सुशांत सिंह राजपूत की कहानी अभी तक कई किरदारों ने बयान की है. उनका कुक, उनके क्रिएटिव कंटेंट मैनेजर, एक पूर्व गर्लफ्रेंड जिसने चार वर्षों से उनसे बात नहीं की थी, एक कथित सबसे अच्छा दोस्त जिसके कॉल रिकॉर्ड खुलासा करते हैं कि उसने साल भर से ज्यादा वक्त से अभिनेता से बात नहीं की थी, पूर्व कर्मचारी, एक अभिनेत्री जिसके साथ उन्होंने कभी काम नहीं किया, वीडियो और इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए उनका परिवार, और मुंबई पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो के सूत्रों से जुटाए गए रसीले ब्योरों के जरिए मीडिया.
पर इस 34 वर्षीय अदाकार के आखिरी साल में उन्हें अप्रैल 2019 से उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती से बेहतर कोई नहीं जानता था. इंडिया टुडे टीवी के साथ खास बातचीत में इस अभिनेत्री ने अपनी खामोशी तोड़ते हुए उन सभी आरोपों का जवाब दिया जो 14 जून को अभिनेता की मौत के बाद 73 दिनों में उनके ऊपर लगाए गए. ऐसा उन्होंने अपने सपने में उनके रिश्ते के बारे में 'सच बताने' की राजपूत की पुकार सुनने के बाद किया. कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई के साथ 90 मिनट से ज्यादा चली बातचीत के दौरान रिया ने जिन बातों का खुलासा किया, उनसे एक ऐसी औरत सामने आती है जिसे अचानक हुई इस मौत ने हिलाकर रख दिया, पर वह दो महीनों से ज्यादा वक्त से लगातार उछाले जा रहे आरोपों के तूफान के बीच बहादुरी से डटी है.
रिया ने राजपूत का बांद्रा स्थित डुप्लेक्स अपार्टमेंट छोडऩे से पांच दिन पहले 3 जून को मनोचिकित्सक डॉ. करसी चावड़ा को फोन किया. वे परेशान थीं कि अभिनेता एक बार फिर अवसाद से जूझ रहा था. रिया ने बताया कि चावड़ा ने राजपूत से बात की और माना कि उन्हें दवाइयां देनी पड़ेंगी. इसी दिन राजपूत ने इंस्टाग्राम पर एक मार्मिक पोस्ट साझा की, जो उनकी आखिरी पोस्ट थी. इसमें उन्होंने अपनी मां को याद किया जिनका निधन 2003 में हुआ था. इंटरव्यू के दौरान रिया ने जो सबसे बड़ा खुलासा किया, अगर सच है, तो वह यह है कि सुशांत की मां भी मानसिक सेहत की परेशानियों से दो-चार थीं और उन्हें उनके पिता ने छोड़ दिया था, जिसकी वजह से पिता और पुत्र के रिश्ते में तनाव था. रिया ने कहा कि जब उन्होंने डेट करना शुरू किया, तब सुशांत अपने पिता कृष्ण किशोर सिंह से पांच साल से मिले नहीं थे.
यह सुशांत की कजिन दिव्या गौतम की उस बात के विपरीत है, जो उन्होंने 31 अगस्त के अंक में इस पत्रिका से कही थी कि कृष्ण किशोर सिंह 2018 में मुंबई आए थे, तब सुशांत पिता की दवाइयों और इलाज का बहुत ख्याल रखते थे. रिया के इंटरव्यू के तुरंत बाद सुशांत के परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विकास सिंह ने इंडिया टुडे टीवी को बताया कि सुशांत मई, 2019 में अपने गांव गए थे और अपने पिता के साथ वक्त बिताया था.
सुशांत को उनके परिवार से दूर करने के आरोपों से इनकार करते हुए रिया ने कहा कि बायपोलर डिसऑर्डर का पता चलने पर इलाज शुरू हुआ, तब उन्हें सुशांत के परिवार के उनके साथ होने की अहमियत का एहसास हुआ. वैसे वकील विकास सिंह ने कहा है कि नवंबर में मुंबई के वाटरस्टोंस होटल में अपनी तीन बहनों के साथ मुलाकात के दौरान रिया सुशांत को थोड़ी देर के लिए एक तरफ ले गईं और उन्हें राजी कर लिया कि वे बहनों के साथ दिल्ली न जाएं. इसके जवाब में रिया कहती हैं कि उन्होंने तो दरअसल झगड़े को खत्म करने की अपनी इच्छा जाहिर की थी और सुशांत की बहन प्रियंका को गले लगाया था. उसी प्रियंका को, जिसके ऊपर अप्रैल 2019 में उन्होंने गलत ढंग से छूने का आरोप लगाया था.
