नई नस्ल 100 नुमाइंदे/वारिस
अद्वैता नायर, 31 वर्ष
सीईओ, नायका फैशन, मुंबई
पूर्व इनवेस्टमेंट बैंकर फाल्गुनी नायर ने जब सौंदर्य के कारोबार में कदम रखने का फैसला किया, वे अपने तमाम आइडिया पर बेटी अद्वैता के साथ चर्चा करती रहती थीं. अद्वैता नायका के आकार ग्रहण करते वक्त अभी कॉलेज में पढ़ ही रही थीं.
फाल्गुनी और संजय नायर की बेटी पढ़ाई के दौरान तीन महीने की छुट्टी पर घर आईं और उन्होंने मां के साथ काम करते हुए कारोबार की बुनियादी बातें तय कीं. इनमें कंपनी की वेबसाइट का वायरफ्रेम भी था, जो आज भी वैसा ही है जैसा 10 साल पहले कारोबार शुरू करते वक्त था.
नायका फैशन की सीईओ होने के नाते अद्वैता का काम चुनौतियों से भरा है. उन्हें प्रतिस्पर्धी और मौसम के साथ बदलते फैशन के बाजार में ब्रांड की मौजूदगी स्थापित करनी होती है. उनका ध्येयवाक्य है:
जमकर क्यूरेट करो और वैल्यू के साथ स्टाइल पेश करो. आज नायका के पास 400 ब्रांड हैं और 40 शहरों में 20 वेयरहाउस और 80 स्टोर हैं. कंपनी हाल में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई और यह सबसे कामयाब लिस्टिंग में से एक थी. इसका आइपीओ आखिरी दिन 81.78 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ.
रियायत? ना ना नायर को छूट या डिस्काउंट का खुदरा मॉडल बिल्कुल पसंद नहीं. वे कहती हैं कि इससे ब्रांड की अहमियत घटती जाती है
''लोग जिसे दो साल में हासिल करने की ख्वाहिश रखते हैं, हम उसे अगले छह महीने में ही पा लेना चाहते हैं.’’

