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विशेषांकः महिला पेशेवरों के लिए खास पहनावा

वे बताती हैं कि कंपनी का राजस्व दो सालों में आठ गुना बढ़ा. यह और भी बड़ी उपलब्धि इसलिए है क्योंकि ऐसा महामारी के दौरान हुआ.

आयुषि गुडवाणी
आयुषि गुडवाणी
अपडेटेड 3 जनवरी , 2022

नई नस्ल 100 नुमाइंदे/उद्यमी

आयुषि गुडवाणी, 37 वर्ष
संस्थापक और सीईओ, फेबलस्ट्रीट, गुरुग्राम

मै किंजी के साथ मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर काम शुरू करने पर एक कमी जल्द ही उनकी निगाह में खटकी. वह थी महिलाओं के लिए पेशेवर पहनावे के ज्यादा विकल्प न होना. इस क्षेत्र के ज्यादातर ब्रांड अंतरराष्ट्रीय थे, जिनमें कपड़े खास तौर पर भारतीय महिलाओं के मुताबिक डिजाइन नहीं किए जाते.

उन्होंने मौका देखा और 2016 में फेबलस्ट्रीट की स्थापना की. यह खास तौर पर भारतीय पेशेवर महिलाओं की जरूरतें पूरी करने वाला घरेलू क्लोदिंग ब्रांड है. गुडवाणी कहती हैं कि ऐसे उत्पादों में हालांकि उनकी निजी दिलचस्पी थी, पर दिमाग में साफ था कि कंपनी जज्बाती होने की बजाए ठोस बिजनेस मॉडल पर खड़ी होगी.

वे बताती हैं कि कंपनी का राजस्व दो सालों में आठ गुना बढ़ा. यह और भी बड़ी उपलब्धि इसलिए है क्योंकि ऐसा महामारी के दौरान हुआ. वे कहती हैं, ''सिलाई को छोड़कर मैं गारमेंट बिजनेस की हर चीज जानती और कर सकती हूं.’’

उन्होंने फंडिग के दो कामयाब दौर चलाए हैं. सीड फंडिंग में करीब 5,00,000 डॉलर (3.8 करोड़ रुपए) जबकि फायरसाइड वेंचर्स से करीब 30 लाख डॉलर (22 करोड़ रुपए) जुटाए. वे कहती हैं कि उनका लक्ष्य महामारी के खत्म होने के साथ भारत के हर मेट्रो शहर में स्टोर खोलना है.

खेल और कसरत का शौक गुडवानी वीकेंड में बैडमिंटन खेलती हैं और उनकी पसंदीदा कसरत वजन लेकर उठ-बैठ करना है.

''उद्यमशीलता का सफर मुश्किल है, और ऐसा हमेशा रहेगा. यह सिफर से शुरुआत करने की जरूरत के साथ आती है’’

पर्यावरण के सरोकार

रिया मजूमदार सिंघल, 39 वर्ष
संस्थापक और सीईओ, ईकोवेयर, दिल्ली

उनका मिशन अनूठा है. टिकाऊ पैकेजिंग को जीवन का तरीका बनाने की खातिर सिंघल ने बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बने छुरी-कांटे-चम्मच (कटलरी) का इस्तेमाल करने के लिए देश की खानपान दिग्गज हल्दीराम की पसंद को सामने रखा है.

डिस्पोजेबल कटलरी से पैदा हुए प्लास्टिक कचरे की मात्रा से परेशान—जिसके पर्यावरण पर बुरे नतीजे भुगतने पड़ते हैं—सिंघल ने उसकी जगह एक उपयुक्त सामग्री खोजने पर काम किया. उन्होंने गन्ने की खोई (गन्ने से रस निकाले जाने के बाद बचा हुआ अवशेष) को आजमाया, और अब उनकी  फर्म का दावा है कि इसकी कटलरी केवल 30 दिनों में मिट्टी में नष्ट हो जाती है.

सिंघल ने 2010 में इकोवेयर की स्थापना की थी और उन्होंने वर्तमान में इसका कारोबार को 30 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपए करने का लक्ष्य रखा है. उनके पास भारतीय रेलवे, सिनाबोन, फैबकैफे, सबवे और चायोस सरीखे बड़े ग्राहकों की सूची बढ़ती ही जा रही है.

उनकी फर्म होटल ( जिनमें ताज, लीला, ललित, नोवोटेल और ओबेरॉय शामिल हैं) के साथ-साथ जेपी मॉर्गन, गोल्डमैन सैक्स और बेन कैपिटल के ऑफिस कैंटीन को भी सामान मुहैया कराती है. सिंघल को  2019 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नारी शन्न्ति पुरस्कार से सक्वमानित किया था.
—श्वेता पुंज

सुबह-सवेरे... कड़ी कसरत करने के लिए सिंघल रोजाना सुबह 5:45 बजे उठ जाती हैं, वे कहती हैं कि इससे वे शरीर और मन दोनों में मजबूत बनी रहती है और काम में लगन लगी रहती है

''हम अपने उत्पादों को कस्बों और छोटे शहरों में पहुंचाना चाहते हैं तथा ईकोवेयर के समाज और पर्यावरण सकारात्मक असर को बढ़ाना चाहते हैं. प्रदूषण दुनिया भर की समस्या है जिसके ठोस समाधान की जरूरत है’’.

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