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BJP का नया युवा चेहरा हेमांग जोशी ‘कॉकरोचों’ को लुभा पाएगा?

Gen Z के बढ़ते असंतोष के बीच BJP ने 35 साल के हेमांग जोशी को युवा मोर्चे की कमान सौंपी है. उनके सामने युवाओं को पार्टी के साथ लाने की बड़ी चुनौती है

हेमांग जोशी वडोदरा से सांसद हैं
अपडेटेड 20 अगस्त , 2026

BJP ने वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का प्रमुख बनाया है. उन्होंने संगठन में बदलाव के तहत तेजस्वी सूर्या की जगह ली है. 

इसी फेरबदल में रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है. OBC, किसान, SC, ST और अल्पसंख्यक मोर्चों में भी नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं.

यह बदलाव सामान्य संगठनात्मक फेरबदल जैसा लग सकता है लेकिन इसका समय इसे खास बनाता है. दरअसल पार्टी ने ऐसे समय में युवाओं तक पहुंच बनाने की जिम्मेदारी 35 साल के नेता को सौंपी है जब देश के युवा बेचैन नजर आ रहे हैं और घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं.

जोशी का राजनीति में उभार काफी उल्लेखनीय रहा है. 1991 में पोरबंदर में जन्मे जोशी ने 2010 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया. वहां वे मीडिया प्रभारी और जिला कार्यकारिणी सदस्य रहे. 

जोशी ने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा (MSUB) से फिजियोथेरेपी की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने मानव संसाधन में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की. उन्होंने 2016 में पढ़ाई पूरी की.

जोशी को BJP की युवा नेतृत्व की मुहिम के चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है. ABVP के बाद उन्होंने 2022 में स्थानीय राजनीति में कदम रखा और वडोदरा नगर निगम की स्कूल समिति के उपाध्यक्ष बने.

2024 में हेमांग जोशी ने वडोदरा से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीते (फाइल फोटो)
2024 में हेमांग जोशी ने वडोदरा से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीते (फाइल फोटो)

2024 में उन्होंने दो बार की सांसद रंजनबेन भट्ट की जगह चुनाव लड़ा और 5 लाख 80 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से वडोदरा लोकसभा सीट जीत ली. सांसद के तौर पर उनका खास कदम 'डिजिटल सांसद कार्यालय' की शुरुआत करना था. यह पहल सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चित हुई.

छात्र नेता के तौर पर उनका एक अभियान 2018 में MSUB में स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा का कार्यक्रम रद्द कराने में अहम रहा था. उन्होंने कामरा को 'राष्ट्रविरोधी' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का सदस्य बताया था.

राहुल गांधी और BJP सांसद प्रताप चंद्र सारंगी के बीच संसद में हुई धक्का-मुक्की के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले BJP सांसदों में जोशी भी शामिल थे. इस शिकायत में बांसुरी स्वराज और अनुराग ठाकुर भी शामिल थे. 

जोशी की पहचान सोशल मीडिया और संसद में राहुल गांधी पर निशाना साधने वाले नेता के तौर पर रही है. उन्होंने राहुल की राजनीतिक यात्रा की तुलना 'नाकाम सैटेलाइट लॉन्च' से की थी और उन पर विदेशी सलाहकारों द्वारा लिखी स्क्रिप्ट पढ़ने का आरोप लगाया था.

वे मई 2025 में BJP के 'ऑपरेशन सिंदूर' प्रतिनिधिमंडल में शामिल गुजरात के इकलौते BJP सांसद भी थे. यह प्रतिनिधिमंडल पूर्वी एशियाई देशों के दौरे पर गया था. वह 2024 में रूस में हुए पहले BRICS सांस्कृतिक मंच और 2025 में ब्राजील में हुए दूसरे BRICS पारंपरिक मूल्य मंच में भी विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

नवंबर 2025 तक उन्हें राज्य युवा मोर्चा का अध्यक्ष बना दिया गया था. अब उन्होंने इस पद से भी इस्तीफा दे दिया है. कुल मिलाकर, BJP के मानकों से भी यह असामान्य रूप से तेज राजनीतिक उभार रहा है.

माना जाता है कि जोशी BJP के राष्ट्रीय नेतृत्व और RSS, दोनों के करीबी हैं. गुजरात युवा मोर्चा में उनके कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर आयोजित एक डिजिटल आउटरीच बैठक ने अमित शाह और बीएल संतोष का ध्यान खींचा था.

NEET पेपर लीक को लेकर हुए छात्र प्रदर्शनों और सत्ता में मौजूद पार्टी के साथ युवाओं के बढ़ते टकराव के बीच जोशी को BJYM की जिम्मेदारी मिली है. कॉकरोच जनता पार्टी ने इंस्टाग्राम पर BJP से भी ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए. वहीं जंतर-मंतर पर कई हफ्तों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा.

BJYM के सामने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और AI से तेजी से बदलते रोजगार बाजार के बीच समझदार और सतर्क हो चुके युवाओं से दोबारा जुड़ने की बड़ी चुनौती है. जोशी को निश्चित तौर पर जमीनी स्तर पर युवाओं की नब्ज समझनी होगी.

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