पप्पू बनाम फेकू की ट्विटर जंग में जीत दर्ज करने के बाद बुलंद हौसलों से लैस कांग्रेस ने इंटरनेट अखबार के माध्यम से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से दो-दो हाथ करने का फैसला कर लिया है.
द हफिंगटन पोस्ट के मॉडल पर आधारित यह अखबार उदार, धर्मनिरपेक्ष और संवादप्रिय राह पर चलेगा. यह अखबार विकास और शासन संबंधी मोदी के झूठों, जैसा इसने कहा है, को बराबर बेनकाब करता रहेगा. वह स्वतंत्र स्तंभकारों और विशेषज्ञों का मंच बनेगा. ऐसे किसी अखबार की शुरुआत के लिए अमत्र्य सेन के लेख से बेहतर और क्या हो सकता था जिन्होंने हाल ही में यह कहकर विवाद पैदा कर दिया था कि गुजरात के मुकाबले केरल का विकास मॉडल बेहतर है.
दुविधा में रहने वाले राहुल गांधी की हरी झंडी मिलने के बाद से पार्टी में काफी खुशी का माहौल है. लेकिन लाख टके का सवाल तो यह है कि क्या यह देसी हफिंगटन पोस्ट मोदी का किला भेदने में कामयाब हो पाएगा?

