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'हिट एंड रन' पर बवाल, लेकिन आंकड़ों में है असली कहानी, तमिलनाडु क्यों बदनाम?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि देश में हर साल करीब साढ़े चार लाख हादसे होते हैं जिनमें लगभग डेढ़ लाख लोग अपनी जान गंवाते हैं.

भारत में सड़क हादसे
भारत में सड़क हादसों का डाटा
अपडेटेड 4 जनवरी , 2024

नए साल की शुरुआत पर मौसम भले ही सर्द हो, लेकिन 'हिट एंड रन' मामले में केंद्र सरकार के नए कानून ने माहौल में थोड़ी गर्माहट ला दी है. इस कानून में नए प्रावधानों के विरोध में ट्रक, बस और डंपर चालकों ने 1 जनवरी को हड़ताल शुरू कर दी थी. 

हालांकि सरकार से बातचीत के बाद 2 दिन तक चली ये हड़ताल खत्म हो गई, लेकिन इसने पूरे देश में अपना असर दिखाया. जम्मू कश्मीर में 90% पेट्रोल पंप सूख गए, हिमाचल में 138 रूटों पर बस सर्विस ठप हो गई तो वहीं राजस्थान में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी.  

ऐसे में यह जानना अहम है कि जिस 'हिट एंड रन' कानून को लेकर इतना बवाल हुआ, उसके आंकड़े क्या कहते हैं? हर साल कितने लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं और इसमें 'हिट एंड रन' का हिस्सा कितना है?

भारत में हर साल कितने सड़क हादसे?

भारत में सड़क हादसों पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि देश में हर साल करीब साढ़े चार लाख हादसे होते हैं जिनमें लगभग डेढ़ लाख लोग अपनी जान गंवाते हैं. 2022 में पूरे देश में 4,61,312 सड़क हादसे हुए जिनमें 1,68,491 लोगों की मौत हुई. 2018 से 2022 तक पांच सालों के आंकड़े बताते हैं कि हर साल हादसों की संख्या 4 लाख से ज्यादा रही है. केवल 2020 में कोविड-19 के कारण हादसों की संख्या में गिरावट देखी गई थी.

​ भारत में 2018 से 2022 तक के सड़क हादसे ​

सड़क हादसों में 'हिट एंड रन' का कितना हिस्सा?

परिवहन मंत्रालय के अनुसार, 2022 में देश में हुए कुल सड़क हादसों में 14.6% मामले 'हिट एंड रन' के हैं. इस दौरान कुल 67,387 हिट एंड रन के केस सामने आए, जिसमें मरने वालों की संख्या 30,486 और घायलों की संख्या 54,726 दर्ज की गई. 

2021 में ऐसे 57,415 मामले दर्ज किए गए थे, जिसमें 25,938 लोगों की मौत हुई थी और 45 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे. नीचे दिए चार्ट में आप देख सकते हैं कि भारत में 2022 में होने वाले कुल हादसों में किस तरह के हादसों की कितनी हिस्सेदारी है. 

​ किस तरह के सड़क हादसों का कितना हिस्सा ​

चार्ट B से साफ है कि हादसों में मौत होने की सबसे ज्यादा संभावना 'हिट एंड रन' और गाड़ी में पीछे से टक्कर मारने के मामलों में दर्ज की गई है. 2022 में इस तरह के एक्सीडेंट में क्रमर्श: 18.1 प्रतिशत और 19.5 प्रतिशत लोगों ने अपनी जान गंवाई.

सड़कों पर गाड़ियां बढ़ीं, लेकिन डेथ रेट में गिरावट
1970 के बाद के आंकड़ों के अनुसार, सड़कों पर गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ती गई, लेकिन दूसरी तरफ डेथ रेट में गिरावट दर्ज की गई. 1970 के दशक में हर 10,000 गाड़ी पर 103 लोग हादसों में अपनी जान गंवाते थे, जो 2020 के दशक तक 5 से भी कम हो गया है. दूसरी तरफ 1970 के दशक में प्रति किलोमीटर 2 से भी कम गाड़ियां सड़कों पर थीं, अब 50 से भी ज्यादा हैं. नीचे चार्ट में दशक के हिसाब से ट्रेंड देख सकते हैं. 

​ सड़कों पर गाड़ियां बढ़ीं, लेकिन डेथ रेट में गिरावट ​

किन सड़कों पर सबसे ज्यादा हादसे? 

भारत में 2022 में 33% हादसे सिर्फ नेशनव हाइवे पर दर्ज किए गए हैं. 1,51,997 एक्सीडेंट राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए जिसमें 61 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई. राज्य महामार्गों पर 23% और अन्य सड़कों पर 44% एक्सीडेंट रिकॉर्ड हुए. एक और दिलचस्प आंकड़ा ये है कि भारत में सबसे ज्यादा हादसे (कुल हादसों का करीब 18%) धुंध के मौसम में होते हैं. 

हादसों के पीछे क्या कारण?

2022 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में होने वाले सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण ओवर स्पीडिंग है. कुल हादसों में से 72% ओवर स्पीडिंग के चलते हुए. नशे में गाड़ी चलाना 2%, गलत साइड में ड्राइव करना 4.8%, मोबाइल का प्रयोग करते हुए गाड़ी चलाना 1.6% हादसों के लिए जिम्मेदार है. चार्ट में और ज्यादा विस्तार से देख सकते हैं.

​ सबसे ज्यादा हादसे ओवर स्पीडिंग के कारण ​

किन राज्यों में सबसे ज्यादा सड़क हादसे?

2022 में हुए सड़क हादसों में तमिलनाडु पहले नंबर पर रहा. यहां 64,105 एक्सीडेंट एक साल में दर्ज किए गए. दूसरे नंबर पर 54 हजार से ज्यादा हादसों के साथ मध्य प्रदेश और तीसरे नंबर पर केरल 43 हजार से ज्यादा हादसों के साथ है. नीचे दिए ग्राफ में टॉप 10 राज्य देख सकते हैं. 

​ सबसे ज्यादा सड़क हादसों वाले 10 राज्य ​

हालांकि, सड़क हादसों की संख्या में चौथे नंबर पर रहने के बावजूद उत्तर प्रदेश इन हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या के मामले में पहले नंबर पर है. यहां 2022 में 22,595 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो गई, जो किसी भी राज्य की तुलना में सबसे ज्यादा है.

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