
आंध्र प्रदेश में ‘लव जिहाद’ का मुद्दा उस समय चर्चा में आ गया, जब तीन सदस्यों वाले एक हिंदू परिवार ने गोदावरी नदी में छलांग लगाकर जान दे दी. परिवार ने एक मुस्लिम व्यक्ति पर उत्पीड़न, वसूली और जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाया था.
कोव्वुरी सौजन्या, उनके पिता टी. नूकाराजू, जो पंचायती राज विभाग में सहायक अभियंता थे, मां मीना और सौजन्या का 10 साल का बेटा रियांश 16 अगस्त की रात राजमहेंद्रवरम के रेल-सह-सड़क पुल से एक साथ नदी में कूद गए. परिवार ने आरोप लगाया था कि शेख सादिक खान सौजन्या पर इस्लाम कबूल करने के लिए लंबे समय से दबाव बना रहा था और उसे प्रताड़ित कर रहा था.
खान काकीनाडा में राइफल शूटिंग प्रशिक्षक है. रियांश उसके अकादमी में प्रशिक्षण लेता था. राज्य पुलिस ने पांच दिन तक कई राज्यों में चलाए गए अभियान के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ से खान को गिरफ्तार किया.
रियांश नदी में तैरते रहने में कामयाब रहा और मछुआरों ने उसे बचा लिया. वहीं सौजन्या और उनके माता-पिता के शव कई दिन बाद नदी में नीचे की ओर मिले.
पुलिस के मुताबिक, सौजन्या ने अपने सुसाइड नोट में खान पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था और इसे अपनी मौत की वजह बताया था. 34 वर्षीय सौजन्या ने यह भी आरोप लगाया था कि खान ने जुलाई में उसके पति जगदीश्वर रेड्डी की हत्या की थी. उसके मुताबिक, खान ने एनर्जी या प्रोटीन ड्रिंक में कोई केमिकल मिलाकर उसे दिया था.
आत्महत्या का यह मामला और परिवार के इस कदम के पीछे सामने आ रहे कारण आंध्र प्रदेश के मीडिया में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं. काकीनाडा जिला पुलिस ने कहा है कि वह ‘लव जिहाद’ के पहलू की भी जांच कर रही है.

खान के खिलाफ धर्म परिवर्तन के लिए जबरदस्ती, हत्या और वसूली समेत कई आरोपों में मामला दर्ज किया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
उत्तर भारत या पड़ोसी तेलंगाना के उलट आंध्र प्रदेश में सांप्रदायिक राजनीति को आम तौर पर बड़ा कारक नहीं माना जाता. लेकिन इस मामले ने अलग मोड़ ले लिया है. सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की विपक्षी युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के शीर्ष नेताओं ने धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए इस मामले पर चुप्पी साध रखी है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रतिक्रिया भी सीमित रही है.
वहीं सरकार का हिस्सा जनसेना पार्टी (JSP) सौजन्या के परिवार और उनके जीवित बचे बेटे के लिए न्याय की मांग कर रही है. सौजन्या-नूकाराजू परिवार पीठापुरम विधानसभा क्षेत्र और काकीनाडा लोकसभा क्षेत्र से है. दोनों सीटों का प्रतिनिधित्व JSP करती है. पवन कल्याण पीठापुरम से विधायक हैं.
इस मामले में सबसे मुखर आवाज जगन रेड्डी के करीबी सहयोगी रहे और जनवरी 2025 तक YSRCP के महासचिव तथा संसदीय दल के नेता रहे विजयसाई रेड्डी की है. वे जनवरी 2025 में पार्टी और राजनीति छोड़ चुके थे.
राजनीति में वापसी की तैयारी कर रहे विजयसाई ने TDP और YSRCP दोनों पर ‘अल्पसंख्यक वोट खोने के डर’ से ‘लव जिहाद’ के पहलू को दबाने का आरोप लगाया है. विजयसाई ने हाल में आंध्र प्रदेश में ‘राजनीति के नए दौर’ की शुरुआत के उद्देश्य से अपना राजनीतिक संगठन बनाने की योजना का ऐलान किया था.
पूर्व राज्यसभा सांसद विजयसाई ने कहा कि काकीनाडा का मामला देश में सामने आए सभी ‘लव जिहाद’ मामलों में सबसे गंभीर है. उन्होंने पीड़ित परिवार के रिश्तेदारों से मुलाकात की और आरोपी खान के लिए मौत की सजा की मांग की.
