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डार्क मोड

भारत का नया टैंक संहारक

एफजीएम-148 जैवलिन ऐंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल अमेरिका में बनी तीसरी पीढ़ी की एटीजीएम प्रणाली है

defence
जैवलिन को कोई भी फौजी कंधे पर ले जा सकता है
अपडेटेड 13 सितंबर , 2026

भारत ने जैवलिन ऐंटी-टैंक मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए 28 अगस्त को अमेरिका के साथ प्रस्ताव और स्वीकृ‌ित-पत्र पर दस्तखत कर दिए. सरकार के आपातकालीन खरीद कार्यक्रम के तहत की जा रही इस खरीद से बख्तरबंद वाहनों को खोजने और खत्म करने वाले सेना के असलहे में इजाफा होगा.

भविष्य में ये ऐंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें (एटीजीएम) भारत में ही बनाई जा सकती हैं. इसके लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और अमेरिकी रक्षा फर्म रेथियॉन और लॉकहीड मार्टिन से मिलकर बने जैवलिन जॉइंट वेंचर के बीच एमओयू पर 30 अगस्त को दस्तखत हुए. कल-पुर्जों के उत्पादन के साथ अंतिम असेंबली के लिए एक भारतीय संयंत्र के चुनाव की प्रक्रिया चल रही

 

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