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डार्क मोड

हसीन हिना की परवान चढ़ती मुहब्बत!

अब की सबसे चटपटी खबर यह है कि हिना के दिल में बरकिन बैगों, कारवेली के सनग्लासेज, महंगे कपड़ों और महंगी ज्वेलरी के अलावा कोई और भी बसता है. इंटरनेट पर मची है सनसनी.

अपडेटेड 6 अक्टूबर , 2012

गत 23 सितंबर को पूरे पाकिस्तान में यह खबर आग की तरह फैल गई, क्योंकि यह अपनी तरह की अलग ही खबर थी. अलग इसलिए क्योंकि यह हिंसा से जुड़ी किसी घटना की खबर नहीं थी.

दरअसल हुआ यह कि बांग्लादेश की एक वेबसाइट के दावे ने पाकिस्तान में सनसनी फैला दी. डेली ब्लिट्ज ने दावा किया है कि पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार को जो बेहद महंगे बरकिन बैग्स के शौक के लिए भी खासी मशहूर हैं, आजकल इश्क हो गया है और उनकी मुहब्बत का नाम है बिलावल भुट्टो ज़रदारी. 21 वर्षीय ज़रदारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन हैं. तीन दिन तक ब्लिट्ज के पन्ने इस कहानी से रंगे रहे.

इसमें पश्चिमी इंटेलीजेंस के हवाले से बताया गया कि दो बच्चों की मां 34 वर्षीया हिना और युवा नेता के बीच इश्क का जुनून उफान पर है, जो पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री की किसी मसालेदार कहानी से कम नहीं है. हिना ने बिलावल को मुहब्बत भरे खत लिखे हैं. हिना ने बिलावल के जन्मदिन और ईद के मौके पर उन्हें भेजे गुलदस्तों और तोहफों के साथ अपनी मुहब्बत का इजहार भी किया. इस वेबसाइट की मानें तो राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने अपने निवास में ''दोनों को आपत्तिजनक हालत में पाया था,” जिसे देखकर वे अपना आपा खो बैठे थे.

ब्लिट्ज का दावा तो यहां तक है कि हिना के कारण बाप-बेटे के रिश्तों में काफी कड़वाहट आ गई है. बिलावल किसी भी कीमत पर हिना से निकाह करना चाहते हैं. हिना के लिए उनका इश्क इस कदर उफान पर है कि इसके लिए वे अपने सियासी करियर को भी दांव पर लगाने के लिए तैयार हैं. अगर उन्हें हिना के साथ निकाह की इजाजत नहीं मिली तो वे राजनीति को हमेशा के लिए अलविदा कहकर हिना के साथ विदेश में बसने का भी मन बना चुके हैं.

दूसरी ओर चर्चा है कि हिना भी इस मुहब्बत को अंजाम तक पहुंचाने के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं. अपने शौहर फिरोज गुलजार के साथ हिना के संबंध मधुर नहीं हैं और वे जल्दी ही फिरोज से तलाक लेने वाली हैं.Hina

ब्लिट्ज का कहना है कि शादी करके दो हंसों का यह जोड़ा स्विट्जरलैंड चला जाएगा. क्या इत्तिफाक है कि इस कहानी के तीनों किरदार उस समय न्यूयॉर्क में ही थे, जब मुहब्बत की इस सनसनीखेज दास्तान ने अखबारों के पहले पन्ने पर शोले दहका दिए थे.

राष्ट्रपति ज़रदारी उस समय संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को संबोधित कर रहे थे. उनके साथ वहां हिना और बिलावल भी थे. कुछ दिन पहले पाकिस्तान की विदेश मंत्री ने वाशिंगटन के कैपिटल हिल में नीति निर्धारकों के साथ मुलाकात की थी और प्रेस को दिए साक्षात्कारों में अमेरिका से मुस्लिम विरोधी फिल्म इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स के संदर्भ में यह आग्रह किया था कि वह अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर एक बार फिर से विचार करे.

यह कोई पहला वाकया नहीं, जब पाकिस्तान के किसी नेता के दिल ने चाहत को आवाज दी हो. इसी साल मई में पाकिस्तानी वेबसाइट टॉप स्टोरी लाइन ने एक सनसनीखेज खुलासा किया था कि पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ  ने एक पुलिस अधिकारी की पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने पति से तलाक दिलवाया और फिर उससे शादी कर ली.

ब्लिट्ज ऐसी वेबसाइट है, जिसका काम  साउथ एशिया के फिल्मी सितारों और नेताओं से जुड़ी खबरों को मसालेदार बनाकर पेश करना है और इस बार उसने अपने इस 'मसाले’ को बिल्कुल ठीक समय पर पकाया है.

हिना-बिलावल की कथित दास्तान-ए-मुहब्बत ऐसे वक्ïत पर परोसी गई है, जब पाकिस्तान में बुरी खबरों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. दो जगहों पर लगी आग में 289 लोगों की मौत, आतंकवादी हमले और रोजाना 12-12 घंटे बिजली गुल रहना. मेनस्ट्रीम मीडिया ने इसे कोई खास तवज्जो नहीं दी, जैसा कि पाकिस्तान के अमीर और मशîर लोगों के मामलों में उसकी भूमिका रही है. लेकिन यह खबर फेसबुक, ट्विटर और एसएमएस में छा गई. ट्विटर पर किसी ने विदेश मंत्री का नया सरनेम लिखा—हिना रब्बानी खार भुट्टो ज़रदारी, तो इंटरनेट पर बीनिश बुरहान ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा, ''शरीफ ने एक शादीशुदा औरत को अपने पति को तलाक देने के लिए उकसाया था. अब बिलावल भी ऐसा ही कर रहे हैं.”