विजयसाई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा है, “छद्म-धर्मनिरपेक्ष पार्टियां लव जिहाद को नहीं रोक सकतीं. लेकिन जब ऐसे तत्व हमारे घरों में घुसकर हमारी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हों और हमारे परिवारों को खत्म कर रहे हों, तब क्या हमें चुप रहना चाहिए? आंध्र प्रदेश के हर व्यक्ति को इस खतरे पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए. हर घर में इस पर चर्चा होनी चाहिए.”
बाद में इंडिया टुडे से बातचीत में विजयसाई ने आरोप लगाया कि विशाखापत्तनम से श्रीकाकुलम तक गोदावरी और उत्तर आंध्र के जिलों में ‘लव जिहाद और ऐसे कई कट्टरपंथी गिरोह’ सक्रिय हैं. विजयसाई ने आरोप लगाया, “रायलसीमा, गुंटूर और नेल्लोर क्षेत्रों के मुकाबले यहां मुस्लिम आबादी बहुत कम है. इसलिए इन लोगों ने किसी भी तरीके से अपनी संख्या बढ़ाने के लिए इन इलाकों को निशाना बनाया है.” उन्होंने दावा किया कि सौजन्या के परिवार की तरह उत्पीड़न का सामना कर चुके कुछ हिंदू परिवार उनके पास पहुंचे हैं.
विजयसाई के दावों को जैसे बल देते हुए बीते हफ्ते एक महिला ने काकीनाडा की पुलिस अधीक्षक बिंदु माधव से शिकायत की कि उसके पति गौस मोइनुद्दीन ने उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया. शिकायतकर्ता सिरिवुरी बालराम्या ने आरोप लगाया कि मोइनुद्दीन ने उसका नाम बदलकर उमल खैर कर दिया था और वर्षों से उसे प्रताड़ित कर रहा था.
बालराम्या ने अपनी मां के हाथों माथे पर कुमकुम लगवाकर हिंदू धर्म में लौटने की घोषणा की. उन्होंने आरोप लगाया कि मोइनुद्दीन ने दूसरी हिंदू महिलाओं को भी फंसाया और प्रताड़ित किया है. स्थानीय BJP नेताओं ने बालराम्या के समर्थन में सामने आते हुए क्षेत्र में सामने आए कथित ‘लव जिहाद’ के मामलों की गहराई से पुलिस जांच की मांग की है.
विजयसाई सौजन्या मामले के साथ-साथ राज्य में कथित ‘लव जिहाद’ नेटवर्क की जांच CBI या NIA से कराने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने आंध्र प्रदेश में कड़े धर्मांतरण विरोधी कानून की भी मांग की है.
जनसेना के काकीनाडा लोकसभा सांसद टंगेला उदय श्रीनिवास ने कहा कि सौजन्या मामले में ‘लव जिहाद’ से जुड़े सभी संकेत दिखाई देते हैं. श्रीनिवास ने कहा, “अकेली महिलाएं या ऐसी महिलाएं जिनके परिवार में तनाव है या जिनका पति से विवाद चल रहा है, ऐसे तत्वों के निशाने पर होती हैं. वे झूठे प्रेम और अपनापन दिखाकर उन्हें फंसाते हैं. CBI जांच से इस मामले की गहराई तक पहुंचा जाना चाहिए.”
पिछले हफ्ते श्रीनिवास रियांश को मीडिया के सामने लाए थे. इस दौरान उसका चेहरा ढका हुआ था. जब उससे पूछा गया कि खान उसकी मां के संपर्क में कैसे आया तो बच्चे ने बताया, “मुझे राइफल शूटिंग पसंद है. जब मेरे स्कूल से इसकी ट्रेनिंग बंद की जा रही थी तब सादिक खान ने मुझे अपनी अकादमी में आने के लिए कहा.”
बच्चे ने आरोप लगाया, “इसके बाद वह मेरी मां को प्रताड़ित करता था और मारता-पीटता मारता था. उसने धमकी दी थी कि अगर मैंने इसके बारे में किसी को बताया तो वह मुझे आतंकवादियों को सौंप देगा.”
पुलिस पर मामले की पर्याप्त गंभीरता से जांच नहीं करने के आरोपों के बीच काकीनाडा की पुलिस अधीक्षक बिंदु माधव ने कहा कि पुलिस ने सभी पहलुओं की जांच के लिए आरोपी की हिरासत मांगी है.

