प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल को हाल में पूछताछ के नोटिस क्या भेजे, कई कांग्रेस नेताओं को परिवार के प्रति हमदर्दी जताने का मौका मिल गया जिसे भुनाने में उन्हें कोई गुरेज भी न था. दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी की भी परवाह किए बगैर वे सरकारी एजेंसियों के हाथों अपने नेताओं के कथित उत्पीड़न के विरोध में सड़कों पर उतर आए. खूब तमाशा हुआ.
13 जून को ईडी की पूछताछ के वक्त राहुल लंच ब्रेक में अपनी मां से मिलने गए, जिनका दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में कोविड का इलाज चल रहा है. राहुल की टीम को यकीन था कि उनके इस तरह अस्पताल जाने से लोगों के दिलों में सहानुभूति की लहर उठेगी. हालांकि उनके बेदिल विरोधियों ने कहा कि वे ईडी के आउट-ऑफ-सिलेबस प्रश्नों के लिए डिक्टेशन लेने गए थे.
ले जाओ अपनी कार
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के एमएलसी उम्मीदवारों की सूची में जब केशव देव मौर्य के बजाए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को तवज्जो दी गई तो केशव देव की अगुआई वाले महान दल ने सपा से गठबंधन तोड़ लिया. फिर क्या था, सपा के नेताओं ने केशव देव से वह कार लौटाने को कहा जो अखिलेश यादव ने उन्हें पिछले साल दीवाली गिफ्ट में दी थी. महान दल के नेता केशव देव ने इसे ''शर्मनाक कृत्य'' करार दिया.
चुनावी यात्राओं की शुरुआत
तेलुगु देशम पार्टी के सुप्रीमो एन. चंद्रबाबू नायडू 15 जून को अनाकाल्ले जिले के चोडावरम में मिनी महानाडु यानी सालाना जलसे के आयोजन से अभियान शुरू करेंगे. नायडू ने टीडीपी के कार्यकर्ताओं को लामबंद करने और जनसमर्थन जुटाने के लिए एक साल के भीतर आंध्र प्रदेश के सभी 26 जिलों में जनसभाएं करने और प्रदेश का दौरा करने के लिए कमर कस ली है. उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री वाइ.एस. जगन मोहन रेड्डी अप्रैल 2024 के बजाए अगले साल ही विधानसभा चुनाव करवा लेंगे. अभिनेता से नेता बने पवन कल्याण भी अपनी जन सेना की 'बस यात्रा' 5 अक्तूबर को तिरुपति से शुरू करेंगे.
अब घर भी छिना
पहले उन्हें राज्यसभा का टिकट देने से इनकार कर दिया गया, अब लगता है आर.सी.पी. सिंह को 7 स्ट्रैंड रोड पटना का सरकारी बंगला भी खाली करना पड़ेगा. यह उन्हें तब अलॉट हुआ था जब वे एमएलसी थे और 10 साल से यह घर उनके पास है. उन्होंने तेजी से तरक्की की सीढ़ियां चढ़ीं—नीतीश कुमार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी से दो बार जद (यू) के राज्यसभा सदस्य, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और फिर केंद्रीय मंत्री. मगर राज्यसभा का टिकट न मिलने से उनका मंत्री पद भी जा सकता है और राजनीति में उनके पतन की शुरुआत हो सकती है.
इतने पास, कितने दूर!
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव इधर राष्ट्रीय राजनीति में महत्वाकांक्षा को परवान चढ़ाने का मंसूबा बना रहे हैं, वहीं राज्य की राज्यपाल तमिलिसै सौंदरराजन से उनकी अनबन बढ़ती जा रही है. हैदराबाद का राजभवन और केसीआर का घर-दफ्तर मुश्किल से दो किमी दूर हैं, पर साल भर से वे मिले नहीं हैं. 28 मई को जुबली हिल्स पर एक छात्रा के गैंग रेप के बाद सौंदरराजन ने 10 जून को महिला दरबार लगाया ताकि उनकी शिकायतें सुनें, सुझाव सरकार को भेजें. टीआरएस ने इसे भाजपा और पीएम मोदी की शह पर चली गई चाल करार दिया.
—साथ में प्रशांत श्रीवास्तव, अमरनाथ के. मेनन और अमिताभ श्रीवास्तव