बिलावल की छवि प्लेब्वॉय की रही है. इसके पहले भी उनकी काफी महिला मित्र रही हैं. ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई के दौरान उनकी शामें शराब में डूबी महफिलों में अपनी महिला दोस्तों के साथ मस्ती करते हुए बीतती थीं. चूंकि पाकिस्तान में उनकी ऐसी छवि है, लिहाजा उनसे जुड़ी यह खबर ज्यादातर लोगों को सही लग रही है.

2007 में पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और बिलावल की मां बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद बिलावल पीपीपी के चेयरमैन बने. दूसरी तरफ हिना एक कद्दावर जमींदार की बेटी हैं और बेहद रूढि़वादी परिवार से हैं. पिछली सदी के सातवें दशक में पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहे मलिक गुलाम मुस्तफा खार हिना के चाचा और राजनैतिक सलाहकार हैं. रंगीन मिजाज मुस्तफा खार ने सात शादियां की थीं, जिनके बारे में उनकी पूर्व पत्नी और लेखिका तहमीना दुर्रानी ने बहुत विस्तार से अपनी आत्मकथा माइ फ्यूडल लॉर्ड में लिखा है. रब्बानी इतने पारंपरिक मूल्यों के बीच पली-बढ़ी हैं कि एक दशक पहले जब उन्होंने चुनाव में जीत हासिल की थी तो लोगों के सामने आई तक नहीं थीं.

पिछले साल विदेश मंत्री बनने के बाद वे महत्वपूर्ण राजनैतिक फैसलों से ज्यादा फैशन के लिए चर्चित हो गईं. रब्बानी अपने बेहतरीन बरकिन बैगों, रॉबर्टो कैवली सनग्लासेज और मोतियों की माला के साथ स्टाइल की दुनिया में छा गईं. उनका इस्लामी स्कार्फ कभी भी उनके सिर से नहीं सरका.

ब्लिट्ज ने यह भी दावा किया है कि हिना के शौहर ने फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआइए) को 'दो संदेहास्पद लोगों’ के कॉल रिकॉर्ड के बारे में पता लगाने का जिम्मा सौंपा था. हालांकि एफआइए ने ऐसी किसी बात से इनकार किया है. पर इसी बीच कहानी तेजी से परवान चढ़ रही थी और काफी दिलचस्प मोड़ पर आ खड़ी हुई. लिहाजा सच देखने की मशक्कत करे भी तो कौन?

हालांकि हिना के शौहर और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बड़े उद्योगपति फिरोज ने इस खबर को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है. पाकिस्तानी टीवी न्यूज चैनल जियो न्यूज ने जब इस खबर के बारे में उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो उन्होंने इसे अपनी बीवी और पाकिस्तान की विदेश मंत्री की छवि को बदनाम करने की साजिश बताकर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस तरह की 'घटिया बातों’ के लिए कोई जगह नहीं है और 'सोशल मीडिया गॉसिप’ पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने यहां तक कहा कि यह खबर इस लायक ही नहीं है कि इस पर कोई भी टिप्पणी की जाए.

आसिफ अली ज़रदारी के एक नजदीकी अधिकारी ने इस खबर से इनकार किया है. साथ में यह भी बताया कि राष्ट्रपति को इसमें साजिश की बू आ रही है. न्यूयॉर्क में राष्ट्रपति का ध्यान इस खबर की ओर खींचा गया था. वे मुस्कुराए और कहा कि वे उन लोगों के बारे में जानते हैं, जो पीपीपी के नेतृत्व के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. एक सांसद ने इस बात की पुष्टि तो की कि हिना, आसिफ ज़रदारी के परिवार के काफी निकट हैं, लेकिन प्यार-व्यार के किसी भी चक्कर से उन्होंनेे साफ तौर पर इनकार किया. ''हिना और बिलावल सार्वजनिक तौर पर साथ जरूर दिखाई देते हैं, लेकिन यह सब काम के सिलसिले में होता है और वे हमेशा एक-दूसरे से मर्यादापूर्ण दूरी बनाए रखते हैं.”

उधर हिना और बिलावल ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है. पाकिस्तान में उन्हें लेकर चर्चा का बाजार गर्म है तो हिना का परिवार गुस्से से तिलमिला रहा है. हिना के चचेरे भाई मुस्तफा खार ने इंडिया टुडे को बताया, ''हम उस पत्रिका के खिलाफ मुकदमा ठोकने जा रहे हैं, जिसने ऐसी वाहियात कहानी छापी है. हिना एक अच्छे खानदान से ताल्लुक रखती हैं और उनकी शादीशुदा जिंदगी बहुत खुशगवार गुजर रही है.”

आर्थिक और सामाजिक मंच पर बदहाल होते मुल्क के बेजान शरीर में वापस जान डालने के लिए मनोरंजन के नाम पर मानो यही एक झुनझुना रह गया है तो यही सही. मुल्क की सेवा के नाम पर बदनाम हुए तो अफसोस क्या!

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