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डार्क मोड

मन से जगह का सृजन | शिमोना भंसाली, 42 वर्ष | फाउंडर और प्रिंसिपल डिजाइनर, डिजाइनहेक्स मुंबई

क्या है जो बनाता है उन्हें सिरमौर : घिसे-पिटे डिजाइन न अपनाते हुए शिमोना ने इंटीरियर डिजाइन का सफल कारोबार बनाया जिससे उन्हें 2024 में वेड प्राइज फॉर विमेन और 2025 में जीवीज अवार्ड जैसे शीर्ष पुरस्कार मिले

शिमोना भंसाली (फोटो- कुबेर शाह)
अपडेटेड 25 अगस्त , 2026

शिमोना भंसाली को घुमावदार आकार और आकर्षक डिजाइनें पसंद हैं, जो उनके करिअर के टेढ़े-मेढ़े सफर की झलक देती हैं. महज 17 की उम्र में, जब ज्यादातर किशोर हाइस्कूल की पढ़ाई में जुटे हुए थे, उन्होंने अपना पहला स्वतंत्र डिजाइन प्रोजेक्ट शुरू किया.

2005 में मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने परिवार के करीबी लोगों और दोस्तों के लिए शौकिया तौर पर इंटीरियर डिजाइन शुरू किया. उनकी असली शिक्षा किसी औपचारिक डिजाइन स्कूल से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने के दौरान हुई. इन काम में ड्राॅइंग, कारपेंट्री और दूसरी कलात्मक विधाएं शामिल हैं.

इसी दौरान उन्होंने एक पैकेजिंग कंपनी शुरू की और उसे सफलतापूर्वक चलाया. पर बाद में एहसास हुआ कि यह कुछ समय के लिए छोटा-सा भटकाव था क्योंकि थ्री-डी स्पेस के प्रति आकर्षण को नजरअंदाज करना उनके लिए असंभव हो गया था. 2016 में उन्होंने औपचारिक रूप से डिजाइनहेक्स की शुरुआत की.

शिमोना ने अपने शुरुआती प्रोजेक्ट्स को परीक्षण माना और अपनी मल्टी-फंक्शनल फिलॉसफी आजमाई और सालों के दौरान धीरे-धीरे पहचान बनाई. आज भी उनकी फर्म का क्रिएटिव आदर्श एक आसान-सी बात पर टिका है: “उम्दा जगहों में खो जाना अच्छा लगता है.” इसी सोच के आधार पर वे उस ‘बेज मिनिमलिज्म’ यानी हल्के रंगों और कम चीजों वाली सादगी को नकारती हैं, जो भारतीय घरों में खूब दिखता है.

आज वे एक बेबाक, स्पष्टता से अपनी बात रखने वाली और ‘मैक्सिमलिज्म’ यानी भरपूर सजावट और रंगों का प्रयोग करने वाली डिजाइनर के तौर पर जानी जाती हैं; उनका काम शानदार और भव्य जगहों का पर्याय बन गया है.

जरा सोचिए, हाथ से पेंट की गई समुद्र जैसी छतें, एंटनी गौडी से प्रेरित संरचनाएं और ऐसे घर जहां जीवंत माहौल लगे, जहां अनोखे पक्षी रह सकें. फिर भी उनके काम सबसे विशिष्ट इसलिए नहीं हैं क्योंकि उसमें चीजों की बहुलता है, बल्कि इसलिए कि उनके डिजाइन तीखे और लीक से हटकर हैं.

पूर्व में वेड एशिया (विमेन इन आर्किटेक्चर ऐंड डिजाइन) और जीवीज अवार्ड जीत चुकीं शिमोना ‘एएचजे 26 ऑफ 26’ आर्किटेक्चर होम जर्नल के दुनिया के बेहतरीन 26 डिजाइनरों को समर्पित सालाना संस्करण में शामिल हो चुकी हैं.

बहुत व्यावहारिक शिमोना कहती हैं, “मैं उन लोगों की तारीफ करती हूं जो एक्सपर्ट बनने के बाद भी सीखने के इच्छुक रहते हैं. जिस पल आपको लगता है कि आपको सब कुछ समझ आ गया है, उसी पल आपका बढ़ना रुक जाता है.”

रिद्धि काले

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