यह पहला मौका था जब रिया सुशांत की सबसे बड़ी बहन नीतू से मिलीं तथा उन्हें पता चला कि सुशांत की एक और बहन मीतू है जो मुंबई में ही रहती है. लेकिन सुशांत की एक बहन ने इस मुलाकात का जो ब्योरा दिया है, वह अलग है. उन्होंने सीबीआइ को बताया कि सुशांत के एक बॉडीगार्ड ने परिवार को आगाह किया था कि उनकी जिंदगी खतरे में है. रिया ने सवाल किया, ''अगर उन्हें लगता था कि मैं उसके लिए मुनासिब लड़की नहीं हूं तो वे वाटरस्टोंस में उसे मेरे साथ छोड़कर क्यों चले गए? जनवरी में जब वह चंडीगढ़ गया था (नीतू और उनके पति ओ.पी. सिंह से मिलने) तब उन्होंने उसे (मुंबई लौटन से) रोका क्यों नहीं?''
वाटरस्टोंस में वह मुलाकात रिया और सुशांत के परिवार के बीच झगड़े की जड़ बन गई है. परिवार ने रिजॉर्ट में मुलाकात के दौरान रिया पर आरोप लगाया कि ''सुशांत के अवसाद का इलाज करवाने की आड़ में'' उन्होंने सुशांत को बंधक बना रखा है. सुशांत के बहनोई, आइपीएस अफसर ओ.पी. सिंह ने मध्य फरवरी में मुंबई पुलिस जोन 9 के पूर्व डीसीपी परमजीत सिंह दहिया को भेजे संदेशों में यही आरोप लगाया था.
रिया ने इनकार किया कि अभिनेता की जिंदगी के फैसले वे लेती थीं, ''वह ठीक वही करता था जो वह करना चाहता था.'' वे स्वीकार करती हैं कि सुशांत मैरुआना या गांजे का नशा करते थे. यह बात फरवरी 2019 तक नौ महीने सुशांत के बॉडीगार्ड रहे मुश्ताक ने भी कही. रिया ने इनकार किया कि वे उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के मकसद से डॉक्टर की लिखी दवाइयां और नशीले पदार्थ देती थीं. असल में, जनवरी में सुशांत को भेजे गए उनके व्हाट्सऐप संदेशों से पता चलता है कि वे उन्हें नशे की लत से उबारने की कोशिशें कर रही थीं. वे साफ तौर पर नाकाम रहीं क्योंकि सुशांत के घरेलू नौकर नीरज सिंह ने उनकी मौत से महज कुछ दिन पहले उन्हें गांजे की सिगरेट बनाकर देने का जिक्र किया है.
रिया पर आरोप है कि वे सुशांत की मानसिक बीमारियों की सच्ची-झूठी बातें गढ़ रही थीं. रिया का कहना है कि ऐसा करके उन्हें भला क्या हासिल होता, खासकर तब जब वे अपने करियर का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट सुशांत के साथ करने वाली थीं. उन्होंने कहा, ''उन्हें मनोचिकित्सकों के पास ले जाकर मैं खुद ही इसे क्यों बर्बाद करना चाहती?'' यहां वे जिस प्रोजेक्ट की बात कर रही हैं, वह रूमी जाफरी के निर्देशन और वासु भगनानी निर्माण में बन रही एक फिल्म थी, जिसके लिए बताया जाता है कि सुशांत को 15 करोड़ रुपए देने का वादा किया गया था. पर कोविड-19 की वजह से करार पर दस्तखत नहीं हो सके, न अभिनेता को मेहनताने का भुगतान किया गया और न ही शुरुआती योजना के मुताबिक मई में शूटिंग शुरू हो सकी.
इत्तेफाक से सुशांत के पिता ने रिया पर अपने बेटे के बैंक खाते से 15 करोड़ रुपए ही हड़पने का आरोप लगाया है. सुशांत के परिवार ने यह भी शिकायत की है कि रिया ने सुशांत के पुराने कर्मचारियों को निकालकर उसके रुपए-पैसों और कारोबारी मामलों को अपने हाथ में ले लिया था. वहीं, रिया का कहना है कि सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा को, जो पटना में दर्ज एफआइआर में एक आरोपी भी है, प्रियंका ने ही नौकरी पर रखा था, जो दिल्ली में रहती हैं और वकील हैं.
