आपने सुना? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद भन्नाए हुए हैं. योजना आयोग की 15 सितंबर को हुई बैठक में आजाद ने सबको स्वास्थ्य के तहत लाने की योजना के लिए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया के प्रस्तावित पीपीपी मॉडल को खारिज कर दिया.
आजाद चाहते थे कि यह योजना सरकारी क्षेत्र के पास ही रहे. लेकिन आजाद को ज्यादा गुस्सा इस बात पर आया कि उनके करीब आधे घंटे के भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बीच में ही उन्हें टोक दिया और बात जल्दी खत्म करने को कहा ताकि दूसरे मंत्री भी बोल सकें.
आजाद इंदिरा गांधी के जमाने से ही मंत्री रहे हैं, ऐसे में उन्हें एक जूनियर मंत्री जैसी डांट सुनना अखरा. मुमकिन है, कभी कांग्रेस के दिग्गज माने जाते रहे इस नेता को अगले फेरबदल में कुछ अच्छी खबर सुनने को मिले.

