
जब अभिभावक और छात्र राष्ट्रीय राजधानी में इंजीनियरिंग शिक्षा के बारे में सोचते हैं, तो ध्यान पुराने और ज्यादा स्थापित संस्थानों की ओर जाता है. पिछले डेढ़ दशक में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआइटी) दिल्ली चुपचाप एक भरोसेमंद और तेजी से उभरते नाम के रूप में सामने आया है.
2010 में स्थापित एनआइटी दिल्ली भारत के प्रतिष्ठित एनआइटी नेटवर्क के सबसे युवा सदस्यों में शामिल है. इस नेटवर्क में केंद्र से वित्तपोषित 30 से ज्यादा स्वायत्त तकनीकी संस्थान हैं. इसकी बढ़त इसलिए खास है, क्योंकि अपेक्षाकृत कम समय में इसने वह सब बनाया है जिसे हासिल करने में संस्थानों को दशक लग जाते हैं—मजबूत अकादमिक साख, आधुनिक बुनियादी ढांचा, बढ़ता फैकल्टी आधार, फैलती रिसर्च क्षमता और उद्योग में पहचान.
रैंकिंग भी इस सफर को रेखांकित करती है—एनआइटी दिल्ली 2022 में 20वें स्थान से 2026 में 14वें स्थान पर पहुंचा है और अपनी श्रेणी में सबसे ज्यादा सुधार करने वाला कॉलेज बनकर उभरा है.
राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त और उत्तरी दिल्ली में अपने 51 एकड़ के स्थायी कैंपस से संचालित इस संस्थान की अपील का एक अहम कारण इसकी लोकेशन भी है. राष्ट्रीय राजधानी में होने से छात्रों को सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों और स्टार्टअप्स तक ही पहुंच नहीं मिलती, बल्कि प्रमुख रिसर्च संस्थानों, सरकारी निकायों और नीति निर्माताओं से भी जुड़ाव मिलता है, जो भारत के नवाचार ईकोसिस्टम को तेजी से प्रभावित कर रहे हैं.
यह निकटता क्लासरूम से आगे सहयोग, इंटर्नशिप और एक्सपोजर के अवसर पैदा करती है.
संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में लगातार निवेश कर रहा है. साथ ही अंडरग्रेजुएट रिसर्च और नवाचार पर ज्यादा जोर दे रहा है.

यह आठ अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग कार्यक्रम चलाता है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग से लेकर एआइ ऐंड डेटा साइंस तक स्थापित शाखाएं और नई पीढ़ी की विशेषज्ञताएं शामिल हैं. 2026-27 के लिए कुल प्रवेश क्षमता 450 छात्रों की है.
अपेक्षाकृत छोटा छात्र समुदाय भी इसकी ताकत है. देश के कुछ बड़े इंजीनियरिंग कैंपसों की तुलना में यहां फैकल्टी से संवाद, अकादमिक और अतिरिक्त गतिविधियों वाले क्लबों तथा सोसाइटी में भागीदारी और नेतृत्व भूमिकाएं संभालने के ज्यादा अवसर मिलते हैं.
संस्थान के निदेशक प्रो. अजय के. शर्मा कहते हैं कि एनआइटी दिल्ली ऐसे स्नातक तैयार करना चाहता है, जो सिर्फ कुशल टेक्नोलॉजिस्ट न हों, बल्कि जिम्मेदार नागरिक भी हों और वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हों.
एनआइटी दिल्ली के निदेशक अजय के. शर्मा के मुताबिक, इस संस्थान के पास इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और विज्ञान के प्रमुख विषयों में विशेषज्ञता रखने वाले बेहद योग्य, समर्पित और सफल फैकल्टी सदस्यों की टीम है. एकेडमिक उत्कृष्टता को छात्र विकास की प्रतिबद्धता के साथ जोड़ते हुए वे लगातार प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बने रहते हैं.
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