लगता है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने बयानों से बाज नहीं आएंगे. बीते 18 नवंबर को जयपुर में एक अंडरपास का लोकार्पण करते वक्त उन्होंने शिकायती लहजे में कह डाला कि कैसे राज्य को हर परिवार पर तीन एलपीजी सिलेंडर देने में 800 करोड़ रु. खर्च करने पड़ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि यह पैसा इसकी बजाए दूसरी कल्याणकारी योजनाओं में खर्च किया जा सकता था. जैसे कि इतना ही काफी न हो, वे अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी केंद्रीय मंत्री सी.पी. जोशी की ओर मुड़े और बोले, ‘मुझे उम्मीद है कि जोशी जी हमारी भावनाएं यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक जरूर पहुंचाएंगे.’ जोशी के पास मुस्कराने (खिसियाने) के अलावा और क्या चारा रहा होगा.
दाग दिया अपने ही पाले में गोल
लगता है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने बयानों से बाज नहीं आएंगे. बीते 18 नवंबर को जयपुर में एक अंडरपास का लोकार्पण करते वक्त उन्होंने शिकायती लहजे में कह डाला कि कैसे राज्य को हर परिवार पर तीन एलपीजी सिलेंडर देने में 800 करोड़ रु. खर्च करने पड़ रहे हैं.