मिरांडा ने सुशांत के फ्लैट में उनके साथ रह रहे सिद्धार्थ पिठानी से कहा था कि रिया अभिनेता के डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अपने निजी खर्चों के लिए कर रही थीं, वहीं रिया ने सफाई दी कि वे सुशांत के रुपए-पैसों पर जिंदगी बसर नहीं कर रही थीं. यह सुशांत ही थे जो 'किंग साइज' या उदार और भव्य जिंदगी जीना पसंद करते थे, जिसमें यूरोप के उनके टिकट तथा होटल का भुगतान और इटली में उनके भाई शौविक की मेजबानी करना शामिल था.
अक्तूबर में यूरोप के सैर-सपाटे के दौरान ही रिया को पता चला कि सुशांत की सेहत उतनी अच्छी नहीं थी. यहीं सुशांत ने उन्हें बताया कि 2013 में उन्हें अवसाद या डिप्रेशन का दौरा पड़ा था जिसके लिए उन्होंने डॉ. हरीश शेट्टी से इलाज करवाया था.
यूरोप की उस छुट्टी के दौरान उम्मीद के मुताबिक कुछ भी नहीं हुआ. रिया बताती हैं कि पेरिस में अपनी आखिरी प्रदर्शित फिल्म दिल बेचारा के किरदार मैनी की तरह पेरिस की सड़कों पर पूरी आजादी के साथ मौज-मस्ती करने के बजाए, सुशांत ने तीन दिनों तक खुद को पूरी तरह होटल के कमरे में बंद कर लिया. इटली में फ्लोरेंस के पलाजो मयनानी फिरोनी होटल में सुशांत को पक्का वहम हो गया कि कमरे में कोई है, वे सो नहीं सके और उन्होंने कमरा छोडऩे से इनकार कर दिया. यात्रा अधबीच छोड़ दी गई. उसके बाद सुशांत कभी पहले जैसे नहीं रह पाए.
जून का तूफानी महीना
रिया ने 8 जून को नीरज से कहा कि उनका सामान बांध दे और वे दोपहर होते-होते अपने भाई के साथ घर छोड़कर चली गईं. कुक नीरज के मुताबिक, वे परेशान थीं कि सुशांत ने उन्हें विदा तक नहीं किया. रिया जोर देकर कहती हैं कि यह सुशांत ही थे जिन्होंने उन्हें अचानक अपनी बहन मीतू के उनके साथ रहने आने से पहले घर छोड़कर चले जाने को कहा था. उन्हें जिस बात से ज्यादा चोट पहुंची, वह यह कि दुश्चिंता और बेचैनी के दौरों सहित खुद रिया की मानसिक सेहत की परेशानियों के प्रति सुशांत के मन में कोई हमदर्दी नहीं थी और सुशांत ने उनसे कह दिया कि वे डॉ. सुसन वॉकर के साथ अपने थेरैपी सेशन अभिनेता के घर पर नहीं कर सकतीं. उसी दिन रिया और फिल्मकार महेश भट्ट के बीच व्हाट्सऐप पर हुई एक बातचीत से संकेत मिलता है कि यह सुशांत के साथ उनके रिश्ते का अंत था. वे कहती हैं कि उन्होंने भट्ट से इसलिए संपर्क किया क्योंकि सुशांत नहीं चाहते थे कि वे वापस आएं. बाद में 9 जून को जब सुशांत ने उन्हें फोन करने के बजाए उनकी राजी-खुशी जानने के लिए महज एक संदेश भर भेजा, तो उन्होंने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया. रिया ने कहा, ''मैं हैरान थी कि क्या वह मुझे इसलिए दूर धकेल देना चाहता था क्योंकि मेरी तबीयत नासाज थी.''
उसी दिन तब सुशांत की मैनेजर दिशा सालियान की अपने मंगेतर के 14वें माले के अपार्टमेंट की बालकनी से गिरकर मौत हो गई. इसे दुर्घटनावश मौत करार दिया गया. मीडिया की सुर्खियों में जब उन्हें सुशांत की मैनेजर बताया गया, तब सुशांत की वकील प्रियंका खेमानी ने उनसे दिशा के बारे में पता करने के लिए फोन किया. रिया का कहना है कि दिशा और सुशांत लॉकडाउन से पहले फरवरी या मार्च की शुरुआत में सुशांत के घर पर बस एक बार मिले थे. उससे पूर्व उनकी पहले वाली मैनेजर श्रुति मोदी को पैर की चोट से उबरने के लिए विराम लेने के लिए कह दिया गया था.
