राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन गडकरी की पहली पारी का आखिरी महीना करीब आते ही भगवा ब्रिगेड में दंगल तेज हो गया है.
यशवंत सिन्हा ने सार्वजनिक जीवन में शुचिता के नाम पर गडकरी के इस्तीफे की मांग की, तो कुछ उत्साही कार्यकर्ताओं ने सिन्हा को घोटालों का सरदार और खाऊ-पीऊ नेता बताते हुए पार्टी मुख्यालय समेत दिल्ली में कई जगहों पर होर्डिंग्स टंगवा दिए. सो संसद सत्र के पहले दिन सिन्हा ने फिर तेवर दिखाए.
गडकरी पर सवाल हुआ, तो बोल गए, ‘‘गडकरी मामले पर जब मुझे टिप्पणी करनी होगी तो मैं आप लोगों को घर बुलाउंगा, चाय-नाश्ता कराउंगा, उसके बाद वहां पर टिप्पणी करूंगा.’’
लोकसभा में सत्र के पहले दिन सिन्हा के पहुंचते ही दर्जन भर से ज्यादा भाजपाई सांसद बेहद उत्साह के साथ उनका अभिनंदन करने पहुंचे. अब शायद सिन्हा को भी 19 दिसंबर का इंतजार है, जब गडकरी का भविष्य तय होगा.

