scorecardresearch
डार्क मोड

बंगाल में BJP के ‘मोदी@25’ अभियान पर TMC ने कैसे किया पलटवार?

TMC ने BJP सरकार के शुरुआती पांच महीनों के अपराध आंकड़े साझा कर सवाल उठाए. वहीं BJP ने कहा है कि इन आंकड़ों में वे शिकायतें भी शामिल हैं जिन्हें ममता बनर्जी के शासनकाल में दर्ज कराने की अनुमति नहीं दी गई थी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (फाइल फोटो)
अपडेटेड 9 अक्टूबर , 2026

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर पश्चिम बंगाल BJP के जश्न पर सवाल उठाए हैं. पार्टी ने ऐसे आंकड़े साझा किए हैं जिनके बारे में उसका कहना है कि वे BJP के शासन के दावों को कमजोर करते हैं. इस मामले में पार्टी ने राज्य में BJP सरकार के शुरुआती पांच महीनों के अपराध के आंकड़े सामने रखे हैं.

TMC ने सोशल मीडिया पर राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) के आंकड़े साझा किए. इनके मुताबिक, मई से लेकर 24 सितंबर के बीच बलात्कार के 2,454, 600 हत्याएं, हत्या की कोशिश के 13,114 मामले और गंभीर चोट पहुंचाने वाले हमलों के 32,341 मामले दर्ज किए गए.

ये आंकड़े SCRB ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट के राज्यसभा सांसद साकेत गोखले द्वारा दायर एक RTI (सूचना का अधिकार) आवेदन के जवाब में दिए थे.

TMC के इस हमले का समय महत्वपूर्ण है. 7 अक्टूबर को पीएम मोदी को पहली बार किसी सरकार का प्रमुख बने 25 साल पूरे हुए. उन्होंने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार सरकार का नेतृत्व किया था. बंगाल में BJP एक महीने से इस मौके पर अभियान चला रही है. इसके तहत प्रधानमंत्री के शासन और सार्वजनिक सेवा के रिकॉर्ड को सामने रखते हुए कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं.

इस जश्न के तहत बंगाल BJP और शुभेंदु अधिकारी 'सेवा ज्योति यात्राओं', कल्याणकारी शिविरों और जनसंपर्क अभियानों सहित कई कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं. इसी माहौल के बीच TMC ने बंगाल की कानून-व्यवस्था की ओर ध्यान खींचने की कोशिश की है.

अभिषेक बनर्जी X पर लिखा है कि बंगाल BJP के 'डबल इंजन' की तबाही भुगत रहा है (फाइल फोटो)
अभिषेक बनर्जी ने X पर लिखा है कि बंगाल BJP के 'डबल इंजन' की तबाही भुगत रहा है (फाइल फोटो)

महीने के हिसाब से आंकड़ों को देखें तो मई में जब BJP ने सत्ता संभाली, उस दौरान 125 हत्याएं, हत्या की कोशिश के 2,947 मामले, बलात्कार के 349 मामले और गंभीर चोट पहुंचाने वाले हमलों के 7,794 मामले दर्ज हुए. इसके बाद जून में 134 हत्याएं, हत्या की कोशिश के 3,096 मामले, बलात्कार के 389 मामले और गंभीर चोट पहुंचाने के 6,922 मामले दर्ज हुए.

इस अवधि में बलात्कार के सबसे ज्यादा 786 मामले जुलाई में दर्ज हुए. इसके अलावा 133 हत्याएं, हत्या के प्रयास के 2,562 मामले और गंभीर चोट पहुंचाने वाले हमले के 6,191 मामले दर्ज हुए. अगस्त में राज्य में 111 हत्याएं, हत्या की कोशिश के 2,498 मामले, बलात्कार के 459 मामले और गंभीर चोट पहुंचाने वाले हमले के 6,334 मामले दर्ज हुए. वहीं 24 सितंबर तक के आंकड़ों में 97 हत्याएं, हत्या की कोशिश के 2,011 मामले, बलात्कार के 471 मामले और गंभीर चोट पहुंचाने वाले हमले के 5,100 मामले दर्ज हुए.

SCRB की ओर से दिए गए जिलेवार दस्तावेजों में दर्ज FIR, जांच के तहत मामले, दाखिल की गई चार्जशीट और बंद किए गए मामलों या जिनमें अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई, उनकी जानकारी दी गई है. इन आंकड़ों में राज्य के पुलिस जिले और कोलकाता पुलिस, दोनों शामिल हैं.

TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 'X' पर इन आंकड़ों को साझा करते हुए लिखा, "पश्चिम बंगाल में BJP की 'डबल इंजन' तबाही की एक झलक. महज 5 महीने: बलात्कार: 2,454 मामले, हर दिन 16; हत्या: 600 मामले, हर दिन 4; हत्या की कोशिश: 13,114 मामले, हर दिन 87; गंभीर हमला: 32,341 मामले, हर दिन 216. उन्होंने 'डबल इंजन' का वादा किया था लेकिन बंगाल को डबल इंजन की तबाही मिली. SIR और वोट चोरी का यही नतीजा है. किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना, जिसकी कीमत आज बंगाल चुका रहा है."

TMC के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि ये आंकड़े ही बंगाल की स्थिति बताने के लिए काफी हैं. उन्होंने कहा, "इसके अलावा दीदी की तृणमूल के हजारों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, उन पर झूठे मामले दर्ज किए गए हैं और उन्हें धमकाया गया है. इन आंकड़ों के साथ उन परिस्थितियों को भी देखा जाना चाहिए."

BJP ने इन आंकड़ों को सीधे अपनी सरकार के तहत कानून-व्यवस्था बिगड़ने से जोड़े जाने की आलोचना की है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देबजीत रॉय ने दावा किया कि दर्ज मामलों में बढ़ोतरी की एक वजह यह भी है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा के वे पीड़ित जो पिछली सरकार के दौरान पुलिस तक नहीं पहुंच पा रहे थे, अब अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं.

रॉय ने कहा, "TMC सरकार के दौरान चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाते थे. हमारी सरकार ने उन्हें देरी से ही सही, लेकिन FIR दर्ज कराने की सुविधा दी है. इसी वजह से पिछले पांच महीनों में दर्ज मामलों की संख्या बढ़ी है."

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान अपराध के सही आंकड़ों की जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने कहा, "TMC के शासन में NCRB (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) को पूरी तरह अंधेरे में रखा गया. ऐसे मामलों में सजा की दर सिर्फ 2.5 फीसदी थी."

SCRB के दस्तावेज में BJP के सत्ता में आने से पहले की इसी अवधि के आंकड़े नहीं दिए गए हैं. इसलिए अकेले इन आंकड़ों के आधार पर यह साबित नहीं किया जा सकता कि TMC के शासन की तुलना में अपराध बढ़े हैं या घटे हैं. हालांकि, राजनीतिक लड़ाई साफ है. जिस दिन BJP ने मोदी की 25 साल की प्रशासनिक यात्रा का जश्न मनाया और बंगाल में अपनी नई सरकार के शासन के रिकॉर्ड को सामने रखा, उसी दिन TMC ने राज्य के हाल के अपराध के आंकड़े सामने रखकर इस कहानी को चुनौती देने की कोशिश की.

ADVERTISEMENT
Advertisement