20 जनवरी को औपचारिक तौर पर नितिन नबीन BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं. 14 करोड़ से भी ज्यादा प्राथमिक सदस्यों वाली BJP में किसी दूसरे नेता ने नितिन के खिलाफ नॉमिनेशन नहीं किया.
ऐसे में हर बार की तरह एक बार फिर बिना किसी मतदान के BJP ने अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया. इस तरह 45 वर्षीय नितिन नबीन निर्विरोध पार्टी के अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए.
क्या आपको पता है कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी BJP अपना अध्यक्ष कैसे चुनती है और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या होती है?
बिना मतदान कैसे BJP अध्यक्ष बने नितिन नबीन?
BJP पार्टी के अध्यक्ष चुनाव कार्यक्रम चुनाव अधिकारी तय करते हैं. इस वक्त डॉ. के. लक्ष्मण इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं. पार्टी के मुताबिक, नामांकन 19 जनवरी को 2 बजे के बाद शुरू हुआ.
नॉमिनेशन की प्रक्रिया के दौरान पार्टी हेडक्वार्टर में गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दूसरे सीनियर नेताओं की मौजूदगी रही. इन सभी सीनियर नेताओं ने चुनाव अधिकारी को नितिन के लिए समर्थन पत्र जमा कर दिया.
शाम 4 बजे से 5 बजे तक नामांकन की जांच हुई. शाम 5 बजे से 6 बजे तक नाम वापस लेने का समय तय था. हालांकि, एक ही नामांकन पत्र आया तो चुनाव अधिकारी नितिन को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित हो गए. अगर किसी और दावेदार ने फॉर्म जमा किया होता तो 20 तारीख को वोटिंग होती. ऐसा नहीं होने के कारण नितिन नबीन परंपरा मुताबिक निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए. इसकी औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को हुई.
BJP अध्यक्ष का चुनाव कैसे होता है?
भारतीय जनता पार्टी के संविधान की धारा-19 में अध्यक्ष के चुनाव के लिए नियम बनाए गए हैं. इसके मुताबिक राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषदों के सदस्य मिलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करते हैं. अध्यक्ष पद का चुनाव पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बनाए गए नियमों के मुताबिक ही होता है. इसके लिए कुछ जरूरी नियम हैं जैसे-
अध्यक्ष बनने के लिए जरूरी है कि चुनाव के लिए नामांकन दर्ज करने वाला व्यक्ति कम से कम 15 साल तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य रहा हो.
प्रदेश या राष्ट्रीय कार्यकारिणी के कम से कम 20 सदस्य अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए किसी व्यक्ति के नाम का प्रस्ताव पेश कर सकते हैं.
इस प्रस्ताव पर कम से कम 5 प्रदेशों के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों की सहमति होनी जरूरी है.
अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए प्रस्ताव पर उम्मीदवार के दस्तखत जरूरी हैं.
भाजपा के संविधान के मुताबिक कम से कम 50 फीसद यानी आधे राज्यों में संगठन चुनाव के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव किया जा सकता है. इस लिहाज से देश के 15 राज्यों में संगठन के चुनाव के बाद ही BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हुआ. हालांकि, पद खाली रहने और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में देरी पर इस पद पर नियुक्ति को लेकर एक नया नियम बना. 18 फरवरी 2024 को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर एक प्रस्ताव पास हुआ था. इसके मुताबिक पद खाली होने पर पार्लियामेंट्री बोर्ड अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकेगा.
BJP अध्यक्ष को चुनने वाले राष्ट्रीय परिषद, प्रदेश परिषदों का चुनाव कैसे होता है?
BJP में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए निवार्चक मंडल है. इसमें 5708 सदस्य हैं. इस मंडल में देश की राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की संगठनात्मक चुनाव के जरिए चुने सदस्यों को शामिल किया जाता है.
इसके अलावा राष्ट्रीय परिषद में भी 35 सदस्य शामिल होते हैं. इसमें नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा भी शामिल है. राष्ट्रीय परिषद में पार्टी के संसद सदस्यों में से 10 फीसद सदस्य चुने जाते हैं.
अगर संसद सदस्यों की कुल संख्या दस से कम हो तो सभी चुने जाएंगे. परिषद में पार्टी के सभी भूतपूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशों के अध्यक्ष, लोकसभा, राज्यसभा में पार्टी के नेता, सभी प्रदेशों की विधानसभाओं और विधान परिषदों में पार्टी नेता सदस्य होंगे.
इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से अधिक से अधिक 40 सदस्य नामांकित किए जा सकते हैं. राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य भी इसमें शामिल होते हैं. विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और संयोजक भी सदस्य होते हैं. सभी को 100 रुपए सदस्यता शुल्क देना पड़ता है. राष्ट्रीय परिषद की तरह ही प्रदेश अध्यक्ष चुनाव से पहले प्रदेश परिषदों के सदस्य भी चुने जाते हैं.
BJP के संगठन का स्ट्रक्चर कैसा होता है?
BJP में पूरे संगठन को राष्ट्रीय से लेकर स्थानीय स्तर तक कुल 7 हिस्सों में बांटा गया है.
राष्ट्रीय स्तर पर दो स्तरीय स्ट्रक्चर हैं :
1. राष्ट्रीय परिषद: पार्टी के 10 फीसदी सांसद, सभी भूतपूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशों के अध्यक्ष, लोकसभा, राज्यसभा में पार्टी के नेता समेत पार्टी अध्यक्ष से नामित व्यक्ति इस परिषद के सदस्य होते हैं.
2. राष्ट्रीय कार्यकारिणी: पार्टी अध्यक्ष राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों में से 120 लोगों का चुनाव करते हैं. इनमें 40 महिला, 12 SC/ST होना जरूरी है.
प्रदेश स्तर पर भी दो स्तरीय स्ट्रक्चर हैं :
1. प्रदेश परिषद: पार्टी के 10 फीसद विधायक / सांसद, सभी भूतपूर्व प्रदेश अध्यक्ष, जिला के अध्यक्ष, विधानसभा, विधानपरिषद में पार्टी के नेता, नेशनल काउंसिल में शामिल सभी सदस्य, जिला के जनरल सेक्रेटरी, पार्टी के अलग-अलग मोर्चा के अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष से नामित 25 व्यक्ति.
2. प्रदेश कार्यकारिणी: प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश परिषद के सदस्यों में से 75 लोगों का चुनाव करते हैं. इनमें 25 महिला, 6 SC/ST होना जरूरी है.
पार्टी की क्षेत्रीय समितियां तीन स्तरीय हैं :
1. जिला समितियां: प्रदेश पर्यवेक्षकों के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष का चुनाव होता है. सभी प्रखंडों के पार्टी पदाधिकारी इस चुनाव में हिस्सा लेते हैं.
2. प्रखंड या ब्लॉक समितियां: जिला पर्यवेक्षकों के नेतृत्व में प्रखंड अध्यक्ष का चुनाव होता है. प्रखंड के सभी सक्रिय पार्टी कार्यकर्ता इस चुनाव में हिस्सा लेते हैं.
3. पंचायत या ग्राम समितियां: 5 हजार से कम की जनसंख्या पर गठित होती है.
कितने साल में BJP अध्यक्ष का चुनाव होता है?
BJP संविधान के मुताबिक, अध्यक्ष का कार्यकाल 3 साल का होता है. एक व्यक्ति लगातार 2 बार अध्यक्ष बन सकता है. अध्यक्ष के अलावा पार्टी से जुड़े सभी कार्यकारिणी, परिषद, समिति और उसके पदाधिकारियों और सदस्यों का टर्म भी 3 साल का होता है.
BJP अध्यक्ष का पद कितना ताकतवर है?
BJP में अध्यक्ष सबसे ताकतवर पद है. पार्टी में किसी भी फैसले को लेने के लिए 3 अहम टीम होती हैं- 1. राष्ट्रीय कार्यकारिणी 2. संसदीय बोर्ड 3. राष्ट्रीय चुनाव समिति. BJP की इस कोर टीन का नेतृत्व BJP अध्यक्ष ही करते हैं.
क्या अब तक एक बार भी BJP अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हुआ?
नहीं, हालांकि जनवरी 2013 की बात है. राजनाथ के बाद गडकरी के निर्विरोध अध्यक्ष बनने की बात चल रही थी. इसी बीच एक रोज यशवंत सिन्हा ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र मंगवाकर चुनाव को दिलचस्प बना दिया. अगर वे नॉमिनेशन करते तो ऐसा करने वाले वह पहले BJP नेता बन जाते. हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि बाद में कुछ सीनियर नेताओं ने उन्हें मना लिया. इस तरह चुनाव की नौबत नहीं आई थी.
इसके अलावा अब तक एक बार भी ऐसा नहीं हुआ, जब पार्टी में अध्यक्ष पद के लिए नमांकन की नौबत आई हो. जेपी नड्डा जून 2019 में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बने थे. इसके बाद 20 जनवरी 2020 को पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए गए.
2022 में दोबारा उनके नाम से एक प्रस्ताव पास करके BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जून 2024 तक के लिए बढ़ा दिया गया. इस तरह अब तक बिना मतदान ही BJP अध्यक्ष का चुनाव हुआ है.

