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तेलंगाना में BJP के साथ गठबंधन को लेकर क्या बोले केटीआर?

‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ’ में के.टी. रामा राव ने BJP से गठबंधन, परिसीमन और चुनाव आयोग समेत कई मुद्दों पर बात की

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ में के.टी. रामा राव
अपडेटेड 2 अक्टूबर , 2026

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने 2028 में तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए BJP के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की संभावना से इनकार किया है. कोच्चि में हुए ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ’ के ‘बियॉन्ड साइबराबाद: द केस फॉर तेलंगाना’ज नेक्स्ट डिकेड’ सत्र में रामा राव ने कहा कि उनकी पार्टी ने अब तक के सभी विधानसभा चुनाव BJP के साथ गठबंधन के बिना लड़े हैं.

परिसीमन के मुद्दे पर रामा राव ने कहा कि अगर केंद्र सरकार यह भरोसा दे कि संसद में दक्षिणी राज्यों की सीटों का हिस्सा कुल सीटों का 24 फीसदी बना रहेगा तो BRS इसका समर्थन करेगी. उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या को ज्यादा प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया है. इसलिए सीटों में बढ़ोतरी भी उसी अनुपात में होनी चाहिए ताकि इन राज्यों को इसकी सजा न मिले.

रामा राव ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार को पहले राज्यों की विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ानी चाहिए क्योंकि विधायक लोगों के ज्यादा करीब रहकर काम करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तेलंगाना या आंध्र प्रदेश में ऐसा नहीं करेगी क्योंकि इन राज्यों में BJP की मौजूदगी बहुत कम है.

चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद पर रामा राव ने मांग की कि चुनाव आयोग में मतभेद के आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी जज से कराई जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत कम मुद्दे हैं जिन पर वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सहमत हैं और यह उनमें से एक है.

राष्ट्रीय राजनीति में तीसरे मोर्चे की संभावना के सवाल पर रामा राव ने कहा कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और BRS के संस्थापक के. चंद्रशेखर राव ने पहले इसकी कोशिश की थी. उन्होंने कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है और 2029 के लोकसभा चुनाव तक कुछ भी हो सकता है.

रामा राव ने परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाली Gen Z की तारीफ की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कई वादे किए थे जो पूरे नहीं हुए. इनमें 2022 तक बुलेट ट्रेन चलाने, उसी साल तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने के वादे शामिल थे. उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर रहा.

रामा राव ने कहा कि BRS सरकार के दौरान युवा राज्य तेलंगाना ने कई क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया. सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP), प्रति व्यक्ति आय और धान उत्पादन में राज्य ने बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की. IT क्षेत्र में रोजगार 2014 में करीब 3.27 लाख से बढ़कर 2023 में BRS सरकार का कार्यकाल खत्म होने तक 10 लाख हो गया था.

सत्र की खास बातें | के.टी. रामा राव

  • "चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों से चुनाव आयोग लगातार जांच के दायरे में है. अब सुप्रीम कोर्ट की जिम्मेदारी है कि वह स्वत: संज्ञान ले और स्वतंत्र न्यायिक जांच का आदेश दे. चुनाव आयोग को ठीक करने की जरूरत है. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है."
  • "SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) पर गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है. हमारे लिए अच्छी बात यह है कि तेलंगाना में चुनाव होने में अभी दो साल हैं. हमारे पास न्यायिक रास्ते हैं और हम उनका इस्तेमाल करेंगे."
  • "जब व्यवस्था पर भरोसा कम होता है,  जब लोकतंत्र में आपका नेतृत्व जवाबदेह नहीं दिखता तो ऐसी चीजें होती हैं. NEET सिर्फ एक बहाना था. दिल्ली की सड़कों पर जो दिखा वह व्यवस्था के खिलाफ युवाओं का गुस्सा था. वे राजनीति के विभाजन या धार्मिक कट्टरता नहीं चाहते. उन्हें परेशान करने वाली और भी कई चीजें हैं."
  • "तेलंगाना 2014 में बना था. हमारी पार्टी 26 साल पुरानी है. वैचारिक रूप से हम BJP से बिल्कुल अलग हैं. 26 साल में हमने कभी BJP के साथ गठबंधन नहीं किया. यह सोचना कि हम उनके साथ गठबंधन करेंगे, बेतुका है."
  • "अगर सरकार हमें भरोसा दे कि संसद में दक्षिण का प्रतिनिधित्व कुल सीटों का 24 फीसदी बना रहेगा तो हम परिसीमन विधेयक का समर्थन करेंगे."
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