वीआइपी मार्गों की मरम्मत की गई, दीवारों की फिर से पुताई हुई, कचरे के मैदानों को कैनवस की चादरों से ढक दिया गया और पेड़ों तक को भी धोया गया.
कांग्रेस के हाइ-प्रोफाइल चिंतन शिविर सत्र के लिए जयपुर को तैयार करने के लिए आपरेशन क्लीन-अप पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अंदाजन 60 करोड़ रु. खर्च करने पड़े हैं. इसके पहले जनवरी 2012 में प्रवासी भारतीय दिवस के लिए शहर को सजाने-संवारने पर 35 करोड़ रु. खर्च किए गए थे.
गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने प्रतिनिधियों के लिए तीन सितारा होटलों में ठहरना, बस से सफर करना और सादा शाकाहारी भोजन परोसा जाना अनिवार्य कर रखा था. इस शाहखर्ची पर वे क्या कहेंगी?