पिठानी ने जूम टीवी को एक इंटरव्यू में कहा कि दिशा की मौत की खबर से सुशांत परेशान हो गए थे. रिया इसकी गवाह नहीं थीं, लेकिन उन्हें इसका अंदाजा था, क्योंकि 2018 में मीटू अभियान के दौरान इसमें सुशांत का नाम आने के बाद रिया उन्हें काफी दिनों तक मानसिक तनाव से गुजरते देख चुकी थीं. अभिनेता पर दिल बेचारा की उनकी सह-अदाकारा संजना सांघी ने उत्पीड़न का आरोप लगाया था और फिर डेढ़ महीने बाद उन्होंने सुशांत को बरी भी कर दिया था. सुशांत को यह भी लगता था कि फिल्म उद्योग में उनके काम को मान्यता नहीं दी जा रही थी और वे मानते थे कि उनका काम कितना भी अच्छा क्यों न हो, मान्यता और अवार्ड की शक्ल में कामयाबी कभी उनके हाथ नहीं आएगी. यही वजह थी कि उन्होंने मुंबई से बाहर जा बसने और बस फिल्म करने के लिए कभी-कभार ही महानगर लौटने के मंसूबे बनाए थे.
रविवार की वह अभागी दोपहर
रिया के मुताबिक, सुशांत की मौत का सुराग उनके घर छोडऩे के बाद छह दिनों के दौरान वहां जो कुछ हुआ, उसमें छिपा है. जब सुशांत ने दरवाजा नहीं खोला और न ही पिठानी तथा बहन मीतू के फोन कॉल का जवाब दिया, तो पिठानी ने दरवाजा तोडऩे के लिए एक ताले ठीक करने वाले को बुलाया. पिठानी ने सीबीआइ को बताया कि हरे कुर्ते के सहारे छत के पंखे से लटका सुशांत का शरीर देखने वाले पहले शख्स वही थे. उनके बाद हाउस मैनेजर दीपेश सावंत और नीरज ने वह दृश्य देखा. पिठानी ने मीतू को इत्तला दी कि अभिनेता ने खुद को फांसी लगा ली है. मीतू सुशांत के घर के लिए निकल चुकी थीं. नीतू को भी उसी वक्त फटाफट बताया गया और उन्होंने तथा ओ.पी. सिंह ने पिठानी से कहा कि शरीर को नीचे उतार लो. पिठानी ने ज्यों ही चाकू की मदद से कुर्ता काटा, सुशांत का शरीर बिस्तर पर ढह गया. ठीक इसी पल मीतू कमरे में दाखिल हुईं और सुशांत को उनके घरेलू नाम से पुकारते हुए चीख पड़ीं, ''गुलशन, ये तूने क्या किया''. बताया जाता है कि उन्होंने पिठानी से कहा कि वे उनकी गर्दन में कसा फंदा काट दें और सुशांत के सिर को बिस्तर पर सीधा करके रख दें.
रिया सुशांत की बहन मीतू से अपनी खामोशी तोडऩे की गुजारिश करती हैं, जो अभिनेता के सबसे निराशा के दिनों में उनके साथ मौजूद थीं लेकिन जिन्होंने इसके बावजूद 12 जून को उन्हें छोड़कर जाना चुना. रिया ने सवाल किया कि इतने मुश्किल हालात में अभिनेता को जिस चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, वह उन्हें क्यों नहीं दी गई.
इंटरव्यू के दौरान रिया ने खुद पर लगाए गए कई सारे आरोपों का एक-एक कर जवाब दिया. मसलन, इन आरोपों का, कि वे दूसरे के कंधों के सहारे ऊपर चढऩे वाली शख्स हैं, सुशांत की मानसिक बीमारी की वजह वही थीं, वे उनकी जिंदगी को नियंत्रित कर रही थीं, उनकी कमाई हड़प रही थीं, उन्हें नशीली दवाइयां दे रही थीं. लेकिन उनके बयानों की सचाई और उनके निर्दोष या दोषी होने का दारोमदार अब मामले की जांच कर रही एजेंसियों सीबाआइ, प्रवर्तन निदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के ऊपर है. अदाकारा का कहना है कि उन्हें न्यायिक प्रणाली पर, और उससे ज्यादा अपने प्यार पर, भरोसा है. उन्होंने कुबूल किया, ''उससे प्यार करना तो मैं कभी भूल नहीं सकूंगी. मुझे अब भी लगता है वह यहीं है. जो चीज मुझे ताकत देती है, वह यह है कि वह ऊपर से मुझे देख रहा है.'' —साथ में अमिताभ श्रीवास्तव

