scorecardresearch
डार्क मोड

2027 में कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी, किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि देने वाले क्षेत्रों में 10.1% के साथ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) सबसे आगे हैं

AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस से जुड़ी नौकरियों में पहले से बेहतर सैलरी मिल सकती है (फोटो : AI)
अपडेटेड 19 अक्टूबर , 2026

AI, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसी नई और उभरती तकनीकों से जुड़े कौशलों के कारण स्किल्ड कर्मचारी और सामान्य कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है. वैश्विक पेशेवर सेवा फर्म एऑन (AON) के ताजा अध्ययन के अनुसार, नियोक्ताओं द्वारा 2027 में वेतन में 9.1% की वृद्धि किए जाने की उम्मीद है.

इस दौरान नियोक्ता बढ़ती इनपुट और एनर्जी कॉस्ट के साथ-साथ भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं तथा वैश्विक व्यापार से जुड़े जोखिमों के बीच संतुलन बनाने का भी प्रयास करेंगे.

हालांकि 2026 में वेतन में हुई 9% की वास्तविक वृद्धि के अनुरूप ही 2027 के लिए 9.1% की वृद्धि का आंकड़ा है लेकिन कर्मचारियों के बीच वेतन वृद्धि के वितरण में भी अंतर बढ़ रहा है. लगभग 37% कंपनियां 10% या उससे अधिक वेतन वृद्धि देने पर विचार कर रही हैं जबकि पिछले साल ऐसी कंपनियों की संख्या 12% थी. वहीं, लगभग 38% कंपनियां औसतन 8-10% की वेतन वृद्धि देने की योजना बना रही हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 72% था.

सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि देने वाले क्षेत्रों में 10.1% के साथ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) सबसे आगे हैं. इसके बाद ऊर्जा क्षेत्र में 9.9% और रियल एस्टेट व बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 9.8% वेतन वृद्धि दी जा रही है. ये आंकड़े AON'के 'एनुअल सैलरी इनक्रीज एंड टर्नओवर सर्वे फॉर इंडिया 2026-27' का हिस्सा हैं. इस सर्वेक्षण में 45 उद्योगों के 1,200 से अधिक संगठनों के आंकडों का विश्लेषण किया गया.

इसके अलावा, IT और ITES (IT-सक्षम सेवाओं) समेत हर चार में से एक कंपनी अपने कर्मचारियों को 8% से कम वेतन वृद्धि देगी. ऐसी कंपनियों की हिस्सेदारी इस साल 16% से बढ़कर 25% हो गई है. इसके अलावा, 2027 में महंगाई दर 5.1% रहने का अनुमान है, जो 2026 के 4.3% के मुकाबले ज्यादा है. ऐसे में वास्तविक रूप से वेतन में कमी आ सकती है. AON के टैलेंट सॉल्यूशंस (भारत) के एसोसिएट पार्टनर अमित कुमार ओटवानी कहते हैं, "डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और क्विक कॉमर्स जैसे नए क्षेत्र ज्यादा वेतन वृद्धि देने पर विचार कर रहे हैं, जिससे यह अंतर बढ़ गया है." 

वे आगे कहते हैं कि आज के समय में वेतन वृद्धि खास और जरूरी कौशलों पर निर्भर करती है. इन कौशलों वाले कर्मचारी बेहतर वेतन (प्रीमियम) पाने और अच्छे पैकेज के लिए बातचीत करने की स्थिति में होंगे यहां तक कि उन क्षेत्रों में भी जहां भर्ती की रफ्तार धीमी हो रही है.

कंपनियों के एजेंटिक AI में निवेश करने और एआई कौशलों की मांग लगातार बढ़ने के साथ, AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस से जुड़ी भूमिकाओं के लिए मिलने वाला टैलेंट प्रीमियम 2025 के मुकाबले करीब 10% बढ़ गया है.

AON के टैलेंट सॉल्यूशंस, इंडिया के पार्टनर और रिवॉर्ड्स कंसल्टिंग लीडर रूपांक चौधरी के अनुसार, "नियोक्ता अब सिर्फ इस बात पर ध्यान नहीं दे रहे हैं कि वे कितना खर्च कर रहे हैं बल्कि इस पर भी ध्यान दे रहे हैं कि इस निवेश से कर्मचारियों और कारोबार को ज्यादा फायदा कहां मिल सकता है."

चौधरी के मुताबिक कंपनियां, खासकर मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में बाजार में चल रहे वेतन और कम उपलब्धता वाले कौशल से युक्त लोगों को नौकरी पर रखने या उन्हें बनाए रखने की जरूरत के आधार पर वेतन में बदलाव कर रही हैं.

यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि 2025 में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की कुल दर 16.2% थी जो 2026 में बढ़कर 18% हो गई. कंपनियों की ओर से छंटनी बढ़ने के कारण अनैच्छिक रूप से नौकरी जाने (इनवॉलंटरी एट्रिशन) की दर भी पिछले साल के 3.4% से बढ़कर 4% हो गई है.

इसके बावजूद, बाजार में प्रतिभाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है, इस कारण अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ रही है.

ADVERTISEMENT
Advertisement