scorecardresearch
डार्क मोड

धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण पर टिप्पणी कर मोहन यादव को किस मुश्किल में डाल दिया?

धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर अखिलेश यादव ने मोहन यादव को घेरा है. भगवान कृष्ण से यादव समुदाय के जुड़ाव के चलते यह विवाद मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति तक असर डाल सकता है

फ्लाईदुबई पायलट मामले में MP के मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर तंज.(Photo:ITG)
मुख्यमंत्री मोहन यादव (फाइल फोटो)
अपडेटेड 5 नवंबर , 2026

मध्य प्रदेश के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में अनुयायी बनाए हैं. हालांकि वे अक्सर गलत वजहों से भी सुर्खियों में रहते हैं. उनके भाई लगातार विवादों की वजह बने हुए हैं और उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.

लेकिन 2 नवंबर को खुद धीरेंद्र शास्त्री विवादों में घिर गए. सोशल मीडिया पर ये दावे तेजी से फैलने लगे कि उन्होंने भगवान कृष्ण को लेकर कथिततौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है. इन दावों के मुताबिक उन्होंने भगवान राम और उनके अनुयायियों की तुलना भगवान कृष्ण और उनके अनुयायियों से की. साथ ही भगवान राम और उनके अनुयायियों को दूसरे पक्ष से बेहतर बताया.

धीरेंद्र शास्त्री ने 3 नवंबर को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली. लेकिन अगर इस घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाया जाता है तो अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव पर इसका असर पड़ सकता है. धीरेंद्र शास्त्री के बयानों का पहले भी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की यादव राजनीति पर असर पड़ता रहा है. इसकी वजह समझना जरूरी है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पिछले तीन वर्षों में पहचान की राजनीति से जुड़ा नेता माना जाने लगा है. उन पर अधिकारियों की तैनाती और नियुक्तियों में यादव समुदाय के लोगों को तरजीह देने के आरोप लगते रहे हैं. इसे शायद समुदाय को बढ़ावा देने वाली राजनीतिक रणनीति के हिस्से के तौर पर देखा जाता है.

धीरेंद्र शास्त्री ने 3 नवंबर को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली (फाइल फोटो)
धीरेंद्र शास्त्री ने 3 नवंबर को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली (फाइल फोटो)

मोहन यादव ने राज्य में भगवान कृष्ण से जुड़े तीर्थस्थलों के विकास के लिए 'कृष्ण पाथेय' पर काम शुरू कराया है. इसे भी पहचान की राजनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

भगवान कृष्ण का यादव समुदाय से गहरा जुड़ाव है. वे इस समुदाय के आराध्य देवताओं में सबसे प्रमुख माने जाते हैं.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तुरंत इस ओर ध्यान दिलाया कि भगवान कृष्ण पर धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से मोहन यादव असहज हुए होंगे. अखिलेश ने कहा, "सभी सनातनियों को क्या हो गया है? धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण के बारे में जो कहा, उसका विरोध क्यों किया जा रहा है?" उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को यादव होने के नाते इस टिप्पणी से आहत होना चाहिए था.

अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, "बुलडोजर कहां है?" उनका इशारा सरकार की बुलडोजर कार्रवाई की नीति की ओर था. आलोचकों का आरोप है कि इस नीति का इस्तेमाल सिर्फ उन लोगों के खिलाफ किया जाता है जो हिंदू भावनाओं को आहत करते हैं.

राम जन्मभूमि आंदोलन BJP की राजनीति का प्रमुख आधार रहा है. लेकिन उत्तर प्रदेश में वृंदावन और मथुरा भी हैं जो भगवान कृष्ण से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं. दिलचस्प बात यह है कि धीरेंद्र शास्त्री के नाम में भी 'कृष्ण' शामिल है.

मोहन यादव ने अभी तक धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. सभी राजनीतिक दलों के नेता इस कथावाचक के प्रति सम्मान जताते हैं लेकिन उन्हें BJP के ज्यादा करीब माना जाता है. पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित धीरेंद्र शास्त्री के बागेश्वर धाम गए थे. यह दौरा कथावाचक की ओर से बनवाए गए अस्पताल के उद्घाटन के सिलसिले में हुआ था.

ADVERTISEMENT
Advertisement