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इंडिया टुडे बेस्ट कॉलेज सर्वे 2026: डिजाइन में अगुआ बनाने का ब्लूप्रिंट

आइआइटी रुड़की के छात्र आर्किटेक्चर के नए-नए आयामों, यहां तक कि धरती से इतर बसावट की भी थाह ले रहे.

Architecture
इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर ऐंड प्लानिंग, आइआइटी, रुड़की
अपडेटेड 9 जुलाई , 2026

जब जलवायु संबंधी अनिश्चितताएं और टेक्नोलॉजी से पैदा उथल-पुथल शहरों की डिजाइनिंग के बारे में गंभीरता से पुनर्विचार की मांग कर रही हों, ऐसे समय में आइआइटी रुड़की का वास्तुकला और योजना विभाग एक कदम आगे चल रहा है. आने वाले एकेडमिक वर्ष में यह संस्थान स्थानों से जुड़े पारंपरिक डिजाइन से आगे बढ़कर पांच ऐसी थीम लेकर आ रहा है जो नए युग की इबारत लिख सकती हैं.

इनमें सबसे प्रमुख है जलवायु के अनुकूल रिहाइशों की डिजाइन की शुरुआत, जिसमें छात्रों को लंबे समय तक टिकाऊ वास्तुकला की चुनौतियों से निबटने का प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके लिए शिक्षक और विद्यार्थी देशज वास्तुकला के विकास के सिलसिले का पता लगाएंगे और प्राचीन तकनीक तथा मॉडर्न स्मार्ट कंफिगरेशंस के बीच की दूरी पाटने के लिए उनमें से सर्वश्रेष्ठ का उपयोग करेंगे.

पाठ्यक्रम को बढ़ाकर उसमें लैंडस्केप ईकोलॉजी, शहरी जलवायु संबंधी आंतरिक दृढ़ता और धरोहरों के संरक्षण के तरीकों को शामिल किया गया है. छात्र पृथ्वी से बाहर दूसरे ग्रहों पर रिहाइशी ठिकाने की डिजाइनिंग और धरती से बाहर की आबोहवा के लिए डिजाइनिंग की युक्तियां समझेंगे.

इस साल यह संस्थान अपना नया इंटरडिसिप्लिनरी और स्टुडियो-आधारित शिक्षा मॉडल भी शुरू कर रहा है. एकेडमिक डिजाइन अब कंप्यूटेशनल और इंजीनियरिंग साइंसेज के साथ सीधे घुल-मिल गई हैं. छात्र परियोजनाओं पर सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और अर्थ साइंसेज के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करेंगे.

स्टुडियो में आने वाली समस्याओं को सुलझाने के लिए स्ट्रक्चरल डिजाइंस का कई कोणों से मूल्यांकन किया जाएगा, और उनमें जल संसाधन प्रबंधन, यातायात ग्रिड इंजीनियरिंग, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल साधनों और उन्नत सुरक्षा तथा डेटा प्रणालियों को समाहित किया जाएगा.

इसके लिए स्टुडियो के माहौल में व्यापक डिजिटल बदलाव किए जा रहे हैं. आने वाले छात्र रियल टाइम में वर्चुअल सिक्वयुलेशन के लिए बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग आर्किटेक्चर में महारत हासिल करेंगे.

शिक्षक और छात्र जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम, जियोस्पैशियल एनालिटिक्स और शहरी डेटा विज्ञान का इस्तेमाल करके जटिल जनसांख्यिकीय रुझानों का खाका तैयार करना सीखेंगे. सबसे खास बात यह कि विभाग रिसर्च डिजाइन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग को गहराई से जोड़ रहा है.

अलग-अलग विषयों की इंजीनियरिंग और कंप्यूटेशनल ताकत के मेल से आइआइटी रुड़की यह पन्न्का कर रहा है कि छात्र ऐसे डिजाइन तैयार कर सकें जो भविष्य में भी सफल, उपयोगी और प्रासंगिक बने रहें.

इंडिया टुडे के बेस्ट कॉलेज सर्वे 2026:

देशभर के 1,800 से अधिक संस्थानों की 14 प्रमुख स्ट्रीम्स में रैंकिंग, साथ में कोर्स, प्लेसमेंट और कैंपस लाइफ का विस्तृत विश्लेषण पढ़िए इंडिया टुडे के इस विशेषांक में. भारत के बेस्ट आर्किटेक्चर  कॉलेज कौन-से हैं? पूरी लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें- https://bestcolleges.indiatoday.in/full-rankings 

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