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आस्था और प्रेम

जलस्तर घटने से बढ़ी चिंता के बीच नागार्जुन सागर जलाशय में इस अनुष्ठान में 108 ऋत्विकों (पुजारियों) ने हवन कराया. वैसे, यह जगह इस दंपती की पुरानी और मीठी यादों से भी जुड़ी है. मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी की पहली मुलाकात यहीं हुई थी

खूबसूरत पुरानी यादें : सीएम रेवंत रेड्डी और पत्नी गीता
अपडेटेड 1 सितंबर , 2026

तेलंगाना के मौजूदा सीएम रेवंत रेड्डी और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव भले एक-दूसरे के धुर विरोधी हों लेकिन बात राज्य की समृद्धि की हो तो यज्ञ की शक्ति पर दोनों को अटूट विश्वास है.

राज्य पर ईश्वर की कृपा बनी रहे इसके लिए केसीआर ने अपने दोनों कार्यकालों के दौरान कई दिनों तक चलने वाले बड़े-बड़े वैदिक अनुष्ठान कराए थे. वहीं रेवंत रेड्डी ने भी इस माह के शुरू में पत्नी गीता के साथ मिलकर महा वरुण यज्ञ किया.

जलस्तर घटने से बढ़ी चिंता के बीच नागार्जुन सागर जलाशय में इस अनुष्ठान में 108 ऋत्विकों (पुजारियों) ने हवन कराया. वैसे, यह जगह इस दंपती की पुरानी और मीठी यादों से भी जुड़ी है.

सूत्रों का कहना है कि तीन दशक से भी ज्यादा समय पहले मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी की पहली मुलाकात यहीं हुई थी और उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया था. दंपती ने बारिश की प्रार्थना के साथ-साथ अपनी खूबसूरत पुरानी यादों को भी फिर से ताजा कर लिया!

सपा बनाम रालोद

चवन्नी पर बवाल

अखिलेश यादव ने हाल ही कुछ अलग अंदाज में टिप्पणी करके अपने पूर्व सहयोगी और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के पुराने राजनैतिक जख्मों को फिर से कुरेद दिया.

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रमुख पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “हमने चवन्नी को रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए.” अखिलेश की टिप्पणी का सीधा आशय यह था कि उन्होंने जयंत की राजनैतिक हैसियत को कई गुना बढ़ाया, फिर भी वे उनका साथ छोड़ गए.

अखिलेश यादव और जयंत चौधरी

2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में अकेले लड़कर महज एक सीट पाने वाले रालोद ने 2022 में सपा से हाथ मिलाने के बाद आठ सीटें जीती थीं. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जयंत और उनकी पार्टी भाजपा की अगुआई वाले एनडीए का हिस्सा बन गई.

अखिलेश के बयान पर रालोद का मानना है कि यह पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत चौधरी चरण सिंह (राजनीति में खासा कद रखने वाले जयंत के दादा) और पश्चिमी यूपी के किसान समाज का अपमान है.

अपनी गलती पर चुप्पी

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आधिकारिक एक्स हैंडल का इन दिनों दूसरों की गलतियां ढूंढ़ना मानो एक मिशन बन गया है. उन्होंने बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह को स्वतंत्रता दिवस पर आड़े हाथों लिया क्योंकि उन्होंने गलती से महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ की जगह ‘राष्ट्रपति’ कह दिया था.

चुप्पी साधनी ही थी : राजद प्रमुख तेजस्वी यादव

इसके अलावा, उन्होंने तिरंगा फहराने के बाद कैमरे की तरफ देखकर सलामी देते स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का एक वीडियो भी पोस्ट किया लेकिन 17 अगस्त को ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की स्मृति में आयोजित एक पार्टी बैठक में राजद प्रमुख तेजस्वी यादव गलती से उन्हें जीतन राम मांझी कह बैठे, जो एनडीए के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री हैं. ऐसे में पार्टी को चुप्पी साधनी ही थी.

हार का पोस्टमार्टम

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पहले चरण में पार्टी की जिला इकाई भंग कर दी गई. अब खबर है कि पार्टी के नेता दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के तबादले का दबाव बना रहे हैं क्योंकि वे सीट “नहीं दिला पाए.” मई में तैनात किए गए खंडेलवाल को पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच जारी खींचतान में बलि का बकरा बनाया जा सकता है.

कौन दोस्त है और कौन दुश्मन : मोहन यादव और नरोत्तम मिश्र

हालांकि, यही खींचतान शायद उनका तबादला रोक भी दे. चुनाव प्रचार के दौरान जब हाइवे जाम करने पर पुलिस ने नरोत्तम मिश्र समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की थी, तब उन्होंने चेताया था कि वे यह याद रखते हैं कि कौन दोस्त है और कौन दुश्मन.

ऐसे में खंडेलवाल का तबादला करना मिश्र के गुस्से को जायज ठहराने जैसा होगा, और मुख्यमंत्री कतई ऐसा नहीं चाहेंगे.

—साथ में प्रसाद निचेनमेटला, अवनीश मिश्र, अमिताभ श्रीवास्तव और राहुल नरोन्हा
 

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