जब आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी अलबर्ट जोसेफ हैं फ्रेन चार साल पहले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआइटी) पटना में दाखिला लेने आ रहे थे, तब उनके परिजन बिहार की कथित बदनाम छवि को लेकर फिक्रमंद थे. लेकिन हैंफ्रेन यह कहकर पटना चले आए कि स्थिति ठीक नहीं रही तो हफ्ते भर में लौट आएंगे. लेकिन पिछले चार साल में पढ़ाई के दौरान पटना के प्रति हैंफ्रेन का नजरिया ही बदल गया. वे कहते हैं, ‘‘मम्मी-पापा की आशंका भ्रम साबित हुई. पटना ऐतिहासिक और सुंदर शहर है. शिक्षा के हब के रूप में विकसित हो रहा है, जहां कामयाबी का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है.’’ हैंफ्रेन की कहानी पटना के प्रति लोगों के नजरिए में बदलाव की बानगी भर है.
हाल यह है कि पटना की आबादी 20 लाख को पार कर गई है. पटना में आबादी यूं ही नहीं बढ़ी. आइआइटी, एनआइटी, निफ्ट, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय जैसे कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों ने इसे बड़ा आकार दिया है.
पटना में विकास की गति काफी तेज हुई है. पांच साल में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 34.7 फीसदी की वृद्धि हुई है तो केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2010-11 में 15 फीसदी मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ दर्ज की गई. यहां सड़कों और पुलों का तेजी से विस्तार हुआ है. पिछले छह साल में आठ किलोमीटर के छह ओवरब्रिज और फ्लाइओवर बने हैं.
रियल एस्टेट में जबरदस्त इजाफा हुआ है. सिटी मेयर्स फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, तेजी से विकास करने में पटना दुनिया में 21वें और देश में पांचवें स्थान पर है. वर्ल्ड बैंक भी आसानी से बिजनेस शुरू करने के लिए देश में पटना को दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर बता चुका है. पटना के के.पी. जायसवाल शोध संस्थान के डायरेक्टर डॉ. विजय कुमार चौधरी कहते हैं, ‘‘बदली व्यवस्था का असर पटना में दिखाई दे रहा है.’’
अब पटना में मेट्रो के लिए सड़कों और कॉरिडॉर को चिन्हित किया गया है. दिल्ली की तर्ज पर पटना रेलवे स्टेशन को विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है. सरकार ने पटना को आकर्षक बनाने के लिए अर्बन टाउन प्लानिंग एक्ट तैयार किया है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते हैं, ‘‘जनसुविधाओं के मानकों का अनुपालन बिल्डिंग निर्माण के दौरान किया जाना जरूरी है.’’ पटना के विकास के लिए 2031 के संशोधित प्लान पर काम चल रहा है. पटना अब महानगर बनने की ओर कदम बढ़ा चुका है.
शहर एक नजर
ताकतः दर्जनों महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल. सरकारी और गैर-सरकारी एजुकेशनल संस्थान, बड़ा उपभोक्ता बाजार.
कमजोरीः बड़े उद्योग-धंधों की कमी और कमजोर आधारभूत संरचना बहुत बड़ी रुकावट है. लचर ट्रैफिक व्यवस्था से शहर परेशान रहता है.
संभावनाएं: मानव संसाधन की असीम ताकत, उद्योग विकसित किए जाने की संभावनाएं, उपेक्षित ऐतिहासिक स्थलों के विकास की संभावनाएं.
बेहतरीन शहर: तरक्की का दम भरता पटना
बिहार में बदलती बयार के बीच राजधानी पटना न सिर्फ एजुकेशन हब बनी है बल्कि यहां रियल एस्टेट कारोबार में 300 गुना की बढ़ोतरी दर्ज हुई है.

अपडेटेड 25 फ़रवरी , 2014
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