भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज भोपाल में हैं. उनके स्वागत में होर्डिंग्स से पूरा शहर पट गया है. लेकिन इन सबके बीच कांग्रेस के लिए चिंता का सबब उनके नेताओं की गुटबाजी का सतह पर आ जाना है.
अभी तक दबी-छिपी कलह राहुल के स्वागत में लगे होर्डिंग्स और पोस्टरों के जरिए सड़क पर आ गई है. भोपाल में राहुल चुनाव प्रचार का शंखनाद करने जा रहे हैं.
सूत्रों की मानें तो वो मोदी पर जमकर हमला बोलने वाले हैं. लेकिन इस बीच राहुल जब स्वागत में लगे होर्डिंग्स को ध्यान से देखेंगे तो उन्हें प्रदेश के चुनाव नतीजों को लेकर गहरी चिंता होगी.
दरअसल, भोपाल शहर होर्डिंग्स और पोस्टरों से पट गया है. कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चिंता की बात यह होगी कि इन सबमें कांग्रेस की एकता से अधिक बिखराव साफ झलक रहा है.
राहुल गांधी के स्वागत में एयरपोर्ट से लेकर बीएचईएल दशहरा मैदान तक जो होर्डिंग लगे हैं उसमें कोई पोस्टर ऐसा नहीं है जिसमें प्रदेश के सभी सियासी नेताओं की तस्वीरें एक साथ साझा की गई हों.

ताकत का टकराव प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधया के बीच भी नजर आने लगा.
दिग्विजय सिंह तो अधिकांश कटआउट्स से गायब ही हो गए हैं.
उन्हें मंच के कटआउट में भी जगह नहीं मिली. बीजेपी नेता भी इस लाड़ाई पर चुटकी ले रहे हैं.
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी कहते हैं, कांग्रेस की लड़ाई अपने नेताओं से ही है भाजपा से नहीं.
अब जब पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी कार्यकर्ता संवाद में युवाओं को रोजगार के अवसर न दिला पाने के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरेंगे तो उनके सामने एक चुनौती प्रदेश कांग्रेस के छत्रपों से गुटों को एक साथ जुटाने की भी होगी.
सीनियर कांग्रेसियों में अपने अपने प्रभाव को लेकर जबर्दस्त जंग छिड़ी है.
सिंधिया समर्थकों ने अपने कटआउट्स में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय को जगह नहीं दी है.
वहीं कमलनाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की तस्वीर नहीं लगाई. जबकि पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह अधिकांश होर्डिंग और बैनरों से गायब हैं.
गुटबाजी यहीं नहीं थमती. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, नेता प्रतिपक्ष के समर्थक भी अपनी सियासी लकीर अलग खींचे हुए हैं.
राहुल गांधी जब अपने काफिले के बीच सडक़ पर झांकेंगे और गौर से देखेंगे तो उन्हें पार्टी का ये बिखराव साफ दिखेगा.
अब वह इस पार्टी स्तर के गृहयुद्ध को कैसे मैनेज करते हैं या संबोधन में क्या मैसेज देते हैं सभी की नजरें इसी पर होंगीं.
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