमेश कुमार जाजू और पवन कुमार जाजू पिछले पांच वर्षों से केयरवेल एविएशन के निदेशक हैं.
ED का आरोप है कि एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर ‘बाद में TMC को ही किराए पर दे दिए गए, जबकि उनकी खरीद TMC के ही फंड से की गई थी.’ एजेंसी का यह भी कहना है कि ‘एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर की गई.’ ED ने कहा कि ‘इस संदिग्ध व्यवस्था की जांच की जा रही है ताकि इन लेनदेन का वास्तविक लाभार्थी उद्देश्य पता लगाया जा सके.’
इन आरोपों की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि जनवरी में TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कोलकाता से रामपुरहाट में एक जनसभा के लिए उड़ान में देरी हुई थी. उन्हें बेहाला फ्लाइंग क्लब से निजी तौर पर संचालित अगस्ता वेस्टलैंड एडब्ल्यू109 हेलिकॉप्टर से जाना था. लेकिन जरूरी नियामकीय मंजूरी में देरी होने के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका. बाद में उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मदद मांगी और उनके भेजे हेलिकॉप्टर से बीरभूम पहुंचे.
अभिषेक ने आरोप लगाया था कि ‘बंगाल विरोधी’ ताकतों ने उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोकने की साजिश रची. उन्होंने दावा किया कि उड़ान में हुई देरी राजनीतिक वजहों से हुई.
उस समय एविएशन सूत्रों का कहना था कि जिस हेलिकॉप्टर से अभिषेक को जाना था, उसे हाल ही में यूनाइटेड किंगडम से आयात किया गया था. कोलकाता में री-असेम्बल किए जाने के बाद वह भारत में अपनी पहली उड़ान से पहले नियामकीय मंजूरी का इंतजार कर रहा था.
हालांकि इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ED की जांच में जिस हेलिकॉप्टर का जिक्र है, वही जनवरी में अभिषेक को रामपुरहाट ले जाने वाला हेलिकॉप्टर था. ED की प्रेस रिलीज में हेलिकॉप्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं बताया गया है. यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि वही हेलिकॉप्टर इस्तेमाल हुआ था या इस्तेमाल के लिए तय किया गया था.
TMC ने ED द्वारा उसके बैंक खाते फ्रीज करने की कार्रवाई को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया. पार्टी ने कहा कि उसके पास मौजूद सभी फंड की पूरी और पारदर्शी जानकारी पहले ही दी जा चुकी है. बयान में कहा गया कि पार्टी ने सभी चंदे के लेनदेन की जानकारी विधिवत चुनाव आयोग और आयकर विभाग को दी है. ये विवरण हर साल चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाते हैं.
पार्टी ने यह भी कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी पहले से ही केंद्र सरकार के पास है, क्योंकि ये बॉन्ड भारतीय स्टेट बैंक ने जारी किए थे और बाद में सुप्रीम कोर्ट को सौंप दिए गए थे.
ED की कार्रवाई की निंदा करते हुए TMC ने कहा, "प्रवर्तन निदेशालय का पार्टी के बैंक खाते फ्रीज करने का फैसला राजनीतिक रूप से प्रेरित है. हम इस मनमानी और गैरकानूनी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं." पार्टी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग भाजपा की राजनीति की पहचान बन गया है. यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और समान अवसर के सिद्धांत पर गंभीर हमला है.

