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ऊंचे किए मानक

देश में सर्वाधिक सुधार वाला लॉ कॉलेज लॉयड लॉ कॉलेज, ग्रेटर नोएडा है. टेक्नोलॉजी पर आधारित डिजिटल सबूत, साइबर कानून और डेटा प्राइवेसी सरीखे मुद्दों के साथ कानूनी क्षेत्र तेजी से बदल रहा और ऐसी हर चुनौती को हल कर रहा लॉयड कॉलेज.

LAW
लॉयड कॉलेज.
अपडेटेड 7 जुलाई , 2026

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल सबूत, डेटा प्राइवेसी के नियमों और विवाद सुलझाने के वैकल्पिक तरीकों से कानूनी दुनिया बदल रही है. ऐसे में लॉ स्कूलों के सामने भविष्य के कानूनी माहौल के लिहाज से छात्रों को तैयार करने की चुनौती है. ग्रेटर नोएडा के लॉयड लॉ कॉलेज में कानूनी शिक्षा के नए नजरिए से इसकी तैयारी की जा रही है.

2003 में स्थापित इस कॉलेज के बीए एलएलबी और एलएलबी प्रोग्राम में 6,500 से ज्यादा छात्र हैं. यहां से ऐसे ग्रेजुएट निकलते हैं जो अदालतों, कंपनियों के बोर्डरूमों, मध्यस्थता केंद्रों और सार्वजनिक सेवा की भूमिकाओं को बखूबी निभाने में हर तरह से सहज होते हैं. साल 2022 में 19वें स्थान पर रहने वाला यह कॉलेज इस साल आठवें स्थान पर है और यह सबसे ज्यादा सुधार वाला लॉ कॉलेज है.

लॉयड सबसे अनूठा इसलिए है कि वह मानता है कि कानून को अलग-थलग नहीं सिखाया जा सकता. उसने व्यावहारिक पढ़ाई—जैसे काल्पनिक अदालत (मूट कोर्ट), अभ्यास के मुकदमे, मध्यस्थता की काल्पनिक प्रक्रिया का अभ्यास, कानूनी मसौदे तैयार करने की वर्कशॉप और मुवक्किलों को सलाह देने की कवायद—पर काफी निवेश किया है.

सीनियर डायरेक्टर और डीन डॉ. मोहम्मद सलीम के अनुसार, कॉलेज के 25 से ज्यादा स्किल डेवलपमेंट सेंटर हैं जो विशेषज्ञता विकसित करने में मदद करते हैं. इन सेंटर में लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिएशन ऐंड आर्बिट्रेशन, मूट सोसाइटी, ट्रायल एडवोकेसी सेंटर, फॉरेंसिक साइंस सेंटर और ज्यूडिशियरी की तैयारी के प्लेटफॉर्म शामिल हैं.
 
लॉयड का एक फोकस क्षेत्र डिजिटल सबूत और साइबर कानून है. चूंकि अदालतें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, सोशल मीडिया सामग्री और साइबर अपराधों की जांच से जुड़े मामलों से निबट रही हैं, इसलिए वकीलों से उम्मीद की जाती है कि वे कानूनी सिद्धांतों के साथ-साथ टेक्नोलॉजी को भी समझें.

लॉयड ने विशेष डिजिटल फॉरेंसिक और साइबर सिक्योरिटी सुविधाएं शुरू की हैं, जिनसे छात्रों को सबूतों के विश्लेषण, साइबर जांच और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कानूनी चुनौतियों के बारे में प्रैक्टिकल अनुभव मिलता है. भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) फ्रेमवर्क से निजता के कानून, अनुपालन और प्रशासन के क्षेत्र में नए मौके बन रहे हैं.

इसलिए लॉयड ने छात्रों को कानूनी प्रैक्टिस के तेजी से बढ़ते इस क्षेत्र के लिहाज से तैयार करने के लिए नए कोर्स शुरू किए हैं. कॉलेज ने एआइ, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स और साइबर गवर्नेंस सरीखे क्षेत्रों में भी कदम रखा है. ये ऐसे क्षेत्र हैं जो भविष्य के कानूनी करिअर को आकार देंगे.

लॉयड ने छात्र आदान-प्रदान, शोध सहयोग और वैश्विक कानूनी प्रणालियों को जानने-समझने के लिए पेन स्टेट लॉ, कोलंबो विश्वविद्यालय विधि संकाय और बकिंघम विश्वविद्यालय के साथ समझौता किया है. उसने भारत भर में कानूनी फर्मों, कॉर्पोरेट कानूनी टीमों, न्यायपालिका विशेषज्ञों और उद्योग संगठनों के साथ भी करार किए हैं.

लॉयड लॉ कॉलेज खुद को कानून, प्रौद्योगिकी, नवाचार और प्रैक्टिस सभी धाराओं के संगम के रूप में स्थापित कर रहा है. ऐसे में उसका लक्ष्य ऐसे वकील तैयार करना है जो न केवल खुद भविष्य के लिए तैयार हों, बल्कि उसे गढऩे में भी सक्षम हों. 

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