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लीडरशिप का लॉन्चपैड

सर्वाधिक सुधार वाला बिजनेस कॉलेज क्राइस्ट यूनिवर्सिटी है. यह संस्थान नए प्रोग्राम, मल्टीडिसिप्लिनरी लर्निंग और कॉर्पोरेट जगत के साथ साझेदारी के जरिए बदलते समय के अनुसार मैनेजमेंट की पढ़ाई को एक नया रूप दे रही है.

 BBA
क्राइस्ट यूनिवर्सिटी में बीबीए की एक क्लास
अपडेटेड 7 जुलाई , 2026

क्राइस्ट (डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी) का स्कूल ऑफ बिजनेस ऐंड मैनेजमेंट मुख्य रूप से इस पर ध्यान देता है कि छात्रों को कई अलग-अलग विषयों से जुड़ी शिक्षा समन्वित ढंग से कैसे प्रदान की जा सकती है. पिछले एक वर्ष में इसी सोच के साथ कई नए कोर्स भी शुरू किए गए है, जो एक ढर्रे वाले बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) से काफी आगे ले जाते हैं.

इसका फायदा इस वर्ष की रैंकिंग में भी साफ दिख रहा है, जिसमें स्कूल ऑफ बिजनेस ऐंड मैनेजमेंट वर्ष 2022 के चौथे स्थान से छलांग लगाकर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. यह अपनी कैटेगरी में सबसे तेजी से सुधार करने वाला कॉलेज बनकर उभरा है.

इन नए कोर्स में आइएमबीए (इंटीग्रेटेड मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) नाम का एक बिल्कुल नया पांच वर्ष का प्रोग्राम शामिल किया गया है. इसे इस तरह तैयार किया गया कि छात्र ग्रेजुएशन के बाद बिना किसी परेशानी के सीधे पोस्ट-ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर सकें. कॉलेज के डीन प्रो. मैथ्यू कहते हैं, ''आज इंडस्ट्री छात्रों में जो सबसे बड़ा गुण देखती है, वह यही है कि वे नई चीजें जानने के लिए कितने उत्सुक हैं और उन्हें अलग-अलग विषयों की कितनी समझ है.’’

यही वजह है कि जून में शुरू हुए आइएमबीए के पहले बैच में मैनेजमेंट जैसे कोर विषय के साथ ही पब्लिक पॉलिसी, सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी, मीडिया और फिलॉसफी जैसे विषयों को भी जोड़ा गया है. प्रो. मैथ्यू बताते हैं, ''तीसरे साल में छात्रों को मैनेजमेंट के कोर्सेज को करीब से समझने का मौका मिलेगा, और चौथे तथा पांचवें साल में वे अपनी पसंद के किसी एक क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन को चुन सकेंगे.’’

इसके अलावा, तीन वर्ष के पारंपरिक बीबीए कोर्स में भी बड़े बदलाव किए गए हैं. इनमें सबसे खास बदलाव है-दूसरे वर्ष से हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू की सामग्री पर आधारित केस-स्टडी तरीके को बड़े पैमाने पर अपनाना. इस तरीके में 30 से 40 पन्नों के लंबे-चौड़े केसों के बजाय 4-5 पन्नों की छोटी और व्यावहारिक केस-स्टडीज पर ध्यान दिया जाता है.

प्रो. मैथ्यू बताते हैं, ''एक और बड़ा बदलाव यह हुआ है कि हमने रिसर्च को सीखने का जरिया बना दिया है.’’ कॉलेज असाइनमेंट इस तरह से तैयार किए जाते हैं जिसमें छात्र खुद लोगों के इंटरव्यू लें, उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग करें और फिर उसका पूरा विश्लेषण कर क्लास में पेश करें. इस बार बीबीए तृतीय वर्ष के करीब 30 फीसद छात्रों ने नए बीबीए ऑनर्स कोर्स को चुना है.

यहां हर सेमेस्टर में स्किल-लर्निंग कोर्स होते हैं, जिसके तहत शुरू में पहले वर्ष बातचीत के तरीके, टीम के साथ काम करने और लीडरशिप जैसी सॉफ्ट स्किल्स सिखाई जाती हैं. इसके बाद छात्रों को एक्सेल और पावर बीआइ जैसे बिजनेस एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म और फिर आगे चलकर एआइ टूल्स की ट्रेनिंग दी जाती है.

बीबीए प्रोग्राम की हेड अनुराधा आर. कहती हैं, ''भले ही कोडिंग बहुत जरूरी न हो मगर बीबीए के सभी छात्र पायथन जैसी भाषाओं की बुनियादी बातें सीखते हैं. बेंगलूरू एक ऐसा शहर है जहां स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, एंटरटेनमेंट और गेमिंग इंडस्ट्री में काफी संभावनाएं हैं और ये सारी चीजें छात्रों को मजबूत कौशल प्रदान करती हैं जिसे वे आगे और बेहतर बना सकते हैं.’’

संस्थान तीन वर्ष का एक अलग बीबीए डिसीजन साइंस कोर्स भी कराता है. प्रो. मैथ्यू के मुताबिक, इसका सिलेबस इंजीनियरिंग के विषयों से मिलता-जुलता है. इसमें छात्रों को कई तरह के एनालिटिकल टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जाता है और साथ ही उन्हें एक वर्ष के लिए उद्योगों के साथ अप्रेंटिसशिप का मौका भी मिलता है.

अनुराधा का कहना है कि आने वाले साल में कॉर्पोरेट जगत के साथ साझेदारी को और बढ़ाया जाएगा. वे बताती हैं, ''इस साल हम अपने केंगेरी कैंपस में डेलॉइट और जेल एजुकेशन के साथ मिलकर एक ऐसा प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं, जहां फाइनेंस को फिनटेक के साथ जोड़कर पढ़ाया जाएगा.’’

प्रो. मैथ्यू का कहना है कि मार्केट में बीबीए छात्रों की मांग बहुत ज्यादा है. कंपनियां अक्तूबर से ही कैंपस प्लेसमेंट के लिए आने लगती हैं और फरवरी तक प्लेसमेंट की प्रक्रिया लगभग पूरी हो जाती है. वे कहते हैं, ''अगर कंपनियां फरवरी के बाद आती हैं, तो शायद उन्हें प्लेसमेंट के लिए ज्यादा छात्र न मिलें.’’ यही बात इस संस्थान की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है.
 

इंटीग्रेटेड और स्पेशलाइज्ड कोर्सेज, फिनटेक विकल्प और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी में इंटरनेशनल एक्सपोजर...हमारा बीबीए प्रोग्राम इन सबके माध्यम से छात्रों को डायनामिक, समाज के प्रति जिम्मेदार और नए जमाने के उद्यमों के लिहाज से तैयार करता है.
—डॉ. फादर जोस सी.सी., वाइस-चांसलर, क्राइस्ट (डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी).

